भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से यूएई थलसेना के डिप्टी कमांडर की उच्चस्तरीय वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) थलसेना के डिप्टी कमांडर ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ मोहम्मद खमीस मोहम्मद अल-हस्सानी ने 26 जून 2026 को नई दिल्ली में मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता ने दोनों देशों के बीच गहराते रणनीतिक विश्वास और रक्षा सहयोग को एक बार फिर स्पष्ट रेखांकित किया।
बैठक में किन विषयों पर हुई चर्चा
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को और सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत विमर्श किया। प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सैन्य विशेषज्ञता के आदान-प्रदान, संयुक्त गतिविधियों और संस्थागत सहयोग को विस्तार देने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान को नए क्षेत्रों में ले जाने पर भी सहमति बनी।
रक्षा संबंधों की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भारत और यूएई के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से प्रगाढ़ हुआ है। दोनों देश नियमित सैन्य संवाद, संयुक्त अभ्यास और रणनीतिक साझेदारी के ज़रिये अपने संबंधों को लगातार नई ऊँचाइयाँ दे रहे हैं। यह बैठक उसी निरंतर प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।
विशेषज्ञों की राय
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में भारत-यूएई रक्षा साझेदारी दोनों देशों के लिए रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि दोनों सेनाओं के बीच नियमित संपर्क न केवल सैन्य क्षमताओं को सशक्त बनाएगा, बल्कि व्यापक क्षेत्र में शांति और स्थिरता को भी बढ़ावा देगा।
साझा प्रतिबद्धता और आगे की राह
बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी विश्वास, पारस्परिक सम्मान और साझा हितों पर आधारित रक्षा संबंधों को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की गई। यह वार्ता भविष्य में दोनों देशों की सेनाओं के बीच और अधिक समन्वय का मार्ग प्रशस्त करेगी।