अलप्पुझा हत्याकांड: 13 वर्षीय किशोरी पर 65 वर्षीय रिश्तेदार की हत्या की साजिश का आरोप, तीन नाबालिग हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
केरल के अलप्पुझा जिले के करुवट्टा इलाके में एक स्तब्ध करने वाला अपराध सामने आया है, जिसमें एक 13 वर्षीय किशोरी पर अपने 65 वर्षीय रिश्तेदार शिवनकुट्टी चेट्टियार की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, किशोरी ने कोल्लम से बुलाए गए तीन नाबालिग लड़कों की मदद से यह वारदात शनिवार रात को अंजाम दिलाई। सोमवार सुबह शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक, शिवनकुट्टी चेट्टियार हरिपाड ब्लॉक पंचायत क्षेत्र के करुवट्टा स्थित एक किराए के मकान में रहते थे। हत्या की रात उनकी पत्नी और बेटी अस्पताल गई हुई थीं, जिससे वे घर में अकेले थे। जांच के अनुसार, किशोरी ने कथित तौर पर इसी मौके का फायदा उठाया और अपने नाबालिग साथियों को घर का पता तथा यह जानकारी दी कि उस समय मृतक घर में अकेला होगा।
पुलिस का कहना है कि तीनों नाबालिग रात 9 बजे के बाद घर पहुंचे। पहचान छिपाने के लिए उन्होंने पहले से तैयारी कर रखी थी और अपने मोबाइल फोन साथ नहीं लाए थे। जांच के अनुसार, पहले मृतक के हाथ-पैर चादरों और कपड़ों से बांधे गए, फिर गले में कपड़ा कसकर उनकी हत्या कर दी गई।
शव मिलने के बाद जांच का रुख
सोमवार सुबह शव मिलने पर जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो किशोरी भी वहां मौजूद थी। खून से सने माहौल के बावजूद वह बार-बार कह रही थी कि उसे परीक्षा देने के लिए स्कूल जाना है। उसका यह असामान्य और शांत व्यवहार जांच अधिकारियों को संदिग्ध लगा। इसके बाद एक महिला सर्किल इंस्पेक्टर ने उससे गहन पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान किशोरी ने स्वीकार किया कि हत्या उसकी योजना के अनुसार की गई थी।
वारदात के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर बेडरूम की अलमारी तोड़कर सोने के गहने और नकदी लूट ली। जांचकर्ताओं को गुमराह करने के लिए घर के फर्श और दरवाजों के पास मिर्च पाउडर भी बिखेरा गया था। पुलिस को यह भी संदेह है कि आरोपियों ने मोबाइल फोन पर वारदात का वीडियो बनाकर किशोरी को दिखाया था।
अपराध के पीछे कथित मंशा
शुरुआती जांच में सामने आया है कि किशोरी के लिए महंगा आईफोन और नाबालिग लड़कों के लिए लग्जरी मोटरसाइकिल खरीदने की चाहत इस अपराध की कथित वजह हो सकती है। पुलिस का मानना है कि हत्या के पीछे पुरानी नाराजगी के साथ-साथ सोना और नकदी हासिल करने की मंशा भी थी।
गौरतलब है कि किशोरी मृतक के साथ उसी किराए के मकान में रहती थी और परिवार पिछले करीब तीन वर्षों से वहाँ रह रहा था। पड़ोसियों से उनका ज्यादा संपर्क नहीं था। कोल्लम में रिश्तेदारों के यहां रहने के दौरान किशोरी की मुलाकात अन्य नाबालिग आरोपियों से हुई थी।
नशीले पदार्थों की भूमिका की जांच
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस अपराध में नशीले पदार्थों की कोई भूमिका थी। इस बात की जांच की जा रही है कि क्या आरोपी MDMA का सेवन करते थे और क्या किसी बड़े ड्रग नेटवर्क का उन पर प्रभाव था।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने अभी तक मृतक और आरोपियों की पहचान आधिकारिक तौर पर पूरी तरह सार्वजनिक नहीं की है। सभी आरोपी नाबालिग होने के कारण मामला किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा। जांच अभी जारी है और पुलिस ड्रग एंगल सहित अन्य पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।