मीराबाई चानू ने PM मोदी से मुलाकात के बाद जताया आभार, बोलीं — 'आपके शब्द कड़ी मेहनत की प्रेरणा देंगे'
सारांश
मुख्य बातें
वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 10 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री ने रविवार को अपने आवास पर विशेष भेंट की, जिसमें मीराबाई की 48 किलोग्राम वर्ग में ऐतिहासिक जीत को विशेष रूप से सराहा गया।
मीराबाई का आभार संदेश
मीराबाई ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'प्रधानमंत्री, हमारी इस यात्रा में आपके लगातार सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आपका धन्यवाद। रविवार को हुई हमारी खास बातचीत के दौरान हर पदक विजेता के लिए आपके उत्साह बढ़ाने वाले शब्द निश्चित रूप से हमें आने वाली प्रतियोगिताओं में कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेंगे।'
PM मोदी का भावुक सवाल
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मीराबाई के आँसुओं का ज़िक्र करते हुए कहा, 'इतने आंसू टपक रहे थे कि मुझे लगता है कि हर आंसू के बूंद से गोल्ड मेडल टपक रहा हो।' इस पर मीराबाई ने खुलकर अपनी भावनाएँ साझा कीं।
चार साल की पीड़ा और जीत की कहानी
मीराबाई ने बताया, 'मैं उस दिन बहुत खुश और भावुक थी। मैं गोल्ड मेडल जीतने के बाद उस दिन इसलिए रोई थी, क्योंकि पेरिस ओलंपिक में मेरा मेडल सिर्फ एक किलो से रह गया था।' उन्होंने आगे कहा, 'एक खिलाड़ी के तौर पर आपको बहुत चीजों का सामना करना पड़ता है। इन चार वर्षों के अंदर मैंने काफी चीजों का सामना किया था। हर समय इंजरी ही चल रही थी और परिवार में भी समस्याएं हो रही थीं।'
मीराबाई ने बताया कि पोडियम पर खड़े होकर राष्ट्रगान सुनते समय वह खुद को रोक नहीं सकीं। उन्होंने कहा, 'देश का झंडा ऊपर देखकर हमारे अपने आप ही आंसू निकल आते हैं।'
ऐतिहासिक उपलब्धि
मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलो भार उठाकर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। इस जीत के साथ वह लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली दुनिया की पहली वेटलिफ्टर बन गई हैं — एक ऐसी उपलब्धि जो भारतीय खेल इतिहास में अभूतपूर्व है।
आगे की राह
इस मुलाकात के बाद मीराबाई का ध्यान अब आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन भरे शब्दों को वह अपनी तैयारी की नई ऊर्जा मान रही हैं।