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गुजरात में रेड अलर्ट के बीच स्वास्थ्य मंत्री पंशेरिया ने की आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा, 108 एम्बुलेंस में दवाएं तैयार

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गुजरात में रेड अलर्ट के बीच स्वास्थ्य मंत्री पंशेरिया ने की आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा, 108 एम्बुलेंस में दवाएं तैयार

सारांश

गुजरात में रेड अलर्ट और भारी बारिश के बीच स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की। 108 एम्बुलेंस में दवाएं तैयार, PHC-CHC से तत्काल आपूर्ति का इंतजाम और चौबीसों घंटे डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने 7 जुलाई को गांधीनगर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
राज्य भर की प्रत्येक 108 एम्बुलेंस सेवा में सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
अमरेली के राजुला तालुका , सौराष्ट्र , सूरत , नवसारी और वलसाड सहित रेड अलर्ट वाले जिलों को विशेष निर्देश जारी किए गए।
दवा की कमी होने पर निकटतम PHC या CHC से तत्काल आपूर्ति का प्रावधान किया गया।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल राज्य में कोई गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल नहीं है।

गुजरात के कई जिलों में भारी बारिश और रेड अलर्ट जारी होने के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने मंगलवार, 7 जुलाई को गांधीनगर में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक का उद्देश्य संवेदनशील जिलों में निर्बाध चिकित्सा सेवाएं और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना था।

मुख्य घटनाक्रम

स्वास्थ्य मंत्री पंशेरिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी जिलों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया गया। दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारी और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बैठक एहतियाती कदम के तौर पर आयोजित की गई, न कि किसी मौजूदा संकट के जवाब में।

108 एम्बुलेंस और स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारी

पंशेरिया ने बताया कि मानसून के दौरान जलजनित बीमारियों और जहरीले कीड़ों तथा जानवरों के काटने के मामलों में सामान्यतः वृद्धि होती है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य भर की प्रत्येक 108 एम्बुलेंस सेवा में सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। यदि किसी क्षेत्र में दवाओं की कमी हो, तो निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है।

गौरतलब है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें चौबीसों घंटे उपलब्ध रहें, इसके लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।

रेड अलर्ट वाले जिलों पर विशेष ध्यान

मंत्री के अनुसार अमरेली के राजुला तालुका, सौराष्ट्र क्षेत्र और सूरत, नवसारी, वलसाड सहित दक्षिण गुजरात के पड़ोसी जिलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है। इन जिलों के स्वास्थ्य तंत्र को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं और राज्य के सभी जिलों में स्वास्थ्य टीमें अलर्ट मोड पर हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

पंशेरिया ने स्पष्ट किया कि फिलहाल गुजरात में कोई गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल या चिंताजनक स्थिति नहीं है। उन्होंने इस समीक्षा बैठक को मौसम की स्थिति और बिगड़ने से पहले की जाने वाली एहतियाती कवायद बताया। यह ऐसे समय में आया है जब मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

आम जनता पर असर

मानसून के दौरान जलजनित बीमारियाँ — जैसे डायरिया, मलेरिया और डेंगू — और साँप या बिच्छू के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी आबादी को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं। राज्य सरकार की यह तैयारी सुनिश्चित करती है कि दूरदराज के इलाकों में भी आपात चिकित्सा सहायता समय पर पहुंच सके। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता के अनुसार स्वास्थ्य विभाग अपनी रणनीति को और अद्यतन कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा मैदानी स्तर पर होगी — खासकर सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के उन दूरदराज के तालुकों में जहाँ बाढ़ के दौरान सड़क संपर्क टूट जाता है। हर साल मानसून में एम्बुलेंस और PHC की तैयारी के दावे होते हैं, पर जलभराव के दौरान आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने की शिकायतें भी सामने आती हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि घोषणाएं केवल प्रेस वार्ता तक सीमित न रहें — जिला स्तर पर वास्तविक स्टॉक सत्यापन और रियल-टाइम रिपोर्टिंग तंत्र ही इस तैयारी को विश्वसनीय बनाएगा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में रेड अलर्ट के बीच स्वास्थ्य विभाग ने क्या कदम उठाए हैं?
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया की अध्यक्षता में 7 जुलाई को समीक्षा बैठक हुई, जिसमें 108 एम्बुलेंस में दवाएं तैयार रखने, PHC-CHC से तत्काल आपूर्ति और चौबीसों घंटे डॉक्टरों की तैनाती के निर्देश दिए गए।
गुजरात के किन जिलों में रेड अलर्ट जारी है?
अमरेली के राजुला तालुका, सौराष्ट्र क्षेत्र और दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी तथा वलसाड जिलों को रेड अलर्ट पर रखा गया है। इन जिलों के स्वास्थ्य तंत्र को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
मानसून में गुजरात में कौन-सी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है?
मानसून के दौरान जलजनित बीमारियाँ जैसे डायरिया, मलेरिया और डेंगू के साथ-साथ जहरीले कीड़ों और जानवरों के काटने के मामले बढ़ जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने एहतियाती तैयारियाँ सुनिश्चित की हैं।
क्या गुजरात में अभी कोई स्वास्थ्य आपातकाल है?
स्वास्थ्य मंत्री पंशेरिया के अनुसार फिलहाल गुजरात में कोई गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल या चिंताजनक स्थिति नहीं है। यह समीक्षा बैठक मौसम की स्थिति बिगड़ने से पहले की जाने वाली एहतियाती कवायद थी।
दवाओं की कमी होने पर क्या व्यवस्था की गई है?
यदि किसी क्षेत्र में दवाओं की कमी होती है, तो निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से तत्काल आपूर्ति प्राप्त की जा सकती है। यह व्यवस्था राज्य भर में लागू की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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