13 अगस्त 2026
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भारत-इंडोनेशिया 12वीं आर्मी स्टाफ वार्ता संपन्न, संयुक्त प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग पर बनी सहमति

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भारत-इंडोनेशिया 12वीं आर्मी स्टाफ वार्ता संपन्न, संयुक्त प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग पर बनी सहमति

सारांश

भारत और इंडोनेशिया के बीच 12वीं आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता नई दिल्ली में तीन दिन चली। संयुक्त प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास विस्तार और विशेषज्ञता साझेदारी पर सहमति बनी — यह वार्ता दोनों देशों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है।

मुख्य बातें

भारत और इंडोनेशिया के बीच 12वीं आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता 11 से 13 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित हुई।
इंडोनेशियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिगेडियर जनरल आरी प्रसत्य , वीएसीओएस इंटेलिजेंस ने किया।
संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, अभ्यासों के विस्तार और परिचालन अनुभव के आदान-प्रदान पर सहमति बनी।
दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा के साझा हितों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
यह वार्ता भारत-इंडोनेशिया के बीच संस्थागत सेना-स्तरीय संवाद की निरंतरता का हिस्सा है।

भारत और इंडोनेशिया के बीच 12वीं आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता 11 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों की सेनाओं के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को विस्तार देने, संयुक्त सैन्य अभ्यासों के दायरे को बढ़ाने और सैन्य विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को गहरा करने पर व्यापक सहमति बनी। भारतीय सेना के अनुसार, यह वार्ता दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वार्ता का स्वरूप और प्रतिनिधिमंडल

तीन दिवसीय इस वार्ता में भारतीय सेना के प्रतिनिधिमंडल ने इंडोनेशियाई सेना टीएनआई-एडी (TNI-AD) के प्रतिनिधिमंडल के साथ विभिन्न रक्षा और सैन्य मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। इंडोनेशियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिगेडियर जनरल आरी प्रसत्य, वीएसीओएस इंटेलिजेंस ने किया। भारत में आयोजित इस वार्ता ने दोनों सेनाओं को परिचालन अनुभव और सैन्य क्षमताओं की साझेदारी के लिए एक औपचारिक मंच प्रदान किया।

मुख्य चर्चा बिंदु

बैठक में संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और सैन्य अभ्यासों के विस्तार को प्राथमिकता क्षेत्र के रूप में रेखांकित किया गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और सैन्य क्षमताओं को बेहतर ढंग से समझने तथा दोनों सेनाओं के बीच समन्वय और परस्पर समझ को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। नियमित संवाद के माध्यम से परिचालन अनुभव साझा करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

रणनीतिक महत्व

गौरतलब है कि भारत और इंडोनेशिया दोनों हिंद-प्रशांत क्षेत्र में प्रमुख समुद्री शक्तियाँ हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता के साझा हितों को लेकर दोनों के बीच सहयोग पिछले एक दशक में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। यह 12वीं स्टाफ वार्ता इस बात का प्रमाण है कि दोनों देशों के बीच सेना-स्तरीय संवाद अब एक नियमित और संस्थागत स्वरूप ले चुका है। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने और मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने की संभावनाएँ भी तलाशीं।

आगे की राह

दोनों देशों की सेनाओं ने भारत-इंडोनेशिया के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पुनः व्यक्त की। वार्ता का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि क्षेत्रीय सुरक्षा के साझा हितों के अनुरूप सहयोग को और व्यापक बनाया जाएगा तथा भविष्य में इस तरह की वार्ताओं की निरंतरता बनाए रखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन वार्ताओं से ठोस परिचालन सहयोग कितना निकलता है। हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती उपस्थिति के मद्देनजर भारत-इंडोनेशिया रक्षा साझेदारी की रणनीतिक अनिवार्यता स्पष्ट है, फिर भी दोनों देशों के बीच संयुक्त अभ्यासों की आवृत्ति और गहराई अभी भी भारत-अमेरिका या भारत-ऑस्ट्रेलिया जैसी साझेदारियों से पीछे है। वार्ता के बाद जारी प्रतिबद्धताएँ तब तक अधूरी हैं जब तक कि अगले संयुक्त अभ्यास की तारीख और संयुक्त क्षमता-निर्माण की रूपरेखा सार्वजनिक न हो।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-इंडोनेशिया 12वीं आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता क्या है?
यह भारत और इंडोनेशिया की सेनाओं के बीच द्विपक्षीय सैन्य संवाद की एक नियमित श्रृंखला है, जिसका 12वाँ संस्करण 11 से 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ। इसमें रक्षा सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण और सैन्य विशेषज्ञता के आदान-प्रदान पर चर्चा होती है।
इस वार्ता में इंडोनेशिया का प्रतिनिधित्व किसने किया?
इंडोनेशियाई सेना टीएनआई-एडी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिगेडियर जनरल आरी प्रसत्य, वीएसीओएस इंटेलिजेंस ने किया। उनके साथ टीएनआई-एडी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।
वार्ता में किन मुद्दों पर सहमति बनी?
दोनों पक्षों ने संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और अभ्यासों के विस्तार, परिचालन अनुभव की साझेदारी और सैन्य विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को व्यापक बनाने पर सहमति जताई। क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के साझा हितों पर भी जोर दिया गया।
भारत-इंडोनेशिया सैन्य सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र की प्रमुख समुद्री शक्तियाँ हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा के साझा हित रखते हैं। नियमित सेना-स्तरीय वार्ताएँ दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को संस्थागत रूप देती हैं और संभावित क्षेत्रीय चुनौतियों के लिए तैयारी को मजबूत करती हैं।
यह वार्ता पिछली वार्ताओं से कैसे अलग है?
यह 12वीं स्टाफ वार्ता है, जो दर्शाती है कि दोनों देशों के बीच सेना-स्तरीय संवाद अब एक स्थापित और नियमित संस्थागत ढाँचे का रूप ले चुका है। इस बार संयुक्त प्रशिक्षण के दायरे को विस्तार देने और द्विपक्षीय सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान पर विशेष जोर दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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