2 अगस्त 2026
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मीराबाई चानू का लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड, भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम का दिल्ली में भव्य स्वागत

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मीराबाई चानू का लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड, भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम का दिल्ली में भव्य स्वागत

सारांश

मीराबाई चानू ने ग्लासगो में लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतकर इतिहास रचा। लवप्रीत सिंह गोल्ड से सिर्फ एक किलो पीछे रहे, पर पदक का रंग बदला। पूरी वेटलिफ्टिंग टीम दिल्ली लौटी तो हवाई अड्डे पर जश्न का माहौल रहा — 2030 के घरेलू कॉमनवेल्थ गेम्स की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

मुख्य बातें

मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो भार उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीता — यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड है।
लवप्रीत सिंह ने 110 प्लस किलोग्राम वर्ग में 388 किलो उठाकर रजत पदक जीता; वह गोल्ड से महज 1 किलोग्राम पीछे रहे।
ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किलोग्राम वर्ग में और ऋषिकांत सिंह ने भी भारोत्तोलन में रजत पदक जीता।
2 अगस्त को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टीम का भव्य स्वागत हुआ — माला, ढोल-नगाड़े और प्रशंसकों की भीड़।
लवप्रीत सिंह भारतीय नौसेना में कार्यरत हैं और उन्होंने नौसेना कप्तान विजय कुमार का विशेष धन्यवाद किया।
ज्ञानेश्वरी यादव ने 2030 में भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने का संकल्प लिया।

भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद 2 अगस्त को स्वदेश वापसी की, जहाँ नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। मीराबाई चानू ने ग्लासगो में 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता — यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड है।

हवाई अड्डे पर उमड़ा जनसैलाब

खिलाड़ियों के आगमन से पहले ही इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर प्रशंसकों की भारी भीड़ जुट गई थी। जैसे ही टीम के सदस्य बाहर निकले, उन्हें माला पहनाई गई और ढोल-नगाड़ों की गूँज के बीच उनका भव्य स्वागत किया गया। यह उत्सव भारतीय खेल प्रेमियों के उस जोश का प्रतीक था जो हर बड़ी जीत के बाद देखने को मिलता है।

मीराबाई चानू: तिहरे स्वर्ण की गौरवगाथा

पत्रकारों से बातचीत में मीराबाई चानू ने कहा, 'मुझे बहुत खुशी है कि मैं देश के लिए गोल्ड मेडल जीत सकी। यह पल मेरे लिए बेहद गर्व का है।' 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो का कुल भार उठाकर उन्होंने यह स्वर्ण पदक हासिल किया। गौरतलब है कि यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड है — एक ऐसी उपलब्धि जो भारतीय भारोत्तोलन के इतिहास में दुर्लभ है।

लवप्रीत सिंह: एक किलो से चूका सोना, पर बढ़ा रंग

110 प्लस किलोग्राम वर्ग में 388 किलो भार उठाकर रजत पदक जीतने वाले लवप्रीत सिंह ने कहा कि वह इस बार के प्रदर्शन से बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था, इसलिए पदक का रंग बदलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। लवप्रीत गोल्ड से महज एक किलोग्राम पीछे रह गए। भारतीय नौसेना में कार्यरत लवप्रीत ने अपने नौसेना कप्तान विजय कुमार और समस्त देशवासियों का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली प्रतियोगिता में वह स्वर्ण पदक लाने का पूरा प्रयास करेंगे।

ज्ञानेश्वरी और ऋषिकांत की भी चमकी किस्मत

53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वालीं ज्ञानेश्वरी यादव ने कहा कि मेडल के साथ स्वदेश लौटना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है। उन्होंने 2030 में भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का संकल्प लिया। ऋषिकांत सिंह ने भी भारोत्तोलन में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया और स्वदेश लौटने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय भारोत्तोलन अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में आयोजित होने हैं, जो इस टीम के लिए घरेलू मैदान पर इतिहास रचने का सुनहरा अवसर होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर शीर्ष पर नहीं। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के भारत में होने से यह टीम घरेलू दबाव और अपेक्षाओं के साथ उतरेगी — जो प्रेरणा भी है और चुनौती भी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कितना भार उठाया?
मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलो भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल है।
लवप्रीत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन-सा पदक जीता?
लवप्रीत सिंह ने 110 प्लस किलोग्राम वर्ग में 388 किलो भार उठाकर रजत पदक जीता। वह गोल्ड मेडल से केवल एक किलोग्राम पीछे रह गए।
भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम का स्वागत कहाँ और कैसे हुआ?
2 अगस्त को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टीम का भव्य स्वागत किया गया। खिलाड़ियों को माला पहनाई गई और ढोल-नगाड़ों के साथ प्रशंसकों ने उनका जोरदार अभिनंदन किया।
ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। उन्होंने 2030 में भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का संकल्प लिया है।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स कहाँ होंगे और भारत की तैयारी कैसी है?
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में आयोजित होने हैं। ग्लासगो 2026 में मिली सफलता के बाद भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम के खिलाड़ियों ने घरेलू मैदान पर और बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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