अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर PM मोदी, राजनाथ सिंह, गडकरी और CM मोहन यादव ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के कई वरिष्ठ नेताओं ने 31 मई को लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। प्रधानमंत्री से लेकर रक्षा मंत्री, केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री तक — सभी ने एक्स पर पोस्ट कर अहिल्याबाई के जीवन, सुशासन और सांस्कृतिक योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उन्होंने कहा, 'बुद्धिमत्ता, करुणा और जनकल्याण के प्रति अटूट निष्ठा को लेकर पूरा देश उन्हें आदर और सम्मान के साथ स्मरण करता है। उनका जीवन सुशासन, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।' मोदी ने आगे लिखा कि देशभर में पावन मंदिरों और तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण से लेकर सभी के लिए न्याय और कल्याण सुनिश्चित करने में उन्होंने अतुलनीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनका समर्पण भाव देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक्स पर पोस्ट कर अहिल्याबाई होल्कर को नमन किया। उन्होंने लिखा कि महारानी अहिल्याबाई जी ने न्याय, सुशासन और लोकसेवा को अपने शासन का मूल मंत्र बनाकर जनकल्याण का एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के अनेक तीर्थस्थलों, मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण के माध्यम से उन्होंने भारत की सनातन चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की।
नितिन गडकरी की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा कि होलकर वंश की अहिल्यादेवी होलकर ने एक दार्शनिक रानी और गौरवशाली शासिका के रूप में जीवन व्यतीत किया। उन्होंने कहा कि वे वास्तव में एक उदार दानदाता, कुशल, धर्मपरायण और दक्ष प्रशासक थीं। गडकरी ने उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि लोककल्याण, नारी सशक्तिकरण और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर वे कोटि-कोटि नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में मंदिरों, घाटों और धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान संस्कृति के प्रति उनकी अटूट आस्था का प्रतीक है।
अहिल्याबाई होल्कर की विरासत
गौरतलब है कि अहिल्याबाई होल्कर 18वीं सदी की मालवा की महान शासिका थीं, जिन्होंने इंदौर और उसके आसपास के क्षेत्रों में दशकों तक न्यायपूर्ण और कल्याणकारी शासन किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर सहित देशभर के अनेक तीर्थस्थलों और घाटों का पुनर्निर्माण कराया। उनकी जयंती हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाती है और उन्हें भारतीय इतिहास की सबसे प्रेरणादायी महिला शासकों में गिना जाता है। आने वाली पीढ़ियाँ उनके सुशासन और सेवाभाव से प्रेरणा लेती रहेंगी।