मीराबाई चानू की स्वर्ण हैट्रिक: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला गोल्ड, PM मोदी ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
मीराबाई चानू ने 27 जुलाई 2026 को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला वेटलिफ्टिंग के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को इन खेलों में पहला गोल्ड दिलाया। यह लगातार तीसरी बार है जब चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया — और उनका कुल चौथा कॉमनवेल्थ पदक भी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर देश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें बधाई दी।
स्वर्ण हैट्रिक का सफर
चानू का यह प्रदर्शन भारतीय वेटलिफ्टिंग के इतिहास में एक असाधारण मील का पत्थर है। 48 किग्रा वर्ग में लगातार तीन कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक जीतना किसी भी भारतीय भारोत्तोलक के लिए अभूतपूर्व उपलब्धि है। गौरतलब है कि चानू ने इससे पहले बर्मिंघम और गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीते थे, और टोक्यो ओलंपिक 2020 में रजत पदक भी अपने नाम किया था।
उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतने पर मीराबाई चानू को बहुत-बहुत बधाई। इतने सालों में भारत के लिए सबसे ऊंचे स्तर पर लगातार पदक जीतने का आपका प्रदर्शन आपके जबरदस्त समर्पण, हिम्मत और बेहतरीन काम करने की आपकी कोशिश को दिखाता है।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय वेटलिफ्टिंग में एक और शानदार अध्याय। प्रतिभावान मीराबाई चानू ने एक बार फिर कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किग्रा कैटेगरी में शानदार परफॉर्मेंस देकर स्वर्ण पदक जीतकर अपनी स्किल्स दिखाईं। लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण और चौथा कॉमनवेल्थ पदक लेकर, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।'
खेल मंत्री और किरेन रिजिजू की बधाई
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे 'स्वर्ण पदक की हैट्रिक' करार देते हुए कहा, 'आपका अटूट समर्पण, शानदार निरंतरता और असाधारण ताकत भारत को वैश्विक मंच पर गर्व कराती रहेगी।' केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने चानू को 'एक चैंपियन, एक ट्रेलब्लेजर और भारत की ताकत का प्रतीक' बताते हुए कहा, 'आपकी जीत एक पदक से कहीं ज्यादा है — यह लगन, बेहतरीन काम और नारी शक्ति की कभी न हारने वाली भावना का जश्न है।'
भारतीय खेलों के लिए क्या मायने रखता है यह पदक
यह ऐसे समय में आया है जब भारत ग्लासगो में अपने पदक अभियान की शुरुआत कर रहा है। चानू का स्वर्ण पदक न केवल भारत के पदक तालिका में पहली एंट्री है, बल्कि यह महिला खेलों में भारत की बढ़ती ताकत का भी प्रतीक है। मणिपुर की इस बेटी ने एक बार फिर साबित किया है कि निरंतर मेहनत और समर्पण से शिखर को बार-बार छुआ जा सकता है। आने वाले दिनों में भारत के अन्य खिलाड़ी भी पदक की दौड़ में उतरेंगे और चानू की यह जीत पूरे दल के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।