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देशबंधु चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर BJP नेताओं ने किया नमन, मनोहर लाल से मोहन यादव तक ने दी श्रद्धांजलि

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देशबंधु चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर BJP नेताओं ने किया नमन, मनोहर लाल से मोहन यादव तक ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

16 जून को देशबंधु चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, MP के CM मोहन यादव और हरियाणा के CM नायब सैनी समेत कई BJP नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी। 1870 में जन्मे इस महान स्वतंत्रता सेनानी ने स्वराज पार्टी की स्थापना की थी।

मुख्य बातें

16 जून को महान स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर BJP नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें 'मां भारती के सच्चे सेवक' बताया।
मोहन यादव और हरियाणा के CM नायब सैनी ने भी एक्स पर नमन किया।
चितरंजन दास का जन्म 5 नवंबर 1870 को कोलकाता में हुआ था; निधन 16 जून 1925 को।
वे स्वराज पार्टी के संस्थापक, 1921 के कांग्रेस अधिवेशन के अध्यक्ष और 1908 के अलीपुर षड्यंत्र काण्ड में अरविन्द घोष के बचाव पक्ष के वकील थे।

स्वतंत्रता संग्राम के महान स्तंभ, स्वराज पार्टी के संस्थापक और 'देशबंधु' के नाम से विख्यात चितरंजन दास की 16 जून को पुण्यतिथि पर केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर श्रद्धांजलि अर्पित की। नई दिल्ली से लेकर राज्यों तक, नेताओं ने उनके त्याग, राष्ट्रसेवा और स्वराज की विचारधारा को स्मरण किया।

केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर लिखा, 'मां भारती के सच्चे सेवक, महान स्वतंत्रता सेनानी, 'देशबंधु' चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आपके प्रखर और ओजस्वी विचार सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र की सेवा व समाज के उत्थान के लिए प्रेरित करते रहेंगे।'

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मां भारती के सच्चे सेवक, महान स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन करता हूं। आपके प्रखर और ओजस्वी विचार सदैव देश की भावी पीढ़ियों को राष्ट्र की सेवा व समाज के उत्थान के लिए प्रेरित करते रहेंगे।'

मुख्यमंत्रियों ने किया नमन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, 'महान स्वतंत्रता सेनानी एवं 'देशबंधु' के नाम से सुप्रसिद्ध चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने अपना जीवन देश की आजादी और गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। राष्ट्र निर्माण के लिए उनका त्याग और स्वराज को लेकर विचार सदैव अनुकरणीय रहेंगे।'

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा, 'महान स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय 'देशबंधु' चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। देश की आजादी के लिए उनका तप, त्याग और समर्पण सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।'

अन्य BJP नेताओं की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रचेतना के अग्रदूत, स्वराज पार्टी के संस्थापक एवं स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख स्तंभ 'देशबंधु' चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! उन्होंने अपने व्यक्तित्व, विचार और त्याग से राष्ट्रीय जागरण की उस अलख को प्रज्ज्वलित किया, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई शक्ति प्रदान की।'

बिहार BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी एक्स पर देशबंधु को 'राष्ट्रचेतना के अग्रदूत' और 'स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख स्तंभ' बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

देशबंधु चितरंजन दास: जीवन और योगदान

उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने चितरंजन दास के जीवन पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार, देशबंधु का जन्म 5 नवंबर 1870 को कोलकाता में हुआ था और निधन 16 जून 1925 को हुआ। वे न केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि प्रख्यात विधि-शास्त्री भी थे।

1908 के 'अलीपुर षड्यंत्र काण्ड' में उन्होंने अरविन्द घोष की पैरवी की थी। असहयोग आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी सफल वकालत छोड़ दी। 1921 में अहमदाबाद में हुए कांग्रेस अधिवेशन के वे अध्यक्ष रहे। इसके अलावा, उन्होंने 1923 में लाहौर और 1924 में अहमदाबाद में 'अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस' की अध्यक्षता भी की। उनकी स्थापित 'स्वराज्य पार्टी' ने भारतीय राजनीति की दिशा को नई धार दी।

देशबंधु चितरंजन दास की विरासत आज भी राष्ट्रसेवा और सामाजिक न्याय की प्रेरणा बनी हुई है, और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उनकी राजनीतिक विरासत किसी एक दल की बपौती नहीं। असली श्रद्धांजलि उनके उस आदर्श को जीवित रखने में होगी जो गरीबों के उत्थान और संस्थागत जवाबदेही पर टिका था — महज सोशल मीडिया पोस्ट से परे।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देशबंधु चितरंजन दास कौन थे?
चितरंजन दास भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात विधि-शास्त्री और समाज सुधारक थे, जिन्हें प्यार से 'देशबंधु' (देश के मित्र) कहा जाता था। उनका जन्म 5 नवंबर 1870 को कोलकाता में हुआ और निधन 16 जून 1925 को हुआ।
चितरंजन दास की पुण्यतिथि कब होती है?
चितरंजन दास की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 16 जून को मनाई जाती है। उनका निधन 16 जून 1925 को हुआ था।
स्वराज पार्टी की स्थापना किसने की थी?
स्वराज पार्टी की स्थापना देशबंधु चितरंजन दास ने की थी। यह पार्टी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी।
अलीपुर षड्यंत्र काण्ड में चितरंजन दास की क्या भूमिका थी?
1908 के अलीपुर षड्यंत्र काण्ड में चितरंजन दास ने अरविन्द घोष की पैरवी बचाव पक्ष के वकील के रूप में की थी। यह मुकदमा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई मानी जाती है।
16 जून 2025 को किन नेताओं ने चितरंजन दास को श्रद्धांजलि दी?
16 जून को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, MP के CM डॉ. मोहन यादव, हरियाणा के CM नायब सैनी, UP के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्र प्रेस
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