21 जुलाई 2026
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भारत-जिम्बाब्वे JDC की पहली बैठक नई दिल्ली में, रक्षा सहयोग के नए क्षेत्रों पर बनी सहमति

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भारत-जिम्बाब्वे JDC की पहली बैठक नई दिल्ली में, रक्षा सहयोग के नए क्षेत्रों पर बनी सहमति

सारांश

भारत और जिम्बाब्वे के बीच JDC की पहली बैठक नई दिल्ली में हुई — संयुक्त विनिर्माण, आतंकवाद-रोधी और शांति स्थापना जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति बनी। यह बैठक एयरो इंडिया 2025 में हस्ताक्षरित MoU को ज़मीनी रूप देने की दिशा में पहला ठोस कदम है।

मुख्य बातें

भारत-जिम्बाब्वे संयुक्त रक्षा समिति (JDC) की पहली बैठक 4 जून 2025 को नई दिल्ली में संपन्न हुई।
बैठक की सह-अध्यक्षता संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद (भारत) और स्थायी सचिव आरोन डैनियल टोंडे नेपेरा (जिम्बाब्वे) ने की।
जिम्बाब्वे का 12 सदस्यीय उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचा।
संयुक्त विनिर्माण, आतंकवाद-रोधी , सीमा प्रबंधन और शांति स्थापना में सहयोग पर चर्चा हुई।
यह बैठक एयरो इंडिया 2025 में हस्ताक्षरित रक्षा सहयोग MoU के क्रियान्वयन का हिस्सा है।
जिम्बाब्वे को इसी सप्ताह UNSC का गैर-स्थायी सदस्य (दो वर्ष के लिए) चुना गया।

भारत और जिम्बाब्वे के बीच संयुक्त रक्षा समिति (JDC) की ऐतिहासिक पहली बैठक 4 जून 2025 को नई दिल्ली में संपन्न हुई, जिसमें दोनों देशों ने प्रशिक्षण, सहायता और सामान्य हवाई परिसंपत्तियों के रखरखाव सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। यह बैठक एयरो इंडिया 2025 के दौरान दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों द्वारा हस्ताक्षरित रक्षा सहयोग समझौता ज्ञापन (MoU) के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बैठक का स्वरूप और प्रतिनिधित्व

इस उच्चस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद और जिम्बाब्वे की ओर से स्थायी सचिव आरोन डैनियल टोंडे नेपेरा ने की। जिम्बाब्वे का 12 सदस्यीय उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचा, जिसका नेतृत्व स्थायी सचिव नेपेरा ने किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में सेना, रक्षा उत्पादन विभाग और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के प्रतिनिधि शामिल रहे।

सहयोग के नए क्षेत्र

बैठक में दोनों पक्षों ने संयुक्त विनिर्माण, आतंकवाद-रोधी अभियान, सीमा प्रबंधन और शांति स्थापना जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को व्यापक रूप से सुदृढ़ कर रहा है।

जिम्बाब्वे के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित DPSU भवन का भी दौरा किया, जहाँ भारतीय रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ आपसी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

श्रद्धांजलि और राजनयिक शिष्टाचार

अपनी यात्रा की शुरुआत में स्थायी सचिव आरोन डैनियल टोंडे नेपेरा ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर भारत के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक निकटता को रेखांकित करता है।

जिम्बाब्वे की UNSC में नई भूमिका

गौरतलब है कि इसी सप्ताह जिम्बाब्वे को ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का गैर-स्थायी सदस्य चुना गया। इस वर्ष पाँच सीटों के लिए सात उम्मीदवार मैदान में थे और जिम्बाब्वे पहले ही दौर की मतदान में निर्वाचित हुआ। उसका कार्यकाल दो वर्ष का होगा। UNSC में जिम्बाब्वे की यह नई स्थिति भारत-जिम्बाब्वे रक्षा एवं कूटनीतिक संबंधों को और अधिक रणनीतिक महत्व देती है।

आगे की राह

JDC की यह पहली बैठक भारत-जिम्बाब्वे रक्षा संबंधों को संस्थागत ढाँचा प्रदान करती है। दोनों पक्षों से अपेक्षा है कि MoU में तय उद्देश्यों के अनुरूप आने वाले महीनों में संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम और रक्षा उद्योग सहयोग की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

संयुक्त विनिर्माण और आतंकवाद-रोधी जैसे महत्वाकांक्षी क्षेत्रों में घोषणाओं को ज़मीनी नतीजों में बदलना चुनौतीपूर्ण रहा है — भारत के कई अफ्रीकी रक्षा MoU वर्षों तक कागज़ पर ही रहे हैं। असली कसौटी यह होगी कि आने वाले महीनों में संयुक्त प्रशिक्षण और उद्योग सहयोग किस गति से आगे बढ़ता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-जिम्बाब्वे संयुक्त रक्षा समिति (JDC) की पहली बैठक कब और कहाँ हुई?
JDC की पहली बैठक 4 जून 2025 को नई दिल्ली में आयोजित हुई। इसमें दोनों देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग विस्तार पर सहमति जताई।
इस बैठक में किन क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई?
बैठक में प्रशिक्षण, सहायता, हवाई परिसंपत्तियों के रखरखाव के साथ-साथ संयुक्त विनिर्माण, आतंकवाद-रोधी अभियान, सीमा प्रबंधन और शांति स्थापना जैसे नए क्षेत्रों पर विचार-विमर्श हुआ।
भारत-जिम्बाब्वे रक्षा MoU कब हस्ताक्षरित हुआ था?
दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने एयरो इंडिया 2025 के अवसर पर रक्षा सहयोग समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। JDC की यह पहली बैठक उसी MoU में निर्धारित उद्देश्यों को क्रियान्वित करने की दिशा में आयोजित की गई।
जिम्बाब्वे को UNSC का गैर-स्थायी सदस्य कब चुना गया?
जिम्बाब्वे को इसी सप्ताह बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का गैर-स्थायी सदस्य चुना गया। वह ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के साथ पहले ही दौर की मतदान में निर्वाचित हुआ और उसका कार्यकाल दो वर्ष का होगा।
इस बैठक में जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व किसने किया?
जिम्बाब्वे की ओर से 12 सदस्यीय उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्थायी सचिव आरोन डैनियल टोंडे नेपेरा ने किया। भारत की ओर से संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद ने सह-अध्यक्षता की।
राष्ट्र प्रेस
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