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मीराबाई चानू की ग्लासगो में 'गोल्डन हैट्रिक': कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 190 किग्रा के साथ स्नैच रिकॉर्ड ध्वस्त

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मीराबाई चानू की ग्लासगो में 'गोल्डन हैट्रिक': कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 190 किग्रा के साथ स्नैच रिकॉर्ड ध्वस्त

सारांश

मीराबाई चानू का ग्लासगो में यह प्रदर्शन महज एक और पदक नहीं था — यह एक दशक की मेहनत का सोने में ढला जवाब था। 2014 में रजत से शुरू हुआ सफर 2026 में 'गोल्डन हैट्रिक' पर आकर रुका, और 85 किग्रा स्नैच रिकॉर्ड के साथ उन्होंने साफ संदेश दिया — वह अभी थकी नहीं हैं।

मुख्य बातें

मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला 48 किग्रा वर्ग में 190 किग्रा कुल भार के साथ स्वर्ण पदक जीता।
उन्होंने 85 किग्रा स्नैच के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स और कॉमनवेल्थ स्नैच रिकॉर्ड दोनों तोड़े।
2018 गोल्ड कोस्ट , 2022 बर्मिंघम और 2026 ग्लासगो — लगातार तीन कॉमनवेल्थ स्वर्ण के साथ 'गोल्डन हैट्रिक' पूरी।
रजत पदक विजेता नाइजीरिया की रूथ असुकुओ न्योंग ( 168 किग्रा ) मीराबाई से 22 किग्रा पीछे रहीं।
ऋषिकांता सिंह चानंबम ने पुरुष 60 किग्रा में 264 किग्रा के साथ रजत जीता, स्नैच में 121 किग्रा का कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया।

ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने 27 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिला 48 किग्रा स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 190 किग्रा के कुल भार के साथ उन्होंने न केवल गेम्स रिकॉर्ड बल्कि कॉमनवेल्थ स्नैच रिकॉर्ड भी तोड़ा, और लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर 'गोल्डन हैट्रिक' पूरी की। मणिपुर की इस वेटलिफ्टर ने रजत पदक विजेता से पूरे 22 किग्रा अधिक वजन उठाकर अपनी श्रेष्ठता साबित की।

मुख्य घटनाक्रम: स्नैच से स्वर्ण तक

मीराबाई की शुरुआत आसान नहीं रही — वह 82 किग्रा स्नैच के पहले प्रयास में असफल रहीं। लेकिन टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता ने दूसरे प्रयास में वही भार उठाया और फिर अंतिम प्रयास में बार का वजन बढ़ाकर 85 किग्रा कर दिया, जिससे उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और कॉमनवेल्थ स्नैच का नया रिकॉर्ड स्थापित किया।

क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले प्रयास में बार गिरा दी, परंतु दूसरे प्रयास में 105 किग्रा सफलतापूर्वक उठाकर स्वर्ण पदक सुनिश्चित कर लिया। स्नैच में 8 किग्रा की बढ़त पहले ही पदक की राह साफ कर चुकी थी।

पदक तालिका: भारत, नाइजीरिया, मलेशिया

नाइजीरिया की रूथ असुकुओ न्योंग ने कुल 168 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया, जो मीराबाई के प्रदर्शन से 22 किग्रा कम था। मलेशिया की आइरीन हेनरी कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।

चानू का कॉमनवेल्थ सफर

मीराबाई का कॉमनवेल्थ गेम्स में सफर 2014 ग्लासगो से शुरू हुआ था, जब उन्होंने रजत पदक जीता था। इसके बाद 2018 गोल्ड कोस्ट, 2022 बर्मिंघम और अब 2026 ग्लासगो में उन्होंने लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते। गौरतलब है कि 2026 के इस संस्करण में वह भारत की पहली स्वर्ण पदक विजेता भी बनीं।

ऋषिकांता ने भी चमकाया भारत का नाम

उसी दिन ऋषिकांता सिंह चानंबम ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर ग्लासगो गेम्स में भारत का पदक खाता खोला था। ऋषिकांता ने स्नैच में 121 किग्रा वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड तोड़ा — पिछला रिकॉर्ड 120 किग्रा था। क्लीन एंड जर्क में 143 किग्रा के साथ उनका कुल भार 264 किग्रा रहा।

मलेशिया के बिन कस्डन मोहम्मद अनिक ने 273 किग्रा के साथ स्वर्ण और केन्या के जोशुआ अमूंगा मबोया ने 260 किग्रा के साथ कांस्य पदक जीता।

आगे क्या

मीराबाई की यह हैट्रिक भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए एक नई ऊँचाई है। अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग महासंघ के कैलेंडर के अनुसार, उनका अगला बड़ा लक्ष्य 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक पूरा करना होगा — वह उपलब्धि जो अभी तक उनके करियर में शेष है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और 85 किग्रा स्नैच रिकॉर्ड बताता है कि वह उस दिशा में तेज़ी से बढ़ रही हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कितना वजन उठाया?
मीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला 48 किग्रा वर्ग में कुल 190 किग्रा वजन उठाया — स्नैच में 85 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 105 किग्रा। इसी के साथ उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और कॉमनवेल्थ स्नैच रिकॉर्ड भी तोड़े।
मीराबाई चानू की कॉमनवेल्थ गेम्स में 'गोल्डन हैट्रिक' क्या है?
मीराबाई चानू ने 2018 गोल्ड कोस्ट, 2022 बर्मिंघम और 2026 ग्लासगो — लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीते हैं, जिसे 'गोल्डन हैट्रिक' कहा जा रहा है। इससे पहले 2014 ग्लासगो में उन्होंने रजत पदक जीता था।
ऋषिकांता सिंह चानंबम ने ग्लासगो में क्या उपलब्धि हासिल की?
ऋषिकांता सिंह चानंबम ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में 264 किग्रा (स्नैच 121 किग्रा + क्लीन एंड जर्क 143 किग्रा) के साथ रजत पदक जीता। स्नैच में उन्होंने 121 किग्रा उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड तोड़ा, जो पहले 120 किग्रा था।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला 48 किग्रा स्पर्धा में दूसरे और तीसरे स्थान पर कौन रहा?
नाइजीरिया की रूथ असुकुओ न्योंग ने 168 किग्रा के साथ रजत और मलेशिया की आइरीन हेनरी ने कांस्य पदक जीता। मीराबाई चानू रजत पदक विजेता से 22 किग्रा आगे रहीं।
मीराबाई चानू का अगला बड़ा लक्ष्य क्या है?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की हैट्रिक के बाद मीराबाई चानू का अगला बड़ा लक्ष्य 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। टोक्यो 2020 में उन्होंने रजत पदक जीता था और ओलंपिक गोल्ड उनके करियर का शेष सपना है।
राष्ट्र प्रेस
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