क्या सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने आधुनिक युद्ध पर यूएई के सैन्य अधिकारियों से चर्चा की?
सारांश
Key Takeaways
- आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति पर चर्चा।
- यूएई के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना।
- साझा अभ्यास और प्रशिक्षण का महत्व।
- तकनीकी क्षमताओं की आवश्यकता।
- सामरिक दृष्टिकोण से दोनों देशों का सहयोग।
नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा के तहत उन्होंने मंगलवार को यूएई राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के अधिकारियों को संबोधित किया।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यूएई के सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में हो रहे तेज बदलावों, आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और युद्ध क्षेत्र में बढ़ती प्रौद्योगिकी के महत्व पर गहराई से चर्चा की। आज के युग में तकनीक-आधारित क्षमताएं, संयुक्त संचालन, साइबर और अंतरिक्ष में चुनौतियाँ विश्व सुरक्षा ढांचे को नए रूप में ढाल रही हैं।
उन्होंने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की दूरदृष्टि एवं नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि आज देशों के बीच सहयोगात्मक सैन्य संपर्क, साझा अभ्यास, प्रशिक्षण और संचालनात्मक तालमेल अत्यंत आवश्यक है। जनरल द्विवेदी ने भारत, यूएई और क्षेत्रीय साझेदार देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह सहयोग पारस्परिक लाभ सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय व वैश्विक शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।
इससे पहले, जनरल द्विवेदी ने यूएई लैंड फोर्सेज के कमांडर मेजर जनरल स्टाफ यूसुफ मायूफ सईद अल हल्लामी से भी मुलाकात की। दोनों सैन्य नेताओं के बीच सकारात्मक रक्षा सहयोग, प्रशिक्षण में साझेदारी और सामंजस्य पर चर्चा हुई।
जनरल द्विवेदी ने लैंड फोर्सेज म्यूजियम का दौरा किया, जहां उन्होंने यूएई की थल सेना के समृद्ध इतिहास और सैन्य विरासत के बारे में जानकारी प्राप्त की।
यह यात्रा भारत और यूएई के बीच बढ़ते रणनीतिक एवं रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जनरल द्विवेदी की यह आधिकारिक यात्रा सोमवार को प्रारंभ हुई थी।
यूएई में उनकी आगमन पर यूएई थल सेना द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। मंगलवार को यह उनकी यूएई यात्रा का अंतिम दिन है।