हिमाचल प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय: 19-21 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट, ₹973 करोड़ का नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर प्रचंड रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 से 21 अगस्त 2026 के बीच प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। ऊना, चंबा और कांगड़ा के लिए मंगलवार को ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि 30 जून को मानसून के आगमन के बाद से अब तक 79 लोगों की मौत हो चुकी है और राज्य को करीब ₹973 करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
किन जिलों में कब का अलर्ट
18 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऊना, हमीरपुर, चंबा, शिमला और सोलन में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
19 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश की विशेष चेतावनी है। 20 और 21 अगस्त को भी इन जिलों सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। इससे पहले बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी के लिए भी अलर्ट जारी किया जा चुका था।
सड़कें बंद, बिजली-पानी आपूर्ति बाधित
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के आँकड़ों के अनुसार सोमवार रात तक मंडी में 43, कुल्लू में 33, सिरमौर में 8, शिमला में 7, चंबा और कांगड़ा में 6-6, ऊना में 4 तथा लाहौल-स्पीति में 2 सड़कें बंद थीं।
इसके अतिरिक्त 216 पेयजल आपूर्ति योजनाएँ और 7 बिजली ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह बाधित है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश के कई हिस्से पहले से ही पिछले हफ्तों की बारिश से उबर रहे थे।
पालमपुर में पेड़ गिरने से दो परिवार बाल-बाल बचे
कांगड़ा जिले के पालमपुर के निकट ठाकुरद्वारा में रविवार सुबह पेड़ गिरने से दो परिवार बाल-बाल बच गए। इस घटना में एक इमारत, आसपास की दुकानें और खड़े वाहनों को नुकसान पहुँचा। पालमपुर-हमीरपुर राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।
यह इस मानसून सीजन में ऐसी कई घटनाओं में से एक है जिसने प्रदेश के बुनियादी ढाँचे पर भारी दबाव डाला है।
मौतें और आर्थिक नुकसान
अधिकारियों के मुताबिक 30 जून को मानसून के आगमन के बाद से बारिश से जुड़ी घटनाओं में 79 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 14 मौतें भूस्खलन और 1 मौत अचानक आई बाढ़ के कारण हुई है। राज्य को अब तक करीब ₹973 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
तेज हवाओं और तापमान में गिरावट की चेतावनी
मौसम विभाग ने 18 से 21 अगस्त के बीच किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की चेतावनी दी है। निचले और मध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में आँधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा।
अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तीन से चार दिनों में कई हिस्सों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और अलर्ट पर ध्यान देने की अपील की है।