3 अक्टूबर 2026
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हिमाचल प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय: 19-21 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट, ₹973 करोड़ का नुकसान

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हिमाचल प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय: 19-21 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट, ₹973 करोड़ का नुकसान

सारांश

हिमाचल प्रदेश में मानसून फिर उफान पर है — 19 से 21 अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है, 109 सड़कें बंद हैं, और 30 जून से अब तक 79 लोगों की जान जा चुकी है। ₹973 करोड़ के नुकसान के साथ यह मौसम प्रदेश के लिए इस साल का सबसे कठिन दौर बनता जा रहा है।

मुख्य बातें

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ऊना, चंबा और कांगड़ा के लिए मंगलवार 19 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
18 से 21 अगस्त के बीच किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30-40 किमी/घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी।
सोमवार रात तक प्रदेश में कुल 109 सड़कें बंद; 216 पेयजल योजनाएँ और 7 बिजली ट्रांसफॉर्मर प्रभावित।
30 जून से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 79 लोगों की मौत , जिनमें 14 भूस्खलन से।
राज्य को अब तक करीब ₹973 करोड़ के नुकसान का अनुमान।
अगले 3-4 दिनों में कई हिस्सों में तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना।

हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर प्रचंड रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 से 21 अगस्त 2026 के बीच प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। ऊना, चंबा और कांगड़ा के लिए मंगलवार को ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि 30 जून को मानसून के आगमन के बाद से अब तक 79 लोगों की मौत हो चुकी है और राज्य को करीब ₹973 करोड़ के नुकसान का अनुमान है।

किन जिलों में कब का अलर्ट

18 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऊना, हमीरपुर, चंबा, शिमला और सोलन में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

19 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश की विशेष चेतावनी है। 20 और 21 अगस्त को भी इन जिलों सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। इससे पहले बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी के लिए भी अलर्ट जारी किया जा चुका था।

सड़कें बंद, बिजली-पानी आपूर्ति बाधित

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के आँकड़ों के अनुसार सोमवार रात तक मंडी में 43, कुल्लू में 33, सिरमौर में 8, शिमला में 7, चंबा और कांगड़ा में 6-6, ऊना में 4 तथा लाहौल-स्पीति में 2 सड़कें बंद थीं।

इसके अतिरिक्त 216 पेयजल आपूर्ति योजनाएँ और 7 बिजली ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह बाधित है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश के कई हिस्से पहले से ही पिछले हफ्तों की बारिश से उबर रहे थे।

पालमपुर में पेड़ गिरने से दो परिवार बाल-बाल बचे

कांगड़ा जिले के पालमपुर के निकट ठाकुरद्वारा में रविवार सुबह पेड़ गिरने से दो परिवार बाल-बाल बच गए। इस घटना में एक इमारत, आसपास की दुकानें और खड़े वाहनों को नुकसान पहुँचा। पालमपुर-हमीरपुर राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।

यह इस मानसून सीजन में ऐसी कई घटनाओं में से एक है जिसने प्रदेश के बुनियादी ढाँचे पर भारी दबाव डाला है।

मौतें और आर्थिक नुकसान

अधिकारियों के मुताबिक 30 जून को मानसून के आगमन के बाद से बारिश से जुड़ी घटनाओं में 79 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 14 मौतें भूस्खलन और 1 मौत अचानक आई बाढ़ के कारण हुई है। राज्य को अब तक करीब ₹973 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

तेज हवाओं और तापमान में गिरावट की चेतावनी

मौसम विभाग ने 18 से 21 अगस्त के बीच किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की चेतावनी दी है। निचले और मध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में आँधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा।

अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तीन से चार दिनों में कई हिस्सों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और अलर्ट पर ध्यान देने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सड़कें बंद होती हैं, और नुकसान के आँकड़े बढ़ते जाते हैं। ₹973 करोड़ का अनुमानित नुकसान और 79 मौतें यह सवाल उठाती हैं कि आपदा-प्रबंधन ढाँचा हर साल की इस पूर्वानुमानित आपदा के लिए कितना तैयार है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम जिलों में सड़क बंद होना न सिर्फ आवागमन, बल्कि राहत-आपूर्ति को भी ठप कर देता है। जब तक बुनियादी ढाँचे की भेद्यता को दीर्घकालिक नीति से नहीं सुधारा जाता, यह संकट हर साल नई सुर्खियाँ बनाता रहेगा।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में मानसून का ऑरेंज अलर्ट किन जिलों के लिए है?
मंगलवार 19 अगस्त को ऊना, चंबा और कांगड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी के लिए भी अलर्ट जारी हो चुका था।
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में कितनी मौतें हुई हैं?
30 जून को मानसून के आगमन के बाद से अब तक 79 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 14 मौतें भूस्खलन और 1 मौत अचानक आई बाढ़ के कारण हुई है।
बारिश से हिमाचल प्रदेश को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है?
अधिकारियों के मुताबिक बारिश से राज्य को अब तक करीब ₹973 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। इसमें सड़कें, पेयजल योजनाएँ और बिजली आपूर्ति को हुए नुकसान शामिल हैं।
18 से 21 अगस्त के बीच हिमाचल में मौसम कैसा रहेगा?
18 से 21 अगस्त के बीच प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किमी/घंटे की तेज हवाएँ चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।
हिमाचल में बारिश से कितनी सड़कें बंद हैं और कौन-से जिले सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं?
सोमवार रात तक प्रदेश में कुल 109 सड़कें बंद थीं। सबसे अधिक मंडी में 43, इसके बाद कुल्लू में 33 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 216 पेयजल आपूर्ति योजनाएँ और 7 बिजली ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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