मीराबाई चानू का ग्लासगो 2026 में ऐतिहासिक तीसरा CWG गोल्ड, 85 किग्रा स्नैच से बनाया नया रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
मीराबाई चानू ने 27 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिला 48 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया — यह लगातार उनका तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड है। गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 के बाद ग्लासगो में भी शीर्ष पोडियम पर खड़ी होकर चानू ग्लासगो 2026 में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई हैं।
मुकाबले का घटनाक्रम
31 वर्षीय चानू का 82 किग्रा स्नैच का पहला प्रयास नाकाम रहा, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने वही वजन सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद अपने अंतिम प्रयास में उन्होंने 85 किग्रा स्नैच उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का नया स्नैच रिकॉर्ड बनाया। क्लीन एंड जर्क में भी पहला प्रयास असफल रहा, परंतु दूसरे प्रयास में 105 किग्रा उठाकर उन्होंने बाकी प्रतिस्पर्धियों से आठ किग्रा अधिक वजन उठाया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
चानू की प्रतिक्रिया
पदक जीतने के बाद चानू ने कहा, 'मेरे परिवार ने आज तक मेरा बहुत साथ दिया है। मुझे कई चोटें लगीं, लेकिन मेरे परिवार ने मेरा बहुत समर्थन किया।' उन्होंने अपने दीर्घकालिक कोच विजय शर्मा की भूमिका को भी सराहा: 'विजय सर ने शुरुआत से ही हर प्रदर्शन में और उसे बनाए रखने में हमेशा मेरा साथ दिया है।'
चानू ने वजन प्रबंधन की चुनौती भी साझा की: 'अपने वजन को 48 किलोग्राम वर्ग तक लाना मेरे लिए बेहद मुश्किल रहा है।' पोडियम पर जब भारत का राष्ट्रगान बजा, तो वे भावुक हो उठीं — 'जब हमारा राष्ट्रगान गाया जाता है, जब हम उसे सुनते हैं, तो अपने आप आंसू निकल आते हैं। ये खुशी के आंसू होते हैं।'
अन्य पदक विजेता
नाइजीरिया की रूथ असुकुओ न्योंग ने कुल 168 किग्रा (75 किग्रा स्नैच और 93 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर रजत पदक जीता। न्योंग ने कहा, 'यह पदक मेरे लिए काफी मायने रखता है। मैं मीराबाई चानू को गोल्ड जीतने पर बधाई देना चाहती हूं।' मलेशिया की आइरीन हेनरी ने कुल 167 किग्रा (77 किग्रा स्नैच और 90 किग्रा क्लीन एंड जर्क) के साथ कांस्य पदक हासिल किया। आइरीन ने कहा, 'यह पदक मेरे लिए काफी अहमियत रखता है। मुझे उम्मीद है कि इससे मलेशिया के लोगों को खुशी और गर्व का एहसास होगा।'
दर्शकों की प्रतिक्रिया
ग्लासगो में मौजूद भारतीय दर्शकों ने चानू की जीत को अविस्मरणीय बताया। एक प्रशंसक ने कहा, 'शेष खिलाड़ी 80-85 किग्रा वजन उठा रही थीं, लेकिन मीराबाई चानू ने 105 किग्रा भार उठा दिया — यह अविश्वसनीय था।' एक अन्य प्रशंसक ने कहा, 'राष्ट्रगान बजा, तो काफी गर्व महसूस हुआ। यह एक यादगार लम्हा है।'
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता चानू अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय लक्ष्यों की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि वजन वर्ग में लगातार तीन CWG स्वर्ण पदक जीतना भारतीय भारोत्तोलन के इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है, और चानू की यह जीत आने वाली पीढ़ी के एथलीटों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।