नेल्सन मंडेला जयंती: राजस्थान, बिहार, दिल्ली समेत कई राज्यों के नेताओं ने एक्स पर दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
नेल्सन मंडेला की जयंती पर 18 जुलाई 2026 को भारत के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत रत्न एवं नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति को रंगभेद-विरोधी संघर्ष और वैश्विक मानवाधिकार आंदोलन का प्रतीक मानते हुए नमन किया गया। यह दिन संयुक्त राष्ट्र द्वारा नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त है।
मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'मानवाधिकारों की रक्षा और विश्व शांति के प्रबल समर्थक, भारत रत्न एवं नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन! मानवता, समानता और न्याय के प्रति उनका समर्पण पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत है।'
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर कहा, 'समानता, न्याय, स्वतंत्रता और मानव गरिमा के प्रति उनका संघर्ष एवं समर्पण पूरी मानवता के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।'
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'अन्याय के विरुद्ध उनका लंबा संघर्ष तथा क्षमा और सद्भाव का संदेश आज भी समूची मानवता में साहस, आशा तथा न्याय के प्रति विश्वास जगाता है।'
उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के संदेश
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने एक्स पर पोस्ट किया, 'रंगभेद के विरुद्ध आजीवन संघर्ष करने वाले, विश्व शांति और समानता के प्रतीक नेल्सन मंडेला को जयंती पर सादर नमन। उन्होंने अन्याय के विरुद्ध अहिंसा और सत्य के रास्ते पर चलते हुए जिस साहस और संयम का परिचय दिया, वह अतुलनीय है।'
बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर कहा, 'जातिवाद और रंगभेद के खिलाफ जोरदार लड़ाई लड़कर समानता एवं मानवाधिकारों की स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले नेल्सन मंडेला को कोटिशः नमन।'
भाजपा और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पर लिखा कि मंडेला का साहस, नेतृत्व और मानवता के प्रति समर्पण विश्व को सदैव प्रेरित करता रहेगा। वहीं, यूपी कांग्रेस ने एक्स पर याद दिलाया कि मंडेला ने 27 साल जेल में बिताए, फिर भी उन्होंने कभी अपनी उम्मीद और हौसला नहीं खोया। कांग्रेस ने नागरिकों से समाज में नफरत की जगह प्यार और अन्याय की जगह न्याय को बढ़ावा देने का संकल्प लेने की अपील की।
मंडेला की विरासत और वैश्विक महत्व
गौरतलब है कि नेल्सन मंडेला ने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद शासन के विरुद्ध दशकों तक संघर्ष किया और 1994 में देश के पहले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति बने। उन्हें 1993 में नोबेल शांति पुरस्कार और भारत सरकार द्वारा भारत रत्न से सम्मानित किया गया। संयुक्त राष्ट्र ने उनके जन्मदिन 18 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय मंडेला दिवस घोषित किया है, जो सेवा और मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। भारतीय नेताओं की यह एकजुट श्रद्धांजलि दर्शाती है कि मंडेला का संदेश राजनीतिक सीमाओं से परे वैश्विक प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।