8 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मीराबाई चानू का लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड, PM मोदी बोले — 'हर आंसू से गोल्ड टपक रहा था'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मीराबाई चानू का लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड, PM मोदी बोले — 'हर आंसू से गोल्ड टपक रहा था'

सारांश

पेरिस में एक किलो से चूकी मीराबाई ने ग्लासगो में 190 किलो उठाकर इतिहास रच दिया — लगातार तीन कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर। PM मोदी से मिलीं तो आँसुओं की कहानी ने पूरे देश को छू लिया।

मुख्य बातें

मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (ग्लासगो) में 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स ( 2018, 2022, 2026 ) में गोल्ड जीतने वाली वे दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बनीं।
PM मोदी ने 10 अगस्त 2026 को अपने आवास पर भारतीय खिलाड़ियों से विशेष मुलाकात की।
मीराबाई ने बताया कि पेरिस ओलंपिक 2024 में मात्र एक किलो से पदक चूकने का दर्द पोडियम पर आंसुओं का कारण बना।
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुल 39 पदक — 13 गोल्ड, 17 सिल्वर, 9 ब्रॉन्ज — जीते।

भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो का कुल भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता और इतिहास रच दिया — वे लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बन गईं। 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर ग्लासगो से लौटे भारतीय खिलाड़ियों से विशेष मुलाकात की और चानू की भावुक जीत पर उन्हें बधाई दी।

पोडियम पर आंसू, पीएम का दिल छू लेने वाला बयान

ग्लासगो के पोडियम पर गोल्ड मेडल गले में पड़ते ही मीराबाई की आँखें भर आई थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे इसका कारण पूछा और कहा, 'इतने आंसू टपक रहे थे कि मुझे लगता है कि हर आंसू की बूंद से गोल्ड मेडल टपक रहा हो।' यह पल मुलाकात का सबसे भावनात्मक क्षण बन गया।

मीराबाई ने प्रधानमंत्री को जवाब देते हुए कहा, 'मैं उस दिन बहुत खुश और भावुक थी। मैं गोल्ड मेडल जीतने के बाद इसलिए रोई थी, क्योंकि पेरिस ओलंपिक में मेरा मेडल सिर्फ एक किलो से रह गया था।'

चार साल की चुनौतियाँ और अटूट संघर्ष

मीराबाई ने अपनी भावनाओं को विस्तार से साझा करते हुए कहा, 'एक खिलाड़ी के तौर पर आपको बहुत चीजों का सामना करना पड़ता है। इन चार वर्षों में मैंने काफी कुछ झेला — हर समय इंजरी चल रही थी और परिवार में भी समस्याएँ थीं।' उन्होंने आगे कहा, 'जब पोडियम पर खड़ी थी और राष्ट्रगान बजा, तो देश का तिरंगा ऊपर देखकर खुद को रोक नहीं सकी।'

यह बयान उस दबाव की झलक देता है जो एक शीर्ष एथलीट हर ओलंपिक चक्र में वहन करता है। पेरिस ओलंपिक 2024 में मीराबाई मात्र एक किलो के अंतर से पदक से चूक गई थीं — वह निराशा इस बार के स्वर्ण की मिठास को और गहरा कर गई।

ऐतिहासिक उपलब्धि — विश्व में पहली

मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 (गोल्ड कोस्ट), 2022 (बर्मिंघम) और अब 2026 (ग्लासगो) में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते। 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो का कुल भार उठाकर जीता यह गोल्ड उन्हें वेटलिफ्टिंग के इतिहास में एक अनूठे स्थान पर स्थापित करता है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वे दुनिया की पहली वेटलिफ्टर हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का समग्र प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। देश ने कुल 39 पदक जीते — 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य। मीराबाई का गोल्ड इस शानदार पदक तालिका की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहा।

आगे की राह — लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028

इस जीत के बाद मीराबाई की नज़रें अब लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 पर होंगी, जहाँ वे पेरिस की निराशा का हिसाब चुकाना चाहेंगी। प्रधानमंत्री मोदी की इस व्यक्तिगत मुलाकात ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और यह संदेश दिया कि देश अपने चैंपियनों के संघर्ष को पहचानता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी चार साल की चोट और पारिवारिक उथल-पुथल के बीच खड़ी रही। PM मोदी की व्यक्तिगत मुलाकात और उनका 'आंसू से गोल्ड टपकने' वाला बयान भावनात्मक रूप से सटीक था, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारतीय खेल तंत्र ऐसे एथलीटों को इंजरी मैनेजमेंट और मानसिक स्वास्थ्य सहायता में वह ढाँचा दे पा रहा है जिसके वे हकदार हैं। लॉस एंजिलिस 2028 से पहले यह प्रश्न और भी ज़रूरी हो जाता है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
मीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो का कुल भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ वे लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स (2018, 2022, 2026) में गोल्ड जीतने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बन गईं।
मीराबाई चानू पोडियम पर क्यों रोईं?
मीराबाई ने PM मोदी को बताया कि पेरिस ओलंपिक 2024 में वे मात्र एक किलो के अंतर से पदक से चूक गई थीं। चार साल की लगातार चोटों और पारिवारिक कठिनाइयों के बाद जब ग्लासगो में राष्ट्रगान बजा और तिरंगा ऊपर उठा, तो वे खुद को रोक नहीं सकीं।
PM मोदी ने मीराबाई चानू से क्या कहा?
PM मोदी ने 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में अपने आवास पर मीराबाई से मुलाकात के दौरान कहा, 'इतने आंसू टपक रहे थे कि मुझे लगता है कि हर आंसू की बूंद से गोल्ड मेडल टपक रहा हो।' यह मुलाकात कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से लौटे भारतीय खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित की गई थी।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल कितने पदक जीते?
भारत ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुल 39 पदक जीते — 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य। यह प्रदर्शन भारतीय खेलों के लिए एक मजबूत उपलब्धि माना जा रहा है।
मीराबाई चानू का अगला बड़ा लक्ष्य क्या है?
ग्लासगो में ऐतिहासिक तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतने के बाद मीराबाई चानू की नज़रें लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 पर होंगी, जहाँ वे पेरिस ओलंपिक 2024 की निराशा की भरपाई करना चाहेंगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले