मीराबाई चानू की ग्लासगो में 'गोल्डन हैट्रिक': कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 190 किग्रा के साथ स्नैच रिकॉर्ड ध्वस्त
सारांश
मुख्य बातें
ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने 27 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिला 48 किग्रा स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 190 किग्रा के कुल भार के साथ उन्होंने न केवल गेम्स रिकॉर्ड बल्कि कॉमनवेल्थ स्नैच रिकॉर्ड भी तोड़ा, और लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर 'गोल्डन हैट्रिक' पूरी की। मणिपुर की इस वेटलिफ्टर ने रजत पदक विजेता से पूरे 22 किग्रा अधिक वजन उठाकर अपनी श्रेष्ठता साबित की।
मुख्य घटनाक्रम: स्नैच से स्वर्ण तक
मीराबाई की शुरुआत आसान नहीं रही — वह 82 किग्रा स्नैच के पहले प्रयास में असफल रहीं। लेकिन टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता ने दूसरे प्रयास में वही भार उठाया और फिर अंतिम प्रयास में बार का वजन बढ़ाकर 85 किग्रा कर दिया, जिससे उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और कॉमनवेल्थ स्नैच का नया रिकॉर्ड स्थापित किया।
क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले प्रयास में बार गिरा दी, परंतु दूसरे प्रयास में 105 किग्रा सफलतापूर्वक उठाकर स्वर्ण पदक सुनिश्चित कर लिया। स्नैच में 8 किग्रा की बढ़त पहले ही पदक की राह साफ कर चुकी थी।
पदक तालिका: भारत, नाइजीरिया, मलेशिया
नाइजीरिया की रूथ असुकुओ न्योंग ने कुल 168 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया, जो मीराबाई के प्रदर्शन से 22 किग्रा कम था। मलेशिया की आइरीन हेनरी कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।
चानू का कॉमनवेल्थ सफर
मीराबाई का कॉमनवेल्थ गेम्स में सफर 2014 ग्लासगो से शुरू हुआ था, जब उन्होंने रजत पदक जीता था। इसके बाद 2018 गोल्ड कोस्ट, 2022 बर्मिंघम और अब 2026 ग्लासगो में उन्होंने लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते। गौरतलब है कि 2026 के इस संस्करण में वह भारत की पहली स्वर्ण पदक विजेता भी बनीं।
ऋषिकांता ने भी चमकाया भारत का नाम
उसी दिन ऋषिकांता सिंह चानंबम ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर ग्लासगो गेम्स में भारत का पदक खाता खोला था। ऋषिकांता ने स्नैच में 121 किग्रा वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड तोड़ा — पिछला रिकॉर्ड 120 किग्रा था। क्लीन एंड जर्क में 143 किग्रा के साथ उनका कुल भार 264 किग्रा रहा।
मलेशिया के बिन कस्डन मोहम्मद अनिक ने 273 किग्रा के साथ स्वर्ण और केन्या के जोशुआ अमूंगा मबोया ने 260 किग्रा के साथ कांस्य पदक जीता।
आगे क्या
मीराबाई की यह हैट्रिक भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए एक नई ऊँचाई है। अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग महासंघ के कैलेंडर के अनुसार, उनका अगला बड़ा लक्ष्य 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक पूरा करना होगा — वह उपलब्धि जो अभी तक उनके करियर में शेष है।