CWG 2026 में भारत के 39 मेडल पर PM मोदी ने की खिलाड़ियों की तारीफ, 13 गोल्ड के साथ ऐतिहासिक प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल के शानदार प्रदर्शन की सराहना की है। रेसलिंग, बैडमिंटन और शूटिंग जैसे प्रमुख खेलों की अनुपस्थिति के बावजूद भारत ने 39 मेडल — जिनमें 13 गोल्ड शामिल हैं — जीतकर इतिहास रच दिया। 3 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर खिलाड़ियों के समर्पण और कौशल को देश की प्रेरणा बताया।
PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में हमारे दल के प्रदर्शन पर गर्व है। इस बात की खुशी है कि भारत ने 39 मेडल जीते हैं, जिनमें 13 गोल्ड मेडल शामिल हैं। मेडल जीतने वालों को बधाई। पूरे गेम्स के दौरान, हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने बेहतरीन कौशल, दृढ़ संकल्प और समर्पण दिखाया है। उनकी कड़ी मेहनत हमारे युवाओं को प्रेरित करती रहेगी। भविष्य की कोशिशों के लिए पूरे भारतीय दल को मेरी शुभकामनाएं। वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते रहें और देश का मान बढ़ाते रहें।'
मुक्केबाज़ी में ऐतिहासिक उपलब्धि
सीडब्ल्यूजी 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ों ने कुल 10 मेडल जीते, जिनमें 7 गोल्ड शामिल रहे। यह पहला अवसर है जब भारत ने किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स में मुक्केबाज़ी में 7 गोल्ड मेडल हासिल किए हों — एक ऐसा कीर्तिमान जो भारतीय बॉक्सिंग के नए युग का संकेत देता है।
जूडो और ट्रैक एंड फील्ड में नए कीर्तिमान
भारत ने सीडब्ल्यूजी के इतिहास में पहली बार जूडो में दो गोल्ड मेडल जीते। अस्मिता डे ने जूडो में देश का पहला स्वर्ण पदक दिलाया, जबकि हर्ष सिंह ने भी गोल्ड अपने नाम किया। लॉन्ग डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में ट्रैक एंड फील्ड में दो मेडल जीतने वाले भारत के पहले एथलीट बने — उन्होंने 10,000 मीटर में सिल्वर और 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज जीता। गुलवीर 5,000 मीटर रेस में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट भी बने।
वेटलिफ्टिंग में मीराबाई की हैट्रिक
वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने गोल्ड जीतने की हैट्रिक लगाई — यह उनकी निरंतर श्रेष्ठता का प्रमाण है। वहीं, लवप्रीत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के स्नैच राउंड में नया रिकॉर्ड कायम करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
भारत के लिए आगे क्या
यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारत 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारियों में जुटा है। मुक्केबाज़ी, जूडो और ट्रैक एंड फील्ड में मिली सफलता भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और संबंधित फेडरेशनों के लिए इन खेलों में निवेश बढ़ाने का मज़बूत आधार बनती है।