नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़: तीन गिरफ्तार, 22 चोरी के फोन और चोरी की बाइक बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना सेक्टर-58 पुलिस ने 17 सितंबर 2026 को मोबाइल फोन स्नैचिंग और चोरी के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 चोरी के मोबाइल फोन, एक चोरी की मोटरसाइकिल और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। गिरोह नोएडा, दिल्ली और समूचे एनसीआर क्षेत्र में वारदातें करता था।
कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को थाना सेक्टर-58 की टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सहायता से जुबलियेन्ट पार्क के समीप घेराबंदी कर इन आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अतुल गौतम (22 वर्ष), नितीश चौहान (18 वर्ष) और रिशू पाण्डेय (करीब 19 वर्ष) के रूप में हुई है। इनके साथ दो नाबालिगों को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया है।
आरोपियों का तरीकावार
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिल पर सवार होकर नोएडा, दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न इलाकों में मोबाइल फोन छीनते थे। यह ऐसे समय में आया है जब एनसीआर में स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की सघन निगरानी बढ़ाई गई थी। गौरतलब है कि आरोपी नाबालिगों को भी गिरोह में शामिल कर वारदातें कराते थे।
चोरी किए मोबाइल बेचने का तरीका
पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी के फोन सीधे नहीं बेचते थे — बल्कि उन्हें दिल्ली में पार्ट-पुर्जों में तोड़कर अलग-अलग बेचते थे। इस तरीके से वे चोरी के उपकरणों की पहचान छिपाने और आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास करते थे। बरामद दो अवैध चाकू क्रमशः अतुल गौतम और रिशू पाण्डेय के कब्जे से मिले।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
अतुल गौतम मूल रूप से ग्राम दौलतपुर, थाना कमालगंज, जिला फर्रुखाबाद का निवासी है और वर्तमान में शिव विहार, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद में रह रहा था। नितीश चौहान का मूल पता ग्राम जलसीमा, जिला सहरसा, बिहार है, लेकिन वह भी खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद में रहता था। रिशू पाण्डेय का मूल निवास ग्राम हसोरा, थाना हरपालपुर, जिला हरदोई बताया गया है और वह खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद में रहता था।
आगे की जाँच
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-58 में मुकदमे दर्ज कर लिए हैं। अब जाँचकर्ता बरामद 22 मोबाइल फोन का मिलान नोएडा और दिल्ली-एनसीआर में दर्ज पूर्व की स्नैचिंग शिकायतों से कर रहे हैं, और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा मोबाइल पार्ट्स खरीदने वाले नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है।