ज्ञानेश्वरी यादव का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक, PM मोदी समेत शीर्ष नेताओं ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं की 53 किग्रा भार वर्ग में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। 27 जुलाई को हुए इस मुकाबले में ज्ञानेश्वरी स्वर्ण पदक से मात्र 7 किलोग्राम के अंतर से चूक गईं, लेकिन उन्होंने अपना निजी श्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। यह उनका पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था।
ज्ञानेश्वरी का प्रदर्शन और प्रतिक्रिया
पदक जीतने के बाद मीडिया से बात करते हुए ज्ञानेश्वरी यादव ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूँ। यह मेरा पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है। मेरा मकसद अपना निजी श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पदक जीतना था। मैंने वही किया। अन्य प्रतियोगी भी काफी मजबूत थे, इसलिए स्वर्ण पदक नहीं जीत पाई। मैं रजत पदक से खुश हूँ।' उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि उन्होंने सभी छह लिफ्ट सफलतापूर्वक पूरी कीं।
शीर्ष नेताओं की बधाई
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, 'कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं की 53 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में रजत पदक जीतने पर ज्ञानेश्वरी यादव को बहुत-बहुत बधाई। पूरा देश इस शानदार कामयाबी का जश्न मना रहा है और आपकी कामयाबी पर गर्व कर रहा है। आगे के सफर में आपको हर तरह की सफलता की दुआ करता हूँ।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'कॉमनवेल्थ गेम्स ग्लासगो 2026 में वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतने पर ज्ञानेश्वरी यादव को बधाई। यह सफलता और भी खास है क्योंकि उन्होंने इस प्रतियोगिता में अपना निजी श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उनकी सफलता भारत के युवाओं को प्रेरित करे। आगे के सफर में उनकी लगातार सफलता की कामना करता हूँ।'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग इवेंट में रजत पदक जीतने पर ज्ञानेश्वरी यादव को बधाई। सभी छह लिफ्ट सफलतापूर्वक पूरी करके एक नया निजी श्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाना उनकी शानदार तैयारी, धैर्य और हिम्मत को दिखाता है। आने वाले सालों में उनके लिए और भी कई उपलब्धियों और लगातार सफलता की कामना करता हूँ।'
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर लिखा, 'भारत का गौरव और ऊँचा करते हुए — खेलो इंडिया एथलीट ज्ञानेश्वरी यादव को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 53 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में कड़े मुकाबले में रजत पदक जीतने पर बहुत-बहुत बधाई।'
स्वर्ण और कांस्य विजेताओं की प्रतिक्रिया
महिलाओं की 53 किग्रा स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली नाइजीरिया की डिडिह ओनोमे ओमोलोला ने कहा, 'मेरे देश को और मेरे आस-पास के सभी लोगों को बधाई, क्योंकि ग्लासगो में होना मेरे लिए एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। यह मेरा पहला गेम्स है। यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैंने खुद से वादा किया था कि मैं यह स्वर्ण पदक जीतने के लिए कुछ भी करूँगी, और मैंने यह कर दिखाया है।'
कांस्य पदक विजेता कनाडा की रेबेका ग्रौल्क्स ने कहा, 'मैंने सच में अपने प्रदर्शन पर ध्यान देने, कमरे की ऊर्जा को महसूस करने और अपनी तकनीक पर फोकस करने की कोशिश की — और मैंने वही किया। इसका नतीजा कांस्य पदक के रूप में मिला। मैं खुश हूँ कि इतने मजबूत विरोधियों के साथ मुकाबला करके पदक जीत सकी।'
भारतीय वेटलिफ्टिंग का बढ़ता कद
गौरतलब है कि खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित ज्ञानेश्वरी यादव जैसे एथलीटों का अंतरराष्ट्रीय मंच पर उभरना भारतीय वेटलिफ्टिंग की गहरी होती जड़ों का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना समग्र पदक प्रदर्शन सुधारने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। आगामी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में ज्ञानेश्वरी से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।