4 जुलाई 2026
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नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग गिरोह गिरफ्तार: 3 आरोपी पकड़े, 28 मोबाइल और चोरी की स्कूटी बरामद

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नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग गिरोह गिरफ्तार: 3 आरोपी पकड़े, 28 मोबाइल और चोरी की स्कूटी बरामद

सारांश

नोएडा के सेक्टर-63 पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए एक संगठित मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश किया। तीनों आरोपी — जो नियमित नौकरी भी करते थे — मेट्रो स्टेशनों और सुनसान गलियों में वारदात को अंजाम देते थे। 28 मोबाइल और एक चोरी की स्कूटी बरामद।

मुख्य बातें

नोएडा थाना सेक्टर-63 पुलिस ने 4 जुलाई 2026 को एच ब्लॉक में अभियान चलाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी हैं — रोहित कुमार (28) गाजियाबाद, गौरव कुमार (31) बुलंदशहर और रवेन्द्र (36) बदायूं।
बरामदगी में 28 चोरी के मोबाइल फोन , 2 अवैध चाकू और दिल्ली से चोरी की गई एक स्कूटी शामिल हैं।
आरोपी मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड और बाजारों में टप्पेबाजी तथा रात में सुनसान इलाकों में स्नैचिंग करते थे।
तीनों आरोपियों के खिलाफ चोरी, स्नैचिंग और अवैध हथियार सहित कई पूर्व आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
बरामद मोबाइलों के असली मालिकों की पहचान कर वापसी की प्रक्रिया शुरू; गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी।

नोएडा के थाना सेक्टर-63 पुलिस ने 4 जुलाई 2026 को स्थानीय खुफिया सूचना और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आधार पर एक सक्रिय मोबाइल स्नैचिंग एवं टप्पेबाजी गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने एच ब्लॉक क्षेत्र में अभियान चलाकर तीन आरोपियों को दबोचा और उनके कब्जे से 28 चोरी के मोबाइल फोन, दो अवैध चाकू तथा दिल्ली के कोतवाली नॉर्थ क्षेत्र से चोरी की गई एक स्कूटी बरामद की।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तीनों आरोपी अलग-अलग जिलों से संबंध रखते हैं। रोहित कुमार (28 वर्ष), मूल निवासी गाजियाबाद, बीए पास हैं और पेशे से प्लंबर हैं। गौरव कुमार (31 वर्ष), बुलंदशहर के निवासी, एक हेलमेट निर्माण कंपनी में कार्यरत बताए गए हैं। रवेन्द्र (36 वर्ष), बदायूं के रहने वाले हैं और ई-रिक्शा चालक हैं। उल्लेखनीय है कि तीनों आरोपी नियमित रोजगार करने के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्त थे।

गिरोह का तरीकावार

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित रूप से वारदातों को अंजाम देते थे। दिन के समय मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड और बाजारों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों की असावधानी का फायदा उठाकर मोबाइल फोन उड़ाए जाते थे, जबकि रात के समय सुनसान इलाकों में राहगीरों से छीनाझपटी की जाती थी।

इसके अलावा, चोरी किए गए मोबाइल फोनों को बेहद कम कीमत पर राहगीरों को अपनी 'मजबूरी' का हवाला देकर बेचा जाता था — एक ऐसी चाल जिससे खरीदार को भी सस्ते मोबाइल के नाम पर ठगा जाता था और आरोपियों पर संदेह नहीं होता था।

आपराधिक पृष्ठभूमि और पूर्व मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले से ही चोरी, स्नैचिंग, अवैध हथियार रखने, आबकारी अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। बरामद स्कूटी के संबंध में दिल्ली में पहले से मुकदमा दर्ज है।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

नोएडा पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है। बरामद 28 मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों और चोरी के व्यापक नेटवर्क की भी जांच जारी है, ताकि इस तरह की वारदातों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर सस्ते सौदे का लालच देकर खरीदार। नोएडा जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में मेट्रो स्टेशन और बाजार स्नैचिंग के लिए पुराने हॉटस्पॉट बने हुए हैं, जो बेहतर सार्वजनिक निगरानी तंत्र की जरूरत को रेखांकित करता है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
थाना सेक्टर-63 पुलिस ने स्थानीय खुफिया सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर 4 जुलाई 2026 को एच ब्लॉक क्षेत्र में अभियान चलाया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने संगठित तरीके से वारदातें करने की बात स्वीकार की।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पहचान क्या है?
गिरफ्तार तीन आरोपी हैं — रोहित कुमार (28 वर्ष, गाजियाबाद, प्लंबर), गौरव कुमार (31 वर्ष, बुलंदशहर, हेलमेट कंपनी कर्मचारी) और रवेन्द्र (36 वर्ष, बदायूं, ई-रिक्शा चालक)। तीनों नियमित काम के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे।
आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 28 चोरी और स्नैचिंग के मोबाइल फोन, दो अवैध चाकू तथा दिल्ली के कोतवाली नॉर्थ क्षेत्र से चोरी की गई एक स्कूटी बरामद की। स्कूटी के संबंध में दिल्ली में पहले से मुकदमा दर्ज है।
गिरोह वारदात को किस तरह अंजाम देता था?
आरोपी दिन में मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड और बाजारों में भीड़ का फायदा उठाकर टप्पेबाजी करते थे, और रात में सुनसान इलाकों में राहगीरों से मोबाइल छीनते थे। चोरी के फोन को कम कीमत पर 'मजबूरी' का हवाला देकर बेचा जाता था, जिससे खरीदार भी ठगे जाते थे।
बरामद मोबाइल फोन के असली मालिकों को वापस कैसे मिलेंगे?
नोएडा पुलिस ने बरामद 28 मोबाइल फोनों के वास्तविक मालिकों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहचान होने के बाद फोन संबंधित मालिकों को लौटाए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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