सूरत: रेस्टोरेंट के खाने से फूड पॉइजनिंग, 5 साल की आर्या की मौत; शीतल रेस्टोरेंट सील
सारांश
मुख्य बातें
सूरत के वराछा इलाके में 15 अगस्त 2026 की शाम शीतल रेस्टोरेंट से मंगवाए गए खाने को खाने के बाद एक परिवार के पाँच सदस्य गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। 17 अगस्त की रात 5 वर्षीय आर्या की सदविचार अस्पताल, पुनागाम के आपातकालीन विभाग में मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की जाँच में रेस्टोरेंट में खराब और अनुचित तरीके से रखा गया खाना मिलने के बाद अधिकारियों ने प्रतिष्ठान को तत्काल बंद करा दिया।
घटनाक्रम: कैसे हुई तबाही
रनुजाधाम सोसाइटी, वराछा निवासी अशोक कलसारिया के परिवार ने 15 अगस्त की शाम शीतल रेस्टोरेंट से पंजाबी खाना मँगवाया था, जिसमें काजू-पनीर की डिश भी शामिल थी। कुछ ही घंटों के भीतर परिवार के सदस्यों को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द शुरू हो गया।
अशोक के चचेरे भाई भावेशभाई कलसारिया के अनुसार, पहले लक्षण 16 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे दिखे जब अशोक और उनकी एक बेटी को पेट में असहनीय दर्द हुआ। उन्हें एक स्थानीय क्लिनिक ले जाया गया जहाँ सुबह करीब 9 बजे दवाएँ दी गईं, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं आया। बाद में जब परिवार के शेष सदस्यों की स्थिति भी बिगड़ने लगी, तो सभी पाँचों को सदविचार अस्पताल में भर्ती कराया गया।
5 वर्षीय आर्या को 17 अगस्त की रात आपातकालीन विभाग में लाया गया और परिवार के अनुसार अस्पताल पहुँचने के 15 से 20 मिनट के भीतर ही उसकी मौत हो गई। अशोक, उनकी पत्नी और दो अन्य बेटियों का उपचार जारी है; परिवार ने बताया कि बचे हुए चार सदस्यों की जाँच में फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हुई है।
जाँच में क्या मिला
फूड पॉइजनिंग की शिकायत मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार सुबह शीतल रेस्टोरेंट पहुँची। निरीक्षण में खराब चना दाल, बिना ढकी और आंशिक रूप से खराब सब्जियाँ तथा खुला पड़ा पनीर मिला। अधिकारियों ने सभी खराब सामग्री को मौके पर नष्ट कराया।
एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, 'फूड पॉइजनिंग की शिकायत मिलने पर हमारी टीम मंगलवार सुबह यहाँ पहुँची। हमने निरीक्षण किया और खराब खाने की सभी चीजों को नष्ट करने का आदेश दिया। एक लड़की की मौत की जानकारी मिलने के बाद हमने पूरा रेस्तरां बंद कर दिया है।' अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे पहले इस प्रतिष्ठान के नमूने गुणवत्ता परीक्षण में उत्तीर्ण हो चुके थे।
पुलिस कार्रवाई और पोस्टमॉर्टम
पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (Accidental Death) का मामला दर्ज किया है और आर्या के पार्थिव शरीर को पोस्टमॉर्टम के लिए स्मिमर अस्पताल भेजा गया है। मौत की सटीक वजह अभी तक आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुई है। पैनल पोस्टमॉर्टम के आदेश दिए गए हैं, जिससे यह निर्धारित किया जा सके कि मृत्यु का कारण फूड पॉइजनिंग था या नहीं। परिवार ने निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों से आग्रह किया है कि रेस्टोरेंट द्वारा आपूर्ति किए गए खाने और उपलब्ध साक्ष्यों की पूरी जाँच के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाए।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने फोन पर पीड़ित परिवार से बात कर संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने सूरत जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल पटेल और सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारी डॉ. उमरीगर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर स्थिति की समीक्षा की।
पानशेरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवार को सर्वोत्तम उपचार मिले और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर यदि शीतल रेस्टोरेंट दोषी पाया जाए तो उसे सील किया जाए। उन्होंने पूरे गुजरात के रेस्टोरेंटों में सफाई, स्वच्छता और खाद्य-सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए।
आगे क्या होगा
पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि आर्या की मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण दूषित भोजन था या नहीं। रेस्टोरेंट मालिक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम (Food Safety Act) के तहत कार्रवाई की तैयारी है। यह घटना गुजरात में खाद्य-सुरक्षा निगरानी तंत्र की खामियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।