18 जुलाई 2026
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IMD का 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल में 19-23 जुलाई के लिए ऑरेंज चेतावनी

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IMD का 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल में 19-23 जुलाई के लिए ऑरेंज चेतावनी

सारांश

IMD ने 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है — हिमाचल प्रदेश में 19-23 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट और जम्मू-कश्मीर में बाढ़ व भूस्खलन की चेतावनी। पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के एक साथ सक्रिय होने से उत्तर भारत में मौसम खतरनाक रूप ले सकता है।

मुख्य बातें

IMD ने 18 जुलाई को 15 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया।
उत्तर प्रदेश और बिहार में 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चलने की संभावना।
हिमाचल प्रदेश के मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में 19-23 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट ; पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना।
जम्मू-कश्मीर में 20-22 जुलाई के बीच अचानक बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की चेतावनी।
आपदा प्रबंधन एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर; नागरिकों को नदियों-झरनों के पास न जाने की सलाह।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 18 जुलाई को देश के 15 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मानसून की गतिविधियाँ तेज़ होने के साथ उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चलने की संभावना जताई गई है। विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और आधिकारिक मौसम सूचनाओं पर नज़र बनाए रखने की सलाह दी है।

मुख्य अलर्ट और प्रभावित क्षेत्र

IMD के अनुसार, तेज़ हवाओं से पेड़, बिजली के खंभे और खड़ी फ़सलों को नुकसान पहुँच सकता है। कई इलाकों में बिजली गिरने का भी ख़तरा बना हुआ है। परिवहन और बिजली आपूर्ति में बाधा की आशंका को देखते हुए निवासियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आंधी-तूफान के दौरान लोग घर के अंदर रहें और पेड़ों के नीचे शरण न लें।

हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट

शिमला स्थित मौसम केंद्र ने 19 से 23 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। मौसम केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में शनिवार के लिए 'येलो अलर्ट' प्रभावी है। उन्होंने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ-साथ एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पूरे राज्य में व्यापक बारिश हो सकती है। कटियार ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के ख़तरे वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष चेतावनी

IMD ने जम्मू-कश्मीर के लिए भी अलग से चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, शनिवार रात, रविवार सुबह और 20 से 22 जुलाई के बीच अचानक बाढ़, भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है। निवासियों को नदियों, झरनों और जलप्रपातों के पास जाने से बचने, पहाड़ी रास्तों पर सावधानी से यात्रा करने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।

आपदा प्रबंधन की तैयारी

आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और खराब मौसम से उत्पन्न किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून का मौसम अपने चरम पर पहुँच रहा है और मौसम की स्थितियाँ तेज़ी से बदल सकती हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में इसी अवधि के दौरान हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं से बड़े पैमाने पर नुकसान हो चुका है।

आम जनता के लिए सलाह

IMD ने प्रभावित इलाकों के निवासियों से अनुरोध किया है कि वे मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर लगातार नज़र रखें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानसून के इस दौर में मौसम की स्थिति अप्रत्याशित रूप से बदल सकती है, इसलिए किसी भी यात्रा की योजना बनाने से पहले स्थानीय प्रशासन से पुष्टि करना ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती चेतावनी को ज़मीनी तैयारी में बदलने की है — हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में हर साल इसी दौर में भूस्खलन और बाढ़ से जानमाल का नुकसान होता है, फिर भी निकासी तंत्र अक्सर प्रतिक्रियाशील रहता है, न कि पूर्व-सक्रिय। पश्चिमी विक्षोभ और मानसून का एक साथ सक्रिय होना असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार का संयोग उच्च-जोखिम वाले पर्यटन सीज़न के साथ टकरा रहा है, जो प्रशासनिक दबाव को कई गुना बढ़ा देता है। सवाल यह है कि क्या राज्य सरकारें 'हाई अलर्ट' के निर्देश को महज़ काग़ज़ी खानापूर्ति मानती हैं, या वास्तव में संसाधन तैनात करती हैं।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IMD ने किन 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है?
IMD ने 18 जुलाई को 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है, जिनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर प्रमुख रूप से शामिल हैं। विभाग ने इन राज्यों में 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज़ हवाएँ और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है।
हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट का क्या मतलब है और यह कब तक रहेगा?
ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है भारी से बहुत भारी बारिश की उच्च संभावना, जिसमें भूस्खलन और अचानक बाढ़ का जोखिम रहता है। हिमाचल प्रदेश में यह अलर्ट 19 से 23 जुलाई के बीच लागू है, क्योंकि मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर में किन तारीखों को सबसे ज़्यादा ख़तरा है?
IMD के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में शनिवार रात, रविवार सुबह और 20 से 22 जुलाई के बीच मौसम सबसे ख़राब रहने की संभावना है। इस दौरान अचानक बाढ़, भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का विशेष ख़तरा है।
आंधी-तूफान के दौरान नागरिकों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
IMD ने सलाह दी है कि आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहें और पेड़ों के नीचे शरण न लें। नदियों, झरनों और जलप्रपातों के पास जाने से बचें, पहाड़ी रास्तों पर सावधानी से यात्रा करें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
पश्चिमी विक्षोभ और मानसून एक साथ सक्रिय होने से क्या असर होगा?
जब पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पश्चिम मानसून एक साथ सक्रिय होते हैं, तो उत्तर भारत में वर्षा की तीव्रता और व्यापकता दोनों बढ़ जाती हैं। हिमाचल प्रदेश में इस संयोजन से पूरे राज्य में व्यापक बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की संभावना बढ़ जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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