2 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश: कांगड़ा, सिरमौर और मंडी में अलर्ट, बिलासपुर में 180 मिमी वर्षा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश: कांगड़ा, सिरमौर और मंडी में अलर्ट, बिलासपुर में 180 मिमी वर्षा

सारांश

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ी — बिलासपुर में 180 मिमी बारिश के बाद कांगड़ा, सिरमौर और मंडी के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी। 5 सितंबर तक नदियों से दूर रहने की चेतावनी, जबकि लाहौल-स्पीति में अब भी 60 फीसदी कम वर्षा का अंतर बना हुआ है।

मुख्य बातें

कांगड़ा , सिरमौर और मंडी के लिए 2 सितंबर 2026 को भारी बारिश का अलर्ट जारी।
पिछले 24 घंटों में बिलासपुर में सर्वाधिक 180 मिमी , कसौली में 100 मिमी और कांगड़ा में 90 मिमी वर्षा दर्ज।
राज्य में इस सीजन अब तक सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश; लाहौल-स्पीति में 60 फीसदी की कमी।
शिमला में सामान्य से 16 फीसदी अधिक , कुल्लू में 14 फीसदी अधिक वर्षा।
5 सितंबर तक नदियों-नालों के निकट न जाने और यात्रा से पहले सरकारी एडवाइजरी देखने की सलाह।

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिलों के लिए मौसम विभाग ने 2 सितंबर 2026 को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में मानसून की तीव्र गतिविधि दर्ज की गई, जिसमें बिलासपुर में सर्वाधिक 180 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने नदियों और नालों के समीप न जाने की सलाह दी है।

मुख्य घटनाक्रम

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पूरे हिमाचल प्रदेश में व्यापक वर्षा हुई। बिलासपुर में लगभग 180 मिमी, कसौली में लगभग 100 मिमी और कांगड़ा के एक मौसम केंद्र पर 90 मिमी बारिश दर्ज की गई। लाहौल-स्पीति और किन्नौर में हल्की, जबकि अन्य जिलों में मध्यम वर्षा हुई।

आगामी मौसम पूर्वानुमान

वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि मानसून अभी सक्रिय बना रहेगा। 2 से 5 सितंबर तक मैदानी जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कांगड़ा और सिरमौर में गुरुवार को भारी बारिश का अलर्ट है। 4 और 5 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश, 6 सितंबर को मध्यम वर्षा और 7 एवं 8 सितंबर को कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश होने का अनुमान है।

मौसमी विचलन: कुछ जिले पीछे, कुछ आगे

शर्मा के अनुसार, राज्य में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 8 फीसदी कम वर्षा दर्ज हुई है। लाहौल-स्पीति में सामान्य से 60 फीसदी कम, हमीरपुर में 30 फीसदी कम और मंडी में 18 फीसदी कम बारिश हुई है। दूसरी ओर, शिमला में सामान्य से 16 फीसदी अधिक और कुल्लू में 14 फीसदी अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यह असमान वितरण दर्शाता है कि मानसून का प्रभाव राज्य में एकसमान नहीं रहा है।

आम जनता के लिए सावधानी

मौसम विभाग ने 5 सितंबर तक नदियों, नालों और जलाशयों के निकट न जाने की चेतावनी दी है, क्योंकि लगातार बारिश से अचानक जलस्तर बढ़ने की संभावना है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे निकलने से पहले राज्य सरकार की एडवाइजरी अवश्य देखें। यह ऐसे समय में आया है जब पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा पहले से बना रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं लाहौल-स्पीति में 60 फीसदी की कमी कृषि और जलापूर्ति के लिए संकट का संकेत है। राज्य में आपदा प्रबंधन तंत्र की वास्तविक परीक्षा अगले 72 घंटों में होगी, जब कई जिलों में एक साथ भारी बारिश का अनुमान है। नदियों के अचानक उफान की चेतावनी के बावजूद पर्यटन सीजन चरम पर है, जो प्रशासन के लिए दोहरी चुनौती खड़ी करता है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट किन जिलों के लिए जारी हुआ है?
मौसम विभाग ने कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कांगड़ा और सिरमौर में गुरुवार को विशेष रूप से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों में हिमाचल के किस जिले में सबसे ज्यादा बारिश हुई?
बिलासपुर में पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक लगभग 180 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद कसौली में लगभग 100 मिमी और कांगड़ा के एक मौसम केंद्र पर 90 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।
हिमाचल प्रदेश में मानसून कब तक सक्रिय रहेगा?
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 2 से 5 सितंबर तक मैदानी जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। 6 सितंबर को मध्यम और 7-8 सितंबर को छिटपुट बारिश की संभावना है।
हिमाचल में इस सीजन बारिश सामान्य से कितनी कम या ज्यादा है?
राज्य में अब तक सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश हुई है। लाहौल-स्पीति में 60 फीसदी, हमीरपुर में 30 फीसदी और मंडी में 18 फीसदी कम वर्षा दर्ज हुई, जबकि शिमला में 16 फीसदी और कुल्लू में 14 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
भारी बारिश के दौरान हिमाचल में लोगों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
मौसम विभाग ने 5 सितंबर तक नदियों, नालों और जलाशयों के निकट न जाने की सलाह दी है, क्योंकि अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा है। यात्रा से पहले राज्य सरकार की एडवाइजरी अवश्य देखें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 4 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले