नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़: 22 मोबाइल, चोरी की बाइक और 2 चाकू बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के फेस-2 थाने की पुलिस ने 16 सितंबर 2026 को मोबाइल फोन स्नैचिंग में सक्रिय एक गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 22 कीमती मोबाइल फोन, एक चोरी की मोटरसाइकिल और दो अवैध चाकू बरामद किए। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी नोएडा और आसपास के इलाकों में स्नैचिंग व चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तारी लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर की गई।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस की टीम भंगेल में गंदे नाले वाली सड़क पर चेकिंग अभियान चला रही थी, जब सर्विलांस इनपुट के आधार पर दो संदिग्धों को रोका गया। जाँच में दोनों के कब्जे से आपत्तिजनक सामग्री मिली, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष चौधरी पुत्र भूपेंद्र चौधरी (उम्र करीब 29 वर्ष, मूल निवासी सुपौल, बिहार, वर्तमान पता निठारी, सेक्टर-31, नोएडा) और फारूख उर्फ सफीया पुत्र रहीस अहमद (उम्र करीब 28 वर्ष, मूल निवासी बदायूं, वर्तमान पता हल्द्वानी, थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र) के रूप में हुई है।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने आरोपियों के पास से अलग-अलग कंपनियों के 22 मोबाइल फोन बरामद किए। इसके अलावा एक ऐसी मोटरसाइकिल मिली, जिस पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी और जो फेस-2 थाने में दर्ज एक मुकदमे में चोरी की बताई जा रही है। दोनों अवैध चाकू भी आरोपियों की जेब से जब्त किए गए।
पुलिस अब बरामद 22 मोबाइल फोन की जाँच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इन्हें नोएडा और आसपास के किन-किन इलाकों से छीना गया था, ताकि संबंधित पीड़ितों और दर्ज मुकदमों से इनका मिलान किया जा सके।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि है। संतोष चौधरी के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों — सेक्टर-20, सेक्टर-24, फेस-1 और फेस-2 — में चोरी, चोरी का माल रखने, माल छिपाने, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम और आयुध अधिनियम से जुड़े कुल 12 मुकदमे दर्ज हैं, जो वर्ष 2016 से 2026 के बीच के बताए जा रहे हैं।
फारूख उर्फ सफीया के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के थाना ईकोटेक-3 और थाना बिसरख में लूट, चोरी का माल रखने, आपराधिक साजिश, गैंगस्टर एक्ट और आयुध अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। इसके अलावा बदायूं के वजीरगंज थाने में भी वर्ष 2026 का एक मामला उसके नाम दर्ज बताया जा रहा है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर उनके पूरे नेटवर्क और पूर्व में की गई वारदातों का ब्यौरा जुटा रही है। बरामद मोबाइल फोन की फोरेंसिक जाँच के बाद पीड़ितों की पहचान और संबंधित मुकदमों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। फेस-2 थाना पुलिस के इस अभियान को नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।