क्या अमेरिकी सेना सचिव और भारतीय सेनाध्यक्ष की मुलाकात से आर्मी संबंधों में मजबूती आएगी?

Click to start listening
क्या अमेरिकी सेना सचिव और भारतीय सेनाध्यक्ष की मुलाकात से आर्मी संबंधों में मजबूती आएगी?

सारांश

यूएस सेना सचिव और भारतीय सेना प्रमुख के बीच हालिया मुलाकात ने भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को नई दिशा दी है। इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। जानें, इस मुलाकात का वैश्विक शांति पर क्या असर होगा।

Key Takeaways

  • भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में कदम।
  • साझा मूल्यों और विश्वास पर आधारित सैन्य संबंध
  • 10 वर्षीय रक्षा साझेदारी समझौता के तहत सहयोग।
  • हवाई में आयोजित मिलिट्री कोऑपरेशन ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक।
  • इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षमता निर्माण के अवसरों पर चर्चा।

नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस) यूएस सेना सचिव (अमेरिकी सेना सचिव) डैनियल पी. ड्रिस्कॉल और भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात संपन्न हुई है। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, मिलिट्री-टू-मिलिट्री सहभागिता को बढ़ाने तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति दोनों सेनाओं की साझा प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने पर गहन चर्चा की गई।

बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार किया। भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यासों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, पेशेवर आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और आपसी समन्वय को प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और रक्षा संबंधों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के प्रति समान दृष्टिकोण पर आधारित है। ध्यान देने योग्य है कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी पर एक ऐतिहासिक समझौता भी हो चुका है। कुछ महीनों पहले भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ के साथ 10 वर्षीय ‘फ्रेमवर्क फॉर द यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप’ पर हस्ताक्षर किए थे।

रक्षा मंत्री ने कुआलालंपुर में अपने अमेरिकी समकक्ष पीटर हेगसेथ के साथ यह महत्वपूर्ण बैठक की थी। इसके तहत दोनों देशों ने 10 वर्षों के लिए ‘यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क’ पर हस्ताक्षर किए थे। इसके पश्चात भारत और अमेरिका के बीच 22वीं मिलिट्री कोऑपरेशन ग्रुप की बैठक भी हुई, जिसमें इस समझौते से जुड़े विषयों पर आगे की चर्चा हुई। इसमें रक्षा सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और संयुक्त प्रशिक्षण जैसे विषय शामिल थे।

भारत और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक 3 और 4 नवम्बर को अमेरिका के हवाई में हुई थी। यह भारत–अमेरिका सैन्य सहयोग समूह की 22वीं बैठक थी। इस बैठक में सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, उभरती प्रौद्योगिकियों का साझा उपयोग, रक्षा उद्योग सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता जैसे विषय शामिल थे।

हाल ही में भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने अमेरिका की यात्रा की। यहां उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षमता निर्माण के नए अवसरों पर विचार किया। एडमिरल त्रिपाठी की इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय नौसेना और संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना के बीच पहले से प्रगाढ़ समुद्री साझेदारी को और मजबूत करना था। इसके अलावा, पिछले नवंबर में भारतीय वायुसेना और संयुक्त राज्य अमेरिका की वायुसेना के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वायु अभ्यास का आयोजन किया गया था। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य वायु सेनाओं के बीच आपसी समझ, सामरिक सहयोग और अंतरसंचालन क्षमता को बढ़ाना था।

Point of View

यह मुलाकात भारत और अमेरिका के बीच गहरे सहयोग का प्रतीक है। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करना और वैश्विक शांति की दिशा में कदम उठाना आवश्यक है। इस प्रकार की उच्चस्तरीय बैठकें हमें यह दिखाती हैं कि कैसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग से वैश्विक सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकता है।
NationPress
14/02/2026

Frequently Asked Questions

अमेरिकी सेना सचिव का नाम क्या है?
अमेरिकी सेना सचिव का नाम डैनियल पी. ड्रिस्कॉल है।
भारतीय थल सेना के प्रमुख कौन हैं?
भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी हैं।
बैठक में किन विषयों पर चर्चा की गई?
बैठक में रक्षा सहयोग, सैन्य साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा पर चर्चा की गई।
भारत और अमेरिका के बीच कितने वर्षों के लिए रक्षा साझेदारी का समझौता हुआ है?
भारत और अमेरिका के बीच 10 वर्षों के लिए रक्षा साझेदारी का समझौता हुआ है।
क्या इस बैठक का वैश्विक शांति पर प्रभाव पड़ेगा?
हां, यह बैठक वैश्विक शांति और सुरक्षा को सुदृढ़ करने में सहायक होगी।
Nation Press