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भारत-रवांडा रक्षा सहयोग: JDCC की दूसरी बैठक में सैन्य प्रशिक्षण और संयुक्त अभ्यास पर सहमति

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भारत-रवांडा रक्षा सहयोग: JDCC की दूसरी बैठक में सैन्य प्रशिक्षण और संयुक्त अभ्यास पर सहमति

सारांश

भारत और रवांडा ने नई दिल्ली में JDCC की दूसरी बैठक में सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास और रक्षा उद्योग सहयोग पर सहमति जताई। यह कदम अफ्रीका में भारत की बढ़ती रक्षा कूटनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

भारत-रवांडा JDCC की दूसरी बैठक 6-7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई।
बैठक की अध्यक्षता भारत से अमिताभ प्रसाद (संयुक्त सचिव, अंतरराष्ट्रीय सहयोग) और रवांडा से ब्रिगेडियर जनरल लुइस कनोबायरे ने की।
दोनों देशों ने सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, मेडिकल सहयोग और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
रवांडा प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की।
राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने रवांडा मुक्ति दिवस की 32वीं वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

भारत और रवांडा ने 7 जुलाई 2026 को रक्षा संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया। नई दिल्ली में आयोजित भारत-रवांडा संयुक्त रक्षा सहयोग समिति (JDCC) की दूसरी बैठक में दोनों देशों ने सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, मेडिकल सहयोग और रक्षा उद्योग के क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर सहमति जताई। यह बैठक 6-7 जुलाई 2026 को आयोजित हुई और द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।

बैठक का मुख्य घटनाक्रम

बैठक की अध्यक्षता भारत की ओर से संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद और रवांडा की ओर से ब्रिगेडियर जनरल लुइस कनोबायरे ने की। रक्षा मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि दोनों पक्षों ने सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, मेडिकल सहयोग और रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

बैठक से पहले सोमवार, 6 जुलाई को ब्रिगेडियर जनरल कनोबायरे के नेतृत्व में रवांडा के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर भारत के शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की।

रवांडा मुक्ति दिवस और कूटनीतिक गर्मजोशी

विदेश और कपड़ा मंत्रालय में राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने सोमवार को रवांडा के मुक्ति दिवस (Liberation Day) की 32वीं वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, "रवांडा के लिबरेशन-डे की 32वीं वर्षगांठ में शामिल होकर खुशी हुई। पिछले तीन दशकों में रवांडा का सामाजिक और आर्थिक विकास प्रेरणादायक रहा है।"

भारत में रवांडा की उच्चायुक्त मुकंगीरा जैकलीन ने कार्यक्रम को संबोधित किया और मार्गेरिटा की उपस्थिति के लिए आभार जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, "आपकी मौजूदगी हमारे लिए बहुत मायने रखती है और इससे यह कार्यक्रम और खास बन गया, जहाँ हमने रवांडा की आज़ादी, संघर्षों से उबरने और राष्ट्रीय विकास की शानदार यात्रा को याद किया।"

सहयोग के प्रमुख क्षेत्र

JDCC की इस दूसरी बैठक में जिन क्षेत्रों पर सहमति बनी, उनमें सैन्य प्रशिक्षण (भारतीय रक्षा संस्थानों में रवांडा रक्षा बल के अधिकारियों की ट्रेनिंग), संयुक्त सैन्य अभ्यास, मेडिकल सहयोग और रक्षा उद्योग में साझेदारी शामिल हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी रक्षा कूटनीति को व्यापक रूप से मज़बूत कर रहा है।

भारत-अफ्रीका रक्षा साझेदारी का संदर्भ

गौरतलब है कि भारत पिछले कुछ वर्षों में अफ्रीकी देशों के साथ रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को प्राथमिकता दे रहा है। रवांडा के साथ JDCC की यह दूसरी बैठक इस रणनीतिक दिशा का हिस्सा है। भारत का रक्षा उद्योग — जिसमें HAL, BEL और DRDO जैसे संस्थान शामिल हैं — अफ्रीकी बाज़ारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। रवांडा रक्षा बल (RDF) के सदस्यों की भारत में उपस्थिति इस साझेदारी के व्यावहारिक आयाम को रेखांकित करती है।

आगे की राह

दोनों देशों के बीच हुई सहमति के बाद अब संयुक्त कार्यक्रमों और प्रशिक्षण कैलेंडर को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। यह द्विपक्षीय रक्षा ढाँचा भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' और 'आत्मनिर्भर भारत' नीतियों के अनुरूप अफ्रीका में भारत की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह अफ्रीका में भारत की बढ़ती रक्षा कूटनीति की एक बड़ी तस्वीर का हिस्सा है — जहाँ भारत पश्चिमी और चीनी प्रभाव के बीच वैकल्पिक साझेदार के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है। रवांडा जैसे रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण देश के साथ सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा उद्योग सहयोग का विस्तार भारत के 'मेक इन इंडिया' रक्षा निर्यात एजेंडे से सीधे जुड़ता है। हालाँकि, असली परीक्षा यह होगी कि ये सहमतियाँ कागज़ से निकलकर ज़मीन पर कितनी जल्दी उतरती हैं — क्योंकि भारत-अफ्रीका रक्षा वार्ताओं का इतिहास घोषणाओं में समृद्ध और क्रियान्वयन में कमज़ोर रहा है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-रवांडा JDCC की दूसरी बैठक में क्या तय हुआ?
6-7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों देशों ने सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, मेडिकल सहयोग और रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह JDCC की दूसरी बैठक थी, जो भारत-रवांडा रक्षा संबंधों को संस्थागत आधार देने की दिशा में एक अहम कदम है।
JDCC बैठक की अध्यक्षता किसने की?
बैठक की अध्यक्षता भारत की ओर से संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद और रवांडा की ओर से ब्रिगेडियर जनरल लुइस कनोबायरे ने की।
रवांडा के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर क्यों गए?
JDCC बैठक से पहले 6 जुलाई को ब्रिगेडियर जनरल लुइस कनोबायरे के नेतृत्व में रवांडा के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर भारत के शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की। यह कूटनीतिक सद्भावना और सैन्य सम्मान की परंपरा का हिस्सा था।
रवांडा मुक्ति दिवस समारोह में भारत से कौन शामिल हुए?
विदेश और कपड़ा मंत्रालय में राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने रवांडा के मुक्ति दिवस (Liberation Day) की 32वीं वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। भारत में रवांडा की उच्चायुक्त मुकंगीरा जैकलीन ने उनकी उपस्थिति के लिए आभार जताया।
भारत-रवांडा रक्षा सहयोग का व्यापक महत्त्व क्या है?
यह सहयोग अफ्रीका में भारत की बढ़ती रक्षा कूटनीति का हिस्सा है, जहाँ भारत अपने रक्षा उद्योग के निर्यात और प्रशिक्षण क्षमताओं के ज़रिये रणनीतिक साझेदारियाँ बना रहा है। रवांडा पूर्वी अफ्रीका में एक महत्त्वपूर्ण भागीदार देश है और यह बैठक भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' रक्षा नीति के अंतर्गत अफ्रीकी देशों तक पहुँच बढ़ाने की रणनीति को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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