18 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-इथियोपिया रक्षा सहयोग: नई दिल्ली में सैन्य प्रशिक्षण व रक्षा उद्योग पर अहम वार्ता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-इथियोपिया रक्षा सहयोग: नई दिल्ली में सैन्य प्रशिक्षण व रक्षा उद्योग पर अहम वार्ता

सारांश

भारत और इथियोपिया के बीच नई दिल्ली में रक्षा सहयोग पर अहम बैठक हुई — सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग और UN शांति अभियानों पर चर्चा। अक्टूबर 2025 में स्थापित संयुक्त रक्षा तंत्र के बाद यह वार्ता भारत की अफ्रीका-केंद्रित रक्षा कूटनीति को नई दिशा देती है।

मुख्य बातें

2 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में भारत-इथियोपिया रक्षा सहयोग पर द्विपक्षीय वार्ता हुई।
बैठक इथियोपिया दूतावास के प्रभारी राजदूत नेबियू टेडला और रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद के बीच हुई।
चर्चा के मुख्य विषय: सैन्य प्रशिक्षण , रक्षा औद्योगिक सहयोग और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान ।
भारत और इथियोपिया ने अक्टूबर 2025 में अपना पहला संयुक्त रक्षा सहयोग तंत्र स्थापित किया था।
दोनों देशों ने पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ नए और उभरते क्षेत्रों में रक्षा साझेदारी विस्तार पर सहमति जताई।

भारत और इथियोपिया ने 2 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को व्यापक और सुदृढ़ बनाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह वार्ता इथियोपिया दूतावास के प्रभारी राजदूत नेबियू टेडला और रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद के बीच हुई। बातचीत में सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा औद्योगिक सहयोग और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों जैसे प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया। सैन्य प्रशिक्षण को इस साझेदारी का एक अहम स्तंभ माना गया, जिसके तहत दोनों देशों के सैन्यकर्मियों को एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं और विशेषज्ञता से सीखने के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, रक्षा उपकरणों और तकनीकी क्षमताओं के क्षेत्र में नई साझेदारी की संभावनाएँ भी तलाशी गईं।

गौरतलब है कि भारत और इथियोपिया ने अक्टूबर 2025 में अपना पहला संयुक्त रक्षा सहयोग तंत्र स्थापित किया था, जिसमें सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की गई थी। बुधवार की बैठक उसी ढाँचे को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रक्षा उद्योग सहयोग की संभावनाएँ

भारत अपनी स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता के विस्तार के साथ-साथ अफ्रीकी देशों के साथ रक्षा औद्योगिक साझेदारी को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। इथियोपिया के साथ रक्षा उद्योग में सहयोग भविष्य में तकनीकी साझेदारी और क्षमता निर्माण के नए अवसर खोल सकता है। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को केवल पारंपरिक सैन्य क्षेत्रों तक सीमित न रखते हुए नए और उभरते क्षेत्रों में विस्तार देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा निर्यात को तेज़ी से बढ़ा रहा है और अफ्रीकी महाद्वीप में अपनी रणनीतिक उपस्थिति मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सहयोग

बैठक में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के क्षेत्र में सहयोग पर भी विशेष चर्चा हुई। भारत और इथियोपिया दोनों ही संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में योगदान देने वाले प्रमुख देश हैं। ऐसे में प्रशिक्षण, अनुभव साझा करने और शांति अभियानों से जुड़ी क्षमताओं को सुदृढ़ करने में दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएँ हैं।

भारत-अफ्रीका रक्षा संबंधों का व्यापक संदर्भ

भारत दीर्घकाल से अफ्रीकी देशों के साथ रक्षा क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग करता आया है। इथियोपिया के साथ इस दिशा में जारी वार्ता इस बात का संकेत है कि नई दिल्ली अपनी अफ्रीका नीति में रक्षा कूटनीति को एक प्रमुख उपकरण के रूप में उपयोग कर रही है। आलोचकों का कहना है कि ऐसी साझेदारियों की वास्तविक सफलता तब मापी जाएगी जब ठोस करार और क्रियान्वयन-योग्य परियोजनाएँ सामने आएँगी।

आगे की राह

दोनों देशों के रक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को और गहरा करने तथा आपसी अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ उठाने पर सहमति जताई गई। बदलती वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों के अनुरूप इस साझेदारी को विकसित करने की दिशा में आने वाले महीनों में और बैठकों की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रक्षा औद्योगिक साझेदार के रूप में देख रही है — यह बदलाव महत्वपूर्ण है। हालाँकि, अक्टूबर 2025 में स्थापित संयुक्त रक्षा तंत्र के बाद भी अब तक कोई ठोस करार सार्वजनिक नहीं हुआ है, जो क्रियान्वयन की गति पर सवाल खड़े करता है। दोनों देश UN शांति अभियानों में बड़े योगदानकर्ता हैं — यह साझा ज़मीन साझेदारी को व्यावहारिक आधार देती है। लेकिन मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि बिना सार्वजनिक जवाबदेही तंत्र के, ऐसी बैठकें कूटनीतिक औपचारिकता बनकर रह सकती हैं।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-इथियोपिया रक्षा सहयोग वार्ता 2026 में क्या हुआ?
2 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में इथियोपिया दूतावास के प्रभारी राजदूत नेबियू टेडला और रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद के बीच बैठक हुई। इसमें सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों पर चर्चा हुई।
भारत और इथियोपिया के बीच संयुक्त रक्षा सहयोग तंत्र कब शुरू हुआ?
भारत और इथियोपिया ने अक्टूबर 2025 में अपना पहला संयुक्त रक्षा सहयोग तंत्र स्थापित किया था। इसमें रक्षा सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की गई थी और 2 सितंबर 2026 की बैठक उसी ढाँचे को आगे बढ़ाने की दिशा में हुई।
भारत-इथियोपिया रक्षा सहयोग में कौन-से मुख्य क्षेत्र शामिल हैं?
इस साझेदारी में मुख्य रूप से सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा औद्योगिक सहयोग, तकनीकी क्षमता निर्माण और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में समन्वय शामिल हैं। दोनों देशों ने पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ नए और उभरते क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई है।
भारत की अफ्रीका रक्षा नीति में इथियोपिया का क्या महत्व है?
भारत अपनी स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता के विस्तार के साथ अफ्रीकी देशों को रक्षा औद्योगिक साझेदार के रूप में देख रहा है। इथियोपिया के साथ सहयोग से तकनीकी साझेदारी और क्षमता निर्माण के नए अवसर पैदा हो सकते हैं, जो भारत की व्यापक अफ्रीका-केंद्रित रक्षा कूटनीति का हिस्सा है।
संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत और इथियोपिया की क्या भूमिका है?
भारत और इथियोपिया दोनों ही संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में योगदान देने वाले प्रमुख देश हैं। इस साझा भूमिका के चलते दोनों देशों के बीच प्रशिक्षण, अनुभव साझा करने और शांति अभियान क्षमताओं को मज़बूत करने में व्यापक सहयोग की संभावनाएँ हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले