4 अगस्त 2026
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हिमाचल प्रदेश में 7 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, सिरमौर-कांगड़ा में ऑरेंज चेतावनी

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हिमाचल प्रदेश में 7 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, सिरमौर-कांगड़ा में ऑरेंज चेतावनी

सारांश

IMD ने हिमाचल प्रदेश में 7 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। सिरमौर में 142 मिमी और बिलासपुर में 140 मिमी वर्षा दर्ज हो चुकी है। सिरमौर-कांगड़ा में ऑरेंज अलर्ट है और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है।

मुख्य बातें

IMD ने हिमाचल प्रदेश में 4 से 7 अगस्त 2025 तक मानसून सक्रिय रहने की चेतावनी जारी की है।
सिरमौर और कांगड़ा जिलों में ऑरेंज अलर्ट ; शेष अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी।
बीते 24 घंटों में सिरमौर में 142 मिमी और बिलासपुर में 140 मिमी वर्षा दर्ज।
जुलाई में प्रदेश में सामान्य से 6% अधिक वर्षा; कुल्लू में सामान्य से 62% अधिक बारिश।
सिरमौर, शिमला सीमावर्ती क्षेत्रों और चंबा-कांगड़ा में फ्लैश फ्लड की आशंका।
8 अगस्त के बाद वर्षा में कमी संभव, लेकिन 10 अगस्त तक मैदानी जिलों में रुक-रुककर बारिश जारी रहने का अनुमान।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश में 4 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक मानसून के सक्रिय बने रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की प्रबल संभावना है। सिरमौर और कांगड़ा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शेष अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी है।

मुख्य घटनाक्रम

मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा। इस दौरान सबसे अधिक 142 मिमी वर्षा सिरमौर जिले में दर्ज की गई, जबकि बिलासपुर जिले में लगभग 140 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। नाहन, मलरोड और अलेंडा जैसे क्षेत्रों में भी भारी वर्षा दर्ज की गई।

रविवार देर रात से मौसम गतिविधियाँ और अधिक सक्रिय हो गईं। सोमवार सुबह से चंबा, कांगड़ा, मंडी, सोलन, शिमला, सिरमौर और बिलासपुर सहित कई क्षेत्रों में घने बादलों के साथ तेज बारिश का दौर जारी है। ऊना, कांगड़ा, सोलन और बिलासपुर के कई इलाकों में मध्यम श्रेणी की बारिश भी देखी गई।

जिलावार अलर्ट की स्थिति

4 अगस्त को सिरमौर और कांगड़ा में ऑरेंज अलर्ट है, वहीं कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर शेष जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी है। 5 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 6 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी वर्षा की संभावना है।

7 और 8 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में येलो अलर्ट जारी रहेगा। विभाग के अनुसार, 8 अगस्त के बाद वर्षा की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है, लेकिन 10 अगस्त तक मैदानी और मध्यवर्ती जिलों में रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

जुलाई की वर्षा का लेखा-जोखा

शर्मा के अनुसार, जुलाई माह में प्रदेश में सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक वर्षा कुल्लू जिले में हुई, जहाँ सामान्य से करीब 62 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके विपरीत, हमीरपुर और लाहौल-स्पीति में सामान्य से 43 प्रतिशत कम वर्षा रही। चंबा, किन्नौर और शिमला में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई, जबकि बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और ऊना में वर्षा सामान्य के आसपास रही।

फ्लैश फ्लड और दृश्यता की चेतावनी

मौसम विभाग ने आगाह किया है कि सिरमौर, शिमला के सीमावर्ती क्षेत्रों तथा चंबा और कांगड़ा के कुछ इलाकों में लगातार बारिश के कारण छोटे जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सोलन, शिमला और सिरमौर में लो क्लाउड्स के कारण दृश्यता काफी कम होने की आशंका है, इसलिए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

विभाग ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों और प्रमुख नदियों के किनारे जाने से बचें, क्योंकि लगातार वर्षा के चलते जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार, अगस्त-सितंबर के दौरान लाहौल-स्पीति, किन्नौर के उत्तरी हिस्सों और कुल्लू के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है, जबकि मैदानी और अधिकांश मध्यवर्ती जिलों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। आगामी दिनों में स्थिति पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि हमीरपुर 43% घाटे में। यह विसंगति राज्य की आपदा-प्रबंधन क्षमता के लिए असली परीक्षा है, क्योंकि संसाधन और चेतावनी तंत्र अक्सर औसत के आधार पर तैयार किए जाते हैं, न कि स्थानीय चरम घटनाओं के आधार पर। फ्लैश फ्लड की चेतावनी के बावजूद पर्यटन सीजन के चलते नदी-किनारों पर भीड़ का दबाव बना रहता है — यह नीतिगत खामी हर मानसून में उजागर होती है और हर बार नज़रअंदाज़ भी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट किन जिलों के लिए जारी है?
4 अगस्त को सिरमौर और कांगड़ा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। शेष अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी है।
हिमाचल में मानसून कब तक सक्रिय रहेगा?
IMD के अनुसार 4 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। 8 अगस्त के बाद वर्षा में कमी आने की संभावना है, लेकिन 10 अगस्त तक मैदानी जिलों में रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है।
क्या हिमाचल में फ्लैश फ्लड का खतरा है?
हाँ, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सिरमौर, शिमला के सीमावर्ती क्षेत्रों तथा चंबा और कांगड़ा के कुछ इलाकों में लगातार बारिश के कारण छोटे जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नागरिकों को नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
जुलाई 2025 में हिमाचल प्रदेश में कितनी बारिश हुई?
जुलाई में प्रदेश में सामान्य से लगभग 6% अधिक वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक वर्षा कुल्लू जिले में हुई जहाँ सामान्य से 62% अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि हमीरपुर और लाहौल-स्पीति में सामान्य से 43% कम वर्षा रही।
पर्यटकों के लिए मौसम विभाग की क्या सलाह है?
IMD ने पर्यटकों और नागरिकों से अपील की है कि वे नदी-नालों और प्रमुख नदियों के आसपास न जाएँ, अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें। सोलन, शिमला और सिरमौर में लो क्लाउड्स के कारण दृश्यता अचानक कम हो सकती है, इसलिए वाहन चालक विशेष सावधानी बरतें।
राष्ट्र प्रेस
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