7 जुलाई 2026
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कैप्टन विक्रम बत्रा बलिदान दिवस: अमित शाह, गडकरी और शिवराज ने 'शेरशाह' को किया नमन

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कैप्टन विक्रम बत्रा बलिदान दिवस: अमित शाह, गडकरी और शिवराज ने 'शेरशाह' को किया नमन

सारांश

7 जुलाई को 'शेरशाह' कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान की 26वीं वर्षगाँठ पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी। 1999 के कारगिल युद्ध में दुर्गम चोटियाँ फतह करने वाले इस परमवीर चक्र विजेता की शौर्य गाथा आज भी राष्ट्र को प्रेरित करती है।

मुख्य बातें

7 जुलाई 2025 को कैप्टन विक्रम बत्रा का बलिदान दिवस मनाया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह , केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कैप्टन बत्रा ने 7 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था।
मरणोपरांत उन्हें भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
युद्धभूमि में असाधारण पराक्रम के कारण उन्हें 'शेरशाह' का कोड नेम दिया गया था।

परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान दिवस पर 7 जुलाई 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कारगिल के इस अमर नायक को श्रद्धांजलि अर्पित की। 1999 के कारगिल युद्ध में अपने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए राष्ट्र आज भी उन्हें 'शेरशाह' के नाम से स्मरण करता है।

अमित शाह की श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि कारगिल युद्ध के दौरान रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और दुर्गम चोटी पर विजय प्राप्त कर दुश्मनों को खदेड़ने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान दिवस पर वे उन्हें नमन करते हैं। शाह ने आगे लिखा कि परमवीर चक्र विजेता के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अप्रतिम शौर्य ने उन्हें 'शेरशाह' के रूप में अमर बना दिया। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के प्रति उनका सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक देशवासी को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।

गडकरी और शिवराज की भावभीनी श्रद्धांजलि

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'कारगिल युद्ध के वीर योद्धा, परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।' केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मां भारती के ओजस्वी सपूत की शौर्य गाथा युगों-युगों तक देश की भावी पीढ़ियों को मातृभूमि की सेवा एवं रक्षा के लिए प्रेरणा देती रहेगी।

कैप्टन विक्रम बत्रा: एक परिचय

कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म 9 सितंबर 1974 को हुआ था। भारतीय सेना के इस जांबाज अधिकारी ने 1999 के कारगिल युद्ध में अभूतपूर्व वीरता का परिचय दिया। युद्धभूमि में उनके असाधारण पराक्रम के कारण उन्हें 'शेरशाह' का कोड नेम दिया गया था। 7 जुलाई 1999 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया, और मरणोपरांत उन्हें भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से विभूषित किया गया।

कारगिल युद्ध में उनका योगदान

कारगिल युद्ध के दौरान कैप्टन बत्रा ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और दुर्गम चोटियों पर विजय प्राप्त की। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने दुश्मन को पीछे खदेड़ा। गौरतलब है कि 1999 का कारगिल युद्ध भारत-पाकिस्तान के बीच एक निर्णायक संघर्ष था, जिसमें सैकड़ों वीर जवानों ने अपने प्राण न्योछावर किए।

राष्ट्रीय स्मरण और प्रेरणा

हर वर्ष 7 जुलाई को कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान दिवस पर देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। उनकी जीवन गाथा पर आधारित फिल्म भी बन चुकी है, जिसने उनकी वीरता को नई पीढ़ी तक पहुँचाया है। आने वाले 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उनके बलिदान को और भी व्यापक रूप से स्मरण किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या कारगिल के शहीदों की स्मृति केवल पोस्ट तक सीमित है या नीति-स्तर पर सैनिकों के परिवारों, पुनर्वास और कल्याण में भी इसकी झलक दिखती है। कैप्टन बत्रा जैसे वीरों का बलिदान राष्ट्रीय चेतना का स्थायी हिस्सा है — यह स्मरण तब और अर्थपूर्ण होगा जब सैन्य कल्याण की नीतियाँ भी उतनी ही मुखर हों जितनी श्रद्धांजलि की पंक्तियाँ।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन विक्रम बत्रा का बलिदान दिवस कब है?
कैप्टन विक्रम बत्रा का बलिदान दिवस 7 जुलाई को मनाया जाता है। 7 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राण न्योछावर किए थे।
कैप्टन विक्रम बत्रा को 'शेरशाह' क्यों कहा जाता है?
'शेरशाह' कारगिल युद्ध के दौरान कैप्टन विक्रम बत्रा का कोड नेम था, जो उन्हें उनके असाधारण पराक्रम के कारण दिया गया था। दुर्गम और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चोटियों पर विजय प्राप्त करने के उनके अभियानों के कारण यह नाम उनकी पहचान बन गया।
कैप्टन विक्रम बत्रा को परमवीर चक्र क्यों मिला?
1999 के कारगिल युद्ध में अद्वितीय वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से विभूषित किया गया। युद्ध के दौरान उन्होंने दुर्गम चोटियों पर विजय प्राप्त कर दुश्मन को खदेड़ा था।
2025 के बलिदान दिवस पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
7 जुलाई 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट कर कैप्टन विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म 9 सितंबर 1974 को हुआ था। वे भारतीय सेना के एक अधिकारी थे जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में अपनी वीरता से राष्ट्र को गौरवान्वित किया।
राष्ट्र प्रेस
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