हिमाचल प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय, 14–18 अगस्त तक ऊना-बिलासपुर-कांगड़ा में ऑरेंज अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा के अनुसार, 14 अगस्त से 18 अगस्त 2025 तक पूरे प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा, जिसमें 14, 17 और 18 अगस्त को कई जिलों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है।
बीते 24 घंटों में कहाँ कितनी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा जिले के धर्मशाला में सर्वाधिक 90 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि बिलासपुर में 44 मिमी और सोलन में लगभग 34 मिमी वर्षा दर्ज हुई।
जिलेवार अलर्ट और बारिश का पूर्वानुमान
14 अगस्त को ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हमीरपुर, चंबा और मंडी में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट प्रभावी है। सिरमौर, सोलन, कांगड़ा और मंडी में सुबह से ही रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश जारी रही।
15 अगस्त को कुल्लू, कांगड़ा, मंडी और शिमला के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। 16 अगस्त की देर रात से मानसून की सक्रियता और तेज होने का अनुमान है, जिसके बाद चंबा, कांगड़ा, मंडी और शिमला में भारी वर्षा की संभावना है।
संदीप शर्मा ने बताया, "17 और 18 अगस्त को मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने वाला है।" इन दोनों दिनों में ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 18 अगस्त को विशेष रूप से कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में ऑरेंज श्रेणी की बारिश की चेतावनी दी गई है।
भूस्खलन और बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ सकता है। शिमला और सोलन जैसे पहाड़ी जिलों में भूस्खलन का खतरा अधिक रहेगा। विभाग ने लोगों को जल स्रोतों के निकट न जाने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो राज्य सरकार की सड़क संबंधी एडवाइजरी का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
मानसून सीजन में अब तक कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 अगस्त से 14 अगस्त के बीच पूरे प्रदेश में सामान्य से 22 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में केवल कुल्लू और शिमला में सामान्य या उससे अधिक बारिश हुई, जबकि शेष जिले घाटे में रहे। 1 जून से 14 अगस्त तक के पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है। आने वाले दिनों में बारिश की तेज गतिविधि इस घाटे को कुछ हद तक पाट सकती है।