लखनऊ में महिला दिवस पर बाल उत्सव में बेटियों का प्रतिभा प्रदर्शन
सारांश
Key Takeaways
- महिला दिवस पर होने वाला उत्सव बेटियों की प्रतिभा को उजागर करेगा।
- राज्य स्तर पर आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होगा।
- सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
- बेटियों को स्वास्थ्य प्रतिस्पर्धा और टीम भावना का अनुभव होगा।
- समग्र शिक्षा के अंतर्गत सशक्त बालिका की दिशा में महत्वपूर्ण पहल।
लखनऊ, २७ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में ८ मार्च २०२६ को राजधानी लखनऊ में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय बाल उत्सव में प्रदेश की बेटियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
समग्र शिक्षा के अंतर्गत आयोजित इस महोत्सव में सभी जनपदों से चयनित प्रतिभागी ७ मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे और अगले दिन सांस्कृतिक, रचनात्मक और बौद्धिक गतिविधियों के मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
महिला दिवस पर आयोजित यह राज्य स्तरीय बाल उत्सव ‘सशक्त बालिका-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने का एक प्रेरणादायक प्रयास होगा और यह संदेश देगा कि मंच, मान और अवसर मिलने पर बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित कर सकती हैं।
इस संदर्भ में बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश संदीप सिंह ने कहा कि महिला दिवस पर आयोजित यह उत्सव प्रदेश की बेटियों को अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के प्रदर्शन का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। हर बालिका को शिक्षा के साथ पहचान और अवसर दिलाने तथा उन्हें भविष्य की नेतृत्वकर्ता बनाना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है।
इस उत्सव में बेटियों को अपनी अभिव्यक्ति, नवाचार और नेतृत्व कौशल प्रदर्शित करने का व्यापक अवसर मिलेगा। राज्य स्तर पर चयनित प्रतिभागियों को मंच, मार्गदर्शन और सम्मान प्रदान करते हुए यह आयोजन इस तथ्य को रेखांकित करेगा कि उत्तर प्रदेश की बेटियां अब हर क्षेत्र में नई पहचान गढ़ने की क्षमता रखती हैं।
आयोजन के माध्यम से बालिकाओं के आत्मविश्वास और रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिलेगा, साथ ही उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और टीम भावना के साथ सीखने का अवसर भी प्राप्त होगा। जनपद स्तर से राज्य स्तर तक चयन प्रक्रिया से गुजरने वाली प्रतिभाएं प्रदेश की विविध सांस्कृतिक धरोहर और शैक्षिक क्षमता की झलक प्रस्तुत करेंगी।
उत्सव में प्रदेश के सभी जनपदों से चयनित प्रतिभागियों की सहभागिता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं, बौद्धिक और नवाचार-आधारित बालिका प्रतिभाओं पर विशेष फोकस, राज्य स्तरीय मंच पर सम्मान व प्रमाणन, ७ मार्च को प्रतिभागियों का आगमन, ८ मार्च को मुख्य आयोजन।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश मोनिका रानी ने कहा कि राज्य स्तरीय बाल उत्सव में जनपदों से चयनित बालिकाओं को रचनात्मक, सांस्कृतिक और बौद्धिक अभिव्यक्ति का व्यापक अवसर मिलेगा। यह आयोजन बालिका प्रतिभाओं को निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित करने का एक अवसर है।