IMD का 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल में 19-23 जुलाई के लिए ऑरेंज चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 18 जुलाई को देश के 15 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मानसून की गतिविधियाँ तेज़ होने के साथ उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चलने की संभावना जताई गई है। विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और आधिकारिक मौसम सूचनाओं पर नज़र बनाए रखने की सलाह दी है।
मुख्य अलर्ट और प्रभावित क्षेत्र
IMD के अनुसार, तेज़ हवाओं से पेड़, बिजली के खंभे और खड़ी फ़सलों को नुकसान पहुँच सकता है। कई इलाकों में बिजली गिरने का भी ख़तरा बना हुआ है। परिवहन और बिजली आपूर्ति में बाधा की आशंका को देखते हुए निवासियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आंधी-तूफान के दौरान लोग घर के अंदर रहें और पेड़ों के नीचे शरण न लें।
हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट
शिमला स्थित मौसम केंद्र ने 19 से 23 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। मौसम केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में शनिवार के लिए 'येलो अलर्ट' प्रभावी है। उन्होंने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ-साथ एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पूरे राज्य में व्यापक बारिश हो सकती है। कटियार ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के ख़तरे वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष चेतावनी
IMD ने जम्मू-कश्मीर के लिए भी अलग से चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, शनिवार रात, रविवार सुबह और 20 से 22 जुलाई के बीच अचानक बाढ़, भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है। निवासियों को नदियों, झरनों और जलप्रपातों के पास जाने से बचने, पहाड़ी रास्तों पर सावधानी से यात्रा करने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन की तैयारी
आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और खराब मौसम से उत्पन्न किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून का मौसम अपने चरम पर पहुँच रहा है और मौसम की स्थितियाँ तेज़ी से बदल सकती हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में इसी अवधि के दौरान हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं से बड़े पैमाने पर नुकसान हो चुका है।
आम जनता के लिए सलाह
IMD ने प्रभावित इलाकों के निवासियों से अनुरोध किया है कि वे मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर लगातार नज़र रखें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानसून के इस दौर में मौसम की स्थिति अप्रत्याशित रूप से बदल सकती है, इसलिए किसी भी यात्रा की योजना बनाने से पहले स्थानीय प्रशासन से पुष्टि करना ज़रूरी है।