2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बैंकॉक में भारत-थाईलैंड 10वीं रक्षा वार्ता, द्विपक्षीय सैन्य सहयोग और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर मंथन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बैंकॉक में भारत-थाईलैंड 10वीं रक्षा वार्ता, द्विपक्षीय सैन्य सहयोग और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा पर मंथन

सारांश

भारत और थाईलैंड ने बैंकॉक में 10वीं रक्षा वार्ता आयोजित की — सैन्य संपर्क, समुद्री सहयोग और रक्षा विनिर्माण पर मंथन हुआ। यह वार्ता 2025 में दोनों देशों के बीच औपचारिक रणनीतिक साझेदारी स्थापित होने के बाद इंडो-पैसिफिक में भारत की एक्ट ईस्ट नीति को नई मजबूती देती है।

मुख्य बातें

भारत और थाईलैंड ने 17 जून 2025 को बैंकॉक में 10वीं द्विपक्षीय रक्षा वार्ता आयोजित की।
वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत के संयुक्त सचिव सत्यजीत मोहंती और थाईलैंड के रक्षा उप-स्थायी सचिव नुट्टापोल डिएवानिच ने की।
चर्चा में सैन्य संपर्क , प्रशिक्षण आदान-प्रदान , समुद्री सहयोग और रक्षा विनिर्माण शामिल रहे।
आसियान के नेतृत्व वाले बहुपक्षीय रक्षा ढाँचों में सहयोग पर विशेष जोर दिया गया।
भारत-थाईलैंड ने 2025 में औपचारिक रणनीतिक साझेदारी स्थापित की थी; थाईलैंड भारत की एक्ट ईस्ट नीति का प्रमुख स्तंभ है।

भारत और थाईलैंड ने 17 जून 2025 को बैंकॉक में 10वीं द्विपक्षीय रक्षा वार्ता (डिफेंस डायलॉग) आयोजित की, जिसमें दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग के समस्त पहलुओं की व्यापक समीक्षा की गई। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच इस वार्ता में क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े साझा हितों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

वार्ता का नेतृत्व और संरचना

इस उच्चस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्यजीत मोहंती और थाईलैंड के रक्षा उप-स्थायी सचिव नुट्टापोल डिएवानिच ने की। दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने पिछली वार्ता के बाद से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति का आकलन किया और आगे की रूपरेखा तय की।

मुख्य चर्चा बिंदु

वार्ता में सैन्य-सेना संपर्क, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण आदान-प्रदान, समुद्री सहयोग और अन्य पारस्परिक हितों के क्षेत्रों पर केंद्रित चर्चा हुई। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने रक्षा विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार और क्षमता विकास में सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर भी विचार किया।

मंत्रालय ने कहा, 'वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच जारी रक्षा उद्योग सहयोग की भी समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने रक्षा विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार और क्षमता विकास में सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की, ताकि दोनों देशों के रक्षा तंत्रों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारियों को बढ़ावा दिया जा सके।'

आसियान और बहुपक्षीय ढाँचे पर जोर

प्रतिनिधिमंडलों ने आसियान (ASEAN) के नेतृत्व वाले क्षेत्रीय और बहुपक्षीय रक्षा ढाँचों के अंतर्गत सहयोग पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने संवाद और सहयोग के माध्यम से साझा सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने और व्यावहारिक सहयोग को मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

रणनीतिक साझेदारी और एक्ट ईस्ट नीति

गौरतलब है कि भारत और थाईलैंड ने वर्ष 2025 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को औपचारिक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया था। रक्षा वार्ता के बाद बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास ने कहा, 'भारत-थाईलैंड समुद्री पड़ोसी हैं और थाईलैंड, भारत की एक्ट ईस्ट नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है।' यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब इंडो-पैसिफिक में सामरिक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है और भारत अपनी पूर्वी कूटनीति को व्यापक आधार देने में जुटा है।

आगे की राह

बैठक का समापन भविष्य की सहभागिताओं और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की रूपरेखा पर चर्चा के साथ हुआ। दोनों देशों ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सहयोग को और सुदृढ़ करने के महत्व की पुनः पुष्टि की। नए और उभरते क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार देना आगामी एजेंडे का प्रमुख हिस्सा रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रक्षा विनिर्माण और संयुक्त अभ्यासों में मापनीय प्रगति से तय होगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-थाईलैंड 10वीं रक्षा वार्ता कब और कहाँ हुई?
यह वार्ता 17 जून 2025 को बैंकॉक में आयोजित हुई। इसकी सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्यजीत मोहंती और थाईलैंड के रक्षा उप-स्थायी सचिव नुट्टापोल डिएवानिच ने की।
इस रक्षा वार्ता में किन विषयों पर चर्चा हुई?
वार्ता में सैन्य-सेना संपर्क, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण आदान-प्रदान, समुद्री सहयोग और रक्षा विनिर्माण पर चर्चा हुई। इसके अलावा आसियान के नेतृत्व वाले बहुपक्षीय रक्षा ढाँचों के तहत सहयोग और इंडो-पैसिफिक के बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर भी विचार-विमर्श हुआ।
भारत और थाईलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी कब स्थापित हुई?
भारत और थाईलैंड ने वर्ष 2025 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को औपचारिक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया। यह 10वीं रक्षा वार्ता उसी साझेदारी को सैन्य सहयोग के धरातल पर मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।
थाईलैंड भारत की एक्ट ईस्ट नीति में क्यों महत्वपूर्ण है?
थाईलैंड भारत का समुद्री पड़ोसी और आसियान का प्रमुख सदस्य है, जो भारत की एक्ट ईस्ट नीति और हिंद-प्रशांत रणनीति का एक अहम स्तंभ है। भारतीय दूतावास के अनुसार, थाईलैंड इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत का महत्वपूर्ण साझेदार है।
इस वार्ता के बाद आगे क्या होगा?
बैठक के समापन पर भविष्य की सहभागिताओं और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की रूपरेखा पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग विस्तार को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले