चांडीपुरा वायरस से गोधरा में 2 बच्चों की मौत, गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने 7 जुलाई को गांधीनगर में पत्रकारों को बताया कि गोधरा तालुका के दो अलग-अलग गांवों में चांडीपुरा वायरस से संक्रमित दो बच्चों की मौत हो गई है। राज्य में जारी भारी बारिश और उससे उत्पन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के मद्देनज़र स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री पानशेरिया ने बताया कि गोधरा तालुका के प्रभावित गांवों में विशेष चिकित्सा टीमें तत्काल भेजी गई हैं। ये टीमें मृत बच्चों के परिवारों सहित आसपास के सभी घरों का सर्वे कर रही हैं। घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच की जा रही है और संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशकों का छिड़काव भी शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, 'गुजरात के कई जिलों में भारी वर्षा के कारण रेड अलर्ट जारी है और कई स्थानों पर पिछले 12 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है और सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।'
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। बारिश के मौसम में बढ़ने वाले सांप और बिच्छू के काटने के मामलों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम और अन्य ज़रूरी दवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
पानशेरिया ने कहा, 'जलजनित और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक तैयारी की गई है। दस्त, उल्टी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों के इलाज की दवाएं सभी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचा दी गई हैं। मेडिकल टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाएगा।'
चांडीपुरा वायरस पर विशेष निगरानी
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में भी गुजरात के कुछ क्षेत्रों में चांडीपुरा वायरस के मामले सामने आए थे। उन क्षेत्रों की भी लगातार निगरानी जारी है ताकि संक्रमण दोबारा न फैले। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यदि कोई नया मामला सामने आता है तो उसकी समय रहते पहचान कर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
चांडीपुरा वायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरल बीमारी है जो मुख्यतः बच्चों को प्रभावित करती है और मानसून के मौसम में इसके मामले बढ़ने की आशंका रहती है।
आम जनता पर असर
राज्य में जारी रेड अलर्ट और चांडीपुरा वायरस की दोहरी चुनौती के बीच ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवार, विशेषकर छोटे बच्चों के माता-पिता, सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी बुखार या असामान्य लक्षण पर तत्काल नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
क्या होगा आगे
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में सर्वे और कीटनाशक छिड़काव जारी रखेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान वेक्टर-जनित बीमारियों पर निगरानी बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। प्रफुल्ल पानशेरिया ने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।