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मीराबाई चानू ने किरेन रिजिजू से मुलाकात की, ग्लासगो गोल्ड हैट्रिक के बाद भेंट की साइन जर्सी

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मीराबाई चानू ने किरेन रिजिजू से मुलाकात की, ग्लासगो गोल्ड हैट्रिक के बाद भेंट की साइन जर्सी

सारांश

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में रिकॉर्ड तोड़ते हुए मीराबाई चानू ने गोल्ड की हैट्रिक पूरी की — और दुनिया की पहली ऐसी वेटलिफ्टर बनीं। नई दिल्ली लौटकर उन्होंने मंत्री किरेन रिजिजू को साइन जर्सी भेंट की।

मुख्य बातें

मीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
उन्होंने स्नैच में 85 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 105 किग्रा — दोनों में कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाए।
यह कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई का चौथा पदक और लगातार तीसरा गोल्ड है — वह गोल्ड हैट्रिक पूरी करने वाली विश्व की पहली वेटलिफ्टर बनीं।
मीराबाई ने 3 अगस्त को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात कर टीम की साइन जर्सी भेंट की।
रजत पदक विजेता लवप्रीत सिंह , ज्ञानेश्वरी यादव और ऋषिकांत शर्मा भी स्वदेश लौटे।

भारतीय वेटलिफ्टिंग की स्टार मीराबाई चानू और मुख्य राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग कोच ने 3 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से भेंट की। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतने के उपलक्ष्य में मीराबाई ने मंत्री को भारतीय वेटलिफ्टिंग दल के समस्त खिलाड़ियों के हस्ताक्षर वाली जर्सी भेंट की। यह मुलाकात उस ऐतिहासिक उपलब्धि के तुरंत बाद हुई, जिसने मीराबाई को कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड की हैट्रिक पूरी करने वाली विश्व की पहली वेटलिफ्टर बना दिया।

ग्लासगो में रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन

मीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 85 किग्रा वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाया, और इसके बाद क्लीन एंड जर्क में 105 किग्रा भार उठाकर एक और गेम्स रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस शानदार प्रदर्शन ने उन्हें भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स वेटलिफ्टिंग में गोल्ड की हैट्रिक दिलाई।

कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई का सफर

यह मीराबाई का कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल चौथा पदक रहा। उन्होंने ग्लासगो 2014 में 48 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था। इसके बाद गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में उन्होंने लगातार स्वर्ण पदक जीते। टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक विजेता मीराबाई का यह प्रदर्शन उन्हें भारतीय खेल इतिहास में एक विशेष स्थान दिलाता है।

किरेन रिजिजू की प्रतिक्रिया

मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात का वीडियो साझा किया और मीराबाई की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लिखा, "ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार जीत के बाद घर वापसी पर स्वागत है मीराबाई चानू। उन्होंने वेटलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल जीतकर एक बार फिर भारत का मान बढ़ाया है। सभी वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों के साइन वाली टी-शर्ट भेंट करने के लिए धन्यवाद।" वीडियो में रिजिजू ने मीराबाई से कहा, "मैंने कहा कि पेरिस ओलंपिक में मैं थोड़ा दुखी था, लेकिन इस बार आपने दिल खुश कर दिया। मुझे यकीन था कि इस बार तो गोल्ड ही आएगा।"

स्वदेश लौटने पर जोरदार स्वागत

रविवार को ग्लासगो से लौटने पर मीराबाई का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सैकड़ों प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया। मणिपुर की इस स्टार एथलीट ने पत्रकारों से कहा, "मणिपुर से होने के नाते, मुझे बहुत गर्व है कि मैंने अपने देश के लिए कुछ अच्छा किया है।" उनके साथ रजत पदक विजेता लवप्रीत सिंह, ज्ञानेश्वरी यादव और ऋषिकांत शर्मा भी स्वदेश लौटे, जिनका प्रशंसकों, परिजनों और शुभचिंतकों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

भारतीय खेल के लिए ऐतिहासिक क्षण

गौरतलब है कि मीराबाई चानू कॉमनवेल्थ गेम्स वेटलिफ्टिंग में गोल्ड की हैट्रिक पूरी करने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बन गई हैं — यह उपलब्धि भारतीय महिला खेल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत वेटलिफ्टिंग में अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मणिपुर जैसे छोटे राज्य से निकली एक एथलीट की दशकों की मेहनत का प्रमाण है — जो संसाधनों की कमी के बावजूद विश्व मंच पर बार-बार इतिहास रचती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में खेल अवसंरचना और ओलंपिक तैयारी पर बहस जारी है। असली सवाल यह है कि क्या सरकारी स्वागत-सत्कार और साइन जर्सियों की भेंट से आगे बढ़कर मीराबाई जैसी एथलीटों के लिए दीर्घकालिक प्रशिक्षण और पुनर्वास सहायता सुनिश्चित की जाएगी — विशेषकर जब पेरिस ओलंपिक का अनुभव अभी भी ताज़ा है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में कितने रिकॉर्ड बनाए?
मीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में दो रिकॉर्ड बनाए — स्नैच में 85 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 105 किग्रा उठाकर दोनों में कॉमनवेल्थ गेम्स के नए कीर्तिमान स्थापित किए।
मीराबाई चानू कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड हैट्रिक पूरी करने वाली पहली वेटलिफ्टर कैसे बनीं?
मीराबाई ने गोल्ड कोस्ट 2018, बर्मिंघम 2022 और ग्लासगो (2026) में लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीते। इस तरह वह कॉमनवेल्थ गेम्स वेटलिफ्टिंग में गोल्ड की हैट्रिक पूरी करने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बन गईं।
मीराबाई चानू ने किरेन रिजिजू को क्या भेंट किया?
मीराबाई चानू ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को भारतीय वेटलिफ्टिंग दल के सभी खिलाड़ियों के हस्ताक्षर वाली जर्सी भेंट की। यह मुलाकात 3 अगस्त को नई दिल्ली में हुई।
कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई चानू का अब तक का पदक रिकॉर्ड क्या है?
मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल चार पदक जीते हैं — ग्लासगो 2014 में रजत, और गोल्ड कोस्ट 2018, बर्मिंघम 2022 तथा ग्लासगो (2026) में स्वर्ण पदक।
ग्लासगो से लौटने पर मीराबाई का स्वागत कैसे हुआ?
रविवार को ग्लासगो से स्वदेश लौटने पर मीराबाई चानू का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सैकड़ों प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया। उनके साथ रजत पदक विजेता लवप्रीत सिंह, ज्ञानेश्वरी यादव और ऋषिकांत शर्मा भी स्वदेश लौटे।
राष्ट्र प्रेस
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