10 अगस्त 2026
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मीराबाई चानू ने PM मोदी से मुलाकात के बाद जताया आभार, बोलीं — 'आपके शब्द कड़ी मेहनत की प्रेरणा देंगे'

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मीराबाई चानू ने PM मोदी से मुलाकात के बाद जताया आभार, बोलीं — 'आपके शब्द कड़ी मेहनत की प्रेरणा देंगे'

सारांश

चार साल की चोटें, परिवार की मुश्किलें और पेरिस ओलंपिक का एक किलो का दर्द — मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 190 किलो उठाकर सब भुला दिया। PM मोदी से मुलाकात के बाद उनके आँसू और आभार ने बताया कि यह सोना सिर्फ मेडल नहीं, एक पूरे संघर्ष की जीत है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अगस्त 2026 को अपने आवास पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से विशेष मुलाकात की।
मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो भार उठाकर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता।
मीराबाई लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बनीं।
मीराबाई ने बताया कि पेरिस ओलंपिक में मेडल सिर्फ एक किलो से चूक गया था, जिसका उन्हें गहरा दुख था।
मीराबाई ने एक्स पर PM मोदी के प्रोत्साहन के लिए आभार जताया और कहा कि उनके शब्द आगामी प्रतियोगिताओं में प्रेरणा देंगे।

वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 10 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री ने रविवार को अपने आवास पर विशेष भेंट की, जिसमें मीराबाई की 48 किलोग्राम वर्ग में ऐतिहासिक जीत को विशेष रूप से सराहा गया।

मीराबाई का आभार संदेश

मीराबाई ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'प्रधानमंत्री, हमारी इस यात्रा में आपके लगातार सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आपका धन्यवाद। रविवार को हुई हमारी खास बातचीत के दौरान हर पदक विजेता के लिए आपके उत्साह बढ़ाने वाले शब्द निश्चित रूप से हमें आने वाली प्रतियोगिताओं में कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेंगे।'

PM मोदी का भावुक सवाल

मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मीराबाई के आँसुओं का ज़िक्र करते हुए कहा, 'इतने आंसू टपक रहे थे कि मुझे लगता है कि हर आंसू के बूंद से गोल्ड मेडल टपक रहा हो।' इस पर मीराबाई ने खुलकर अपनी भावनाएँ साझा कीं।

चार साल की पीड़ा और जीत की कहानी

मीराबाई ने बताया, 'मैं उस दिन बहुत खुश और भावुक थी। मैं गोल्ड मेडल जीतने के बाद उस दिन इसलिए रोई थी, क्योंकि पेरिस ओलंपिक में मेरा मेडल सिर्फ एक किलो से रह गया था।' उन्होंने आगे कहा, 'एक खिलाड़ी के तौर पर आपको बहुत चीजों का सामना करना पड़ता है। इन चार वर्षों के अंदर मैंने काफी चीजों का सामना किया था। हर समय इंजरी ही चल रही थी और परिवार में भी समस्याएं हो रही थीं।'

मीराबाई ने बताया कि पोडियम पर खड़े होकर राष्ट्रगान सुनते समय वह खुद को रोक नहीं सकीं। उन्होंने कहा, 'देश का झंडा ऊपर देखकर हमारे अपने आप ही आंसू निकल आते हैं।'

ऐतिहासिक उपलब्धि

मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो भार उठाकर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। इस जीत के साथ वह लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बन गई हैं — एक ऐसी उपलब्धि जो भारतीय खेल इतिहास में अभूतपूर्व है।

आगे की राह

इस मुलाकात के बाद मीराबाई का ध्यान अब आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन भरे शब्दों को वह अपनी तैयारी की नई ऊर्जा मान रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस व्यवस्था की परीक्षा भी है जो खिलाड़ियों को चोटों और पारिवारिक संकटों के बीच अकेला छोड़ देती है। पेरिस ओलंपिक में एक किलो से चूकना और फिर कॉमनवेल्थ में 190 किलो उठाना — यह मानसिक दृढ़ता का असाधारण उदाहरण है। प्रधानमंत्री से मुलाकात और प्रोत्साहन स्वागतयोग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारतीय खेल तंत्र ऐसे खिलाड़ियों को चोट-पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य सहायता में वह निरंतर ढाँचा दे रहा है जो उन्हें ओलंपिक मंच पर शीर्ष पर पहुँचाए — न कि केवल राष्ट्रमंडल स्तर पर।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ वह लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बन गईं।
PM मोदी ने मीराबाई चानू से कब और कहाँ मुलाकात की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अगस्त 2026 को रविवार को अपने आवास पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता भारतीय खिलाड़ियों से विशेष मुलाकात की, जिसमें मीराबाई चानू भी शामिल थीं।
मीराबाई चानू पोडियम पर क्यों रोईं?
मीराबाई ने बताया कि पेरिस ओलंपिक में उनका मेडल सिर्फ एक किलो से चूक गया था, और पिछले चार वर्षों में उन्होंने लगातार चोटों और पारिवारिक समस्याओं का सामना किया। जब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पोडियम पर राष्ट्रगान बजा और तिरंगा ऊपर चढ़ा, तो वह अपने आँसू नहीं रोक सकीं।
मीराबाई चानू ने PM मोदी के बारे में एक्स पर क्या लिखा?
मीराबाई ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री के लगातार सहयोग और प्रोत्साहन के लिए वह आभारी हैं, और मुलाकात के दौरान हर पदक विजेता के लिए उनके उत्साहवर्धक शब्द आने वाली प्रतियोगिताओं में कड़ी मेहनत की प्रेरणा देंगे।
मीराबाई चानू का कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड कैसा रहा है?
मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता, जो उन्हें इस खेल के इतिहास में विश्व की पहली ऐसी वेटलिफ्टर बनाता है। उन्होंने 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो का भार उठाया।
राष्ट्र प्रेस
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