20 अगस्त 2026
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गुजरात में 137 रेस्टोरेंट बंद, 548 किलो अखाद्य सामग्री नष्ट; सूरत फूड पॉइजनिंग के बाद स्वास्थ्य मंत्री का कड़ा एक्शन

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गुजरात में 137 रेस्टोरेंट बंद, 548 किलो अखाद्य सामग्री नष्ट; सूरत फूड पॉइजनिंग के बाद स्वास्थ्य मंत्री का कड़ा एक्शन

सारांश

सूरत में एक पाँच वर्षीय बच्ची की फूड पॉइजनिंग से मौत के बाद गुजरात सरकार हरकत में आई। 187 रेस्टोरेंट की जाँच में 137 बंद, 6 सील, 548 किलो अखाद्य सामग्री नष्ट और ₹4,43,800 जुर्माना — स्वास्थ्य मंत्री पानशेरिया का संदेश साफ है: खाद्य सुरक्षा से समझौता नहीं।

मुख्य बातें

सूरत के वराछा इलाके में 18 अगस्त को हुई फूड पॉइजनिंग में 5 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद गुजरात में विशेष अभियान शुरू।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने 20 अगस्त को गांधीनगर में खाद्य एवं औषधि नियमन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
187 रेस्टोरेंट में आकस्मिक जाँच; 137 में गंभीर अस्वच्छता मिलने पर तत्काल बंद करने का आदेश।
कुल 6 रेस्टोरेंट सील, 4 के लाइसेंस निलंबित, 40 को इम्प्रूवमेंट नोटिस।
सूरत में 243 प्रतिष्ठानों की जाँच में 548 किलोग्राम अखाद्य सामग्री नष्ट, ₹4,43,800 जुर्माना वसूला गया।
खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र ने आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रखने की घोषणा की।

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने 20 अगस्त को गांधीनगर में खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक सूरत के वराछा इलाके में 18 अगस्त को हुई फूड पॉइजनिंग की उस दर्दनाक घटना के बाद बुलाई गई, जिसमें पाँच वर्षीय एक मासूम बच्ची की जान चली गई। राज्य सरकार ने इस त्रासदी को गंभीरता से लेते हुए पूरे गुजरात में रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है।

विशेष ड्राइव में क्या सामने आया

स्वास्थ्य मंत्री पानशेरिया ने बैठक में स्पेशल ड्राइव की अब तक की रिपोर्ट की समीक्षा की। अधिकारियों के अनुसार, कुल 187 रेस्टोरेंट में आकस्मिक जाँच की गई, जिनमें से 137 रेस्टोरेंट में गंभीर स्तर की अस्वच्छता और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियाँ पाई गईं। सार्वजनिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन सभी प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया।

इसके अतिरिक्त, राजकोट महानगरपालिका द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले दो रेस्टोरेंट, राजकोट जिले में एक और नडियाद जिले में तीन रेस्टोरेंट सहित कुल छह प्रतिष्ठानों को सील किया गया है। 40 अन्य रेस्टोरेंट को खामियाँ दूर करने के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया, जबकि चार रेस्टोरेंट के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।

सूरत में सघन निरीक्षण अभियान

सूरत महानगरपालिका (SMC) के स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी अधिकारियों और सैनिटेशन स्टाफ की संयुक्त टीमों ने शहर के सभी क्षेत्रों में 209 होटल-रेस्टोरेंट और 34 ढाबों का सघन निरीक्षण किया। जाँच के दौरान रसोई की स्वच्छता, बासी भोजन, मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र और डेयरी उत्पादों से संबंधित डिस्प्ले बोर्ड की स्थिति परखी गई।

इस अभियान में 548 किलोग्राम अखाद्य खाद्य सामग्री नष्ट की गई। 128 होटल-रेस्टोरेंट को नोटिस जारी कर ₹4,43,800 का प्रशासनिक जुर्माना वसूला गया। गंभीर खामियाँ पाए जाने पर 43 होटल-रेस्टोरेंट को तत्काल बंद कराया गया।

सूरत फूड पॉइजनिंग: घटना जिसने जगाई सरकार

सूरत के वराछा इलाके में 18 अगस्त को हुई फूड पॉइजनिंग की घटना में एक पाँच वर्षीय बच्ची की मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री पानशेरिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्यभर के सभी रेस्टोरेंट में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जाँच के लिए विशेष अभियान के आदेश दिए। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में आई है जब देशभर में फूड सेफ्टी मानकों के प्रति जागरूकता और जवाबदेही की माँग बढ़ रही है।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र की विज्ञप्ति के अनुसार, नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले और मिलावटी व अवैध गतिविधियों में संलिप्त प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगामी समय में भी इसी प्रकार की कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एकबारगी कदम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निगरानी तंत्र का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह सवाल उठाता है कि क्या गुजरात का खाद्य नियमन तंत्र त्रासदी के इंतजार में काम करता है। 187 में से 137 रेस्टोरेंट में गंभीर खामियाँ मिलना बताता है कि नियमित निगरानी कितनी कमज़ोर रही होगी। असली परीक्षा यह है कि यह 'स्पेशल ड्राइव' एकबारगी मीडिया कवरेज तक सीमित रहती है या स्थायी प्रवर्तन तंत्र में बदलती है — क्योंकि अतीत में ऐसे अभियान अक्सर सुर्खियों के साथ शुरू होकर चुपचाप खत्म हो जाते हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत फूड पॉइजनिंग में क्या हुआ था?
सूरत के वराछा इलाके में 18 अगस्त 2026 को फूड पॉइजनिंग की एक गंभीर घटना में पाँच वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने पूरे गुजरात में रेस्टोरेंट की सघन जाँच के आदेश दिए।
गुजरात में कितने रेस्टोरेंट बंद किए गए?
स्पेशल ड्राइव के तहत 187 रेस्टोरेंट की जाँच में 137 में गंभीर अस्वच्छता पाए जाने पर तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए। इसके अलावा 6 रेस्टोरेंट सील, 4 के लाइसेंस निलंबित और 40 को सुधार नोटिस जारी किया गया।
सूरत में खाद्य सुरक्षा अभियान में क्या कार्रवाई हुई?
सूरत महानगरपालिका की संयुक्त टीमों ने 209 होटल-रेस्टोरेंट और 34 ढाबों की जाँच की। इसमें 548 किलोग्राम अखाद्य सामग्री नष्ट की गई, 128 प्रतिष्ठानों पर ₹4,43,800 का जुर्माना लगाया गया और 43 को तत्काल बंद कराया गया।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने क्या कदम उठाए?
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने 20 अगस्त को गांधीनगर में खाद्य एवं औषधि नियमन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर पूरे राज्य में विशेष जाँच अभियान के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
क्या यह अभियान आगे भी जारी रहेगा?
खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। अधिकारियों ने इसे एकबारगी कदम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निगरानी अभियान बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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