10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराणा प्रताप जयंती पर शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी और भजनलाल शर्मा ने किया नमन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराणा प्रताप जयंती पर शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी और भजनलाल शर्मा ने किया नमन

सारांश

महाराणा प्रताप जयंती पर 17 जून को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अन्य BJP नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की — मेवाड़ के इस महान योद्धा के अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए।

मुख्य बातें

महाराणा प्रताप जयंती पर 17 जून 2026 को BJP के केंद्रीय और राज्य नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराणा प्रताप को 'राष्ट्र नायक' और वीरता का अमर प्रतीक बताया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें अदम्य साहस, शौर्य और दृढ़ संकल्प का प्रतीक कहा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महाराणा प्रताप के संघर्ष और त्याग को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
उत्तर प्रदेश के मंत्री कुंवर ब्रिजेश सिंह और बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मेवाड़ के अपराजेय योद्धा महाराणा प्रताप की जयंती पर 17 जून 2026 को केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने श्रद्धापूर्वक नमन अर्पित किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत अनेक नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा कीं।

केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा, 'वीरता व राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक, महापराक्रमी योद्धा, वीर शिरोमणि, 'राष्ट्र नायक' महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं! इस माटी का कण-कण आपकी वीरता और शौर्य की अमर गाथा से धन्य व गौरवान्वित है। आप युगों-युगों तक देश के युवाओं को मातृभूमि की सेवा और सम्मान के लिए मर-मिटने की प्रेरणा देते रहेंगे।'

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'महान योद्धा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप अदम्य साहस, अद्भुत शौर्य और दृढ संकल्प के प्रतीक थे। आज उनके जयंती दिवस (तिथि अनुसार) पर उन्हे कोटि-कोटि वंदन।'

राज्य नेताओं की प्रतिक्रिया

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'राष्ट्र गौरव, स्वाभिमान और अदम्य पराक्रम के प्रतीक, मेवाड़ शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन! राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने संघर्ष, त्याग और आत्मसम्मान का जो आदर्श स्थापित किया, वह आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।'

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कुंवर ब्रिजेश सिंह ने एक्स पर लिखा, 'मातृभूमि की आन, बान और शान की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले, अद्वितीय पराक्रम, अटूट स्वाभिमान और त्याग के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। उनका अदम्य साहस, अटल संकल्प, राष्ट्रनिष्ठा और स्वतंत्रता के प्रति समर्पण युगों-युगों तक प्रत्येक भारतीय को प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।'

बिहार सरकार का नमन

बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, 'मातृभूमि की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले, वीरता, शौर्य, स्वाभिमान एवं त्याग के अद्वितीय प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमानपूर्ण जीवन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।'

महाराणा प्रताप का ऐतिहासिक महत्व

गौरतलब है कि महाराणा प्रताप मेवाड़ के राजपूत शासक थे, जिन्होंने मुगल साम्राज्य के विरुद्ध अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष किया। 1576 में हुई हल्दीघाटी की लड़ाई उनके अदम्य साहस और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक मानी जाती है। उनकी जयंती प्रतिवर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में राष्ट्रीय नायकों की विरासत को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा प्रतिवर्ष इस अवसर पर श्रद्धांजलि का यह क्रम राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव के संदेश को आगे बढ़ाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BJP की उस व्यापक सांस्कृतिक राजनीति का हिस्सा है जो राजपूत और हिंदू गौरव के प्रतीकों को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में रखती है। राजस्थान जैसे राज्यों में, जहाँ राजपूत समुदाय का चुनावी प्रभाव उल्लेखनीय है, ऐसी श्रद्धांजलियाँ सांस्कृतिक और राजनीतिक संदेश दोनों एक साथ देती हैं। गौरतलब है कि यह परंपरा पार्टी-लाइन से परे नहीं जाती — विपक्षी दलों की ओर से समान स्तर की सक्रियता अपेक्षाकृत कम देखी जाती है। ऐतिहासिक नायकों को राजनीतिक संदर्भ में प्रस्तुत करने की इस प्रवृत्ति पर विद्वानों और इतिहासकारों की नज़र बनी रहती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराणा प्रताप जयंती कब और क्यों मनाई जाती है?
महाराणा प्रताप जयंती हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है, जो इस वर्ष 17 जून को पड़ी। मेवाड़ के इस राजपूत शासक ने मुगल साम्राज्य के विरुद्ध अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1576 की हल्दीघाटी की लड़ाई में उनके शौर्य को आज भी याद किया जाता है।
किन-किन नेताओं ने महाराणा प्रताप जयंती पर श्रद्धांजलि दी?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तर प्रदेश के मंत्री कुंवर ब्रिजेश सिंह और बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिवराज सिंह चौहान ने महाराणा प्रताप जयंती पर क्या कहा?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराणा प्रताप को 'वीरता व राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक' और 'राष्ट्र नायक' बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप युगों-युगों तक देश के युवाओं को मातृभूमि की सेवा और सम्मान के लिए प्रेरणा देते रहेंगे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महाराणा प्रताप को 'मेवाड़ शिरोमणि' और 'राष्ट्र गौरव' कहते हुए कोटिशः नमन किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने संघर्ष, त्याग और आत्मसम्मान का जो आदर्श स्थापित किया, वह आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।
महाराणा प्रताप का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
महाराणा प्रताप 16वीं सदी के मेवाड़ के राजपूत शासक थे, जिन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने से इनकार किया और 1576 में हल्दीघाटी की लड़ाई में अपने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्हें भारतीय इतिहास में स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और त्याग के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले