भारत-इथियोपिया रक्षा सहयोग: नई दिल्ली में सैन्य प्रशिक्षण व रक्षा उद्योग पर अहम वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
भारत और इथियोपिया ने 2 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को व्यापक और सुदृढ़ बनाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह वार्ता इथियोपिया दूतावास के प्रभारी राजदूत नेबियू टेडला और रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद के बीच हुई। बातचीत में सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा औद्योगिक सहयोग और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों जैसे प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया। सैन्य प्रशिक्षण को इस साझेदारी का एक अहम स्तंभ माना गया, जिसके तहत दोनों देशों के सैन्यकर्मियों को एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं और विशेषज्ञता से सीखने के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, रक्षा उपकरणों और तकनीकी क्षमताओं के क्षेत्र में नई साझेदारी की संभावनाएँ भी तलाशी गईं।
गौरतलब है कि भारत और इथियोपिया ने अक्टूबर 2025 में अपना पहला संयुक्त रक्षा सहयोग तंत्र स्थापित किया था, जिसमें सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की गई थी। बुधवार की बैठक उसी ढाँचे को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रक्षा उद्योग सहयोग की संभावनाएँ
भारत अपनी स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता के विस्तार के साथ-साथ अफ्रीकी देशों के साथ रक्षा औद्योगिक साझेदारी को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है। इथियोपिया के साथ रक्षा उद्योग में सहयोग भविष्य में तकनीकी साझेदारी और क्षमता निर्माण के नए अवसर खोल सकता है। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को केवल पारंपरिक सैन्य क्षेत्रों तक सीमित न रखते हुए नए और उभरते क्षेत्रों में विस्तार देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा निर्यात को तेज़ी से बढ़ा रहा है और अफ्रीकी महाद्वीप में अपनी रणनीतिक उपस्थिति मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सहयोग
बैठक में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के क्षेत्र में सहयोग पर भी विशेष चर्चा हुई। भारत और इथियोपिया दोनों ही संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में योगदान देने वाले प्रमुख देश हैं। ऐसे में प्रशिक्षण, अनुभव साझा करने और शांति अभियानों से जुड़ी क्षमताओं को सुदृढ़ करने में दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएँ हैं।
भारत-अफ्रीका रक्षा संबंधों का व्यापक संदर्भ
भारत दीर्घकाल से अफ्रीकी देशों के साथ रक्षा क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग करता आया है। इथियोपिया के साथ इस दिशा में जारी वार्ता इस बात का संकेत है कि नई दिल्ली अपनी अफ्रीका नीति में रक्षा कूटनीति को एक प्रमुख उपकरण के रूप में उपयोग कर रही है। आलोचकों का कहना है कि ऐसी साझेदारियों की वास्तविक सफलता तब मापी जाएगी जब ठोस करार और क्रियान्वयन-योग्य परियोजनाएँ सामने आएँगी।
आगे की राह
दोनों देशों के रक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को और गहरा करने तथा आपसी अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ उठाने पर सहमति जताई गई। बदलती वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों के अनुरूप इस साझेदारी को विकसित करने की दिशा में आने वाले महीनों में और बैठकों की संभावना है।