गुजरात में 137 रेस्टोरेंट बंद, 548 किलो अखाद्य सामग्री नष्ट; सूरत फूड पॉइजनिंग के बाद स्वास्थ्य मंत्री का कड़ा एक्शन
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने 20 अगस्त को गांधीनगर में खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक सूरत के वराछा इलाके में 18 अगस्त को हुई फूड पॉइजनिंग की उस दर्दनाक घटना के बाद बुलाई गई, जिसमें पाँच वर्षीय एक मासूम बच्ची की जान चली गई। राज्य सरकार ने इस त्रासदी को गंभीरता से लेते हुए पूरे गुजरात में रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है।
विशेष ड्राइव में क्या सामने आया
स्वास्थ्य मंत्री पानशेरिया ने बैठक में स्पेशल ड्राइव की अब तक की रिपोर्ट की समीक्षा की। अधिकारियों के अनुसार, कुल 187 रेस्टोरेंट में आकस्मिक जाँच की गई, जिनमें से 137 रेस्टोरेंट में गंभीर स्तर की अस्वच्छता और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियाँ पाई गईं। सार्वजनिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन सभी प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया।
इसके अतिरिक्त, राजकोट महानगरपालिका द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले दो रेस्टोरेंट, राजकोट जिले में एक और नडियाद जिले में तीन रेस्टोरेंट सहित कुल छह प्रतिष्ठानों को सील किया गया है। 40 अन्य रेस्टोरेंट को खामियाँ दूर करने के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया, जबकि चार रेस्टोरेंट के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
सूरत में सघन निरीक्षण अभियान
सूरत महानगरपालिका (SMC) के स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी अधिकारियों और सैनिटेशन स्टाफ की संयुक्त टीमों ने शहर के सभी क्षेत्रों में 209 होटल-रेस्टोरेंट और 34 ढाबों का सघन निरीक्षण किया। जाँच के दौरान रसोई की स्वच्छता, बासी भोजन, मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र और डेयरी उत्पादों से संबंधित डिस्प्ले बोर्ड की स्थिति परखी गई।
इस अभियान में 548 किलोग्राम अखाद्य खाद्य सामग्री नष्ट की गई। 128 होटल-रेस्टोरेंट को नोटिस जारी कर ₹4,43,800 का प्रशासनिक जुर्माना वसूला गया। गंभीर खामियाँ पाए जाने पर 43 होटल-रेस्टोरेंट को तत्काल बंद कराया गया।
सूरत फूड पॉइजनिंग: घटना जिसने जगाई सरकार
सूरत के वराछा इलाके में 18 अगस्त को हुई फूड पॉइजनिंग की घटना में एक पाँच वर्षीय बच्ची की मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री पानशेरिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्यभर के सभी रेस्टोरेंट में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जाँच के लिए विशेष अभियान के आदेश दिए। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में आई है जब देशभर में फूड सेफ्टी मानकों के प्रति जागरूकता और जवाबदेही की माँग बढ़ रही है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र की विज्ञप्ति के अनुसार, नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले और मिलावटी व अवैध गतिविधियों में संलिप्त प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगामी समय में भी इसी प्रकार की कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एकबारगी कदम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निगरानी तंत्र का हिस्सा है।