7 जुलाई 2026
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कैप्टन विक्रम बत्रा बलिदान दिवस: योगी, भजनलाल समेत कई मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर दी श्रद्धांजलि

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कैप्टन विक्रम बत्रा बलिदान दिवस: योगी, भजनलाल समेत कई मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर दी श्रद्धांजलि

सारांश

कारगिल के अमर नायक कैप्टन विक्रम बत्रा की बलिदान की वर्षगांठ पर 7 जुलाई को देशभर के नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी। योगी आदित्यनाथ, भजनलाल शर्मा, रेखा गुप्ता और नायब सिंह सैनी ने उनके साहस और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को नमन किया।

मुख्य बातें

कैप्टन विक्रम बत्रा का बलिदान दिवस 7 जुलाई को देशभर में श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , राजस्थान के भजनलाल शर्मा , दिल्ली की रेखा गुप्ता और हरियाणा के नायब सिंह सैनी ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
कैप्टन बत्रा ने 7 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध में घायल साथी को बचाते हुए वीरगति प्राप्त की थी।
उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैनिक सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
26 जुलाई 2025 को कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।

परमवीर चक्र से सम्मानित कारगिल के अमर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के बलिदान दिवस पर 7 जुलाई को देशभर में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों सहित वरिष्ठ नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'जब भी राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्य के सर्वोच्च प्रतिमानों की चर्चा होगी, कारगिल विजय के अमर नायक, 'परमवीर चक्र' से अलंकृत कैप्टन विक्रम बत्रा का नाम गर्व के साथ स्मरण किया जाएगा। मां भारती के वीर सपूत का जीवन और सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय को 'राष्ट्र प्रथम' के भाव के साथ जीने की प्रेरणा देता है। आज उनके बलिदान दिवस पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि।'

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'कारगिल युद्ध के अमर शहीद, परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले परमवीर चक्र से अलंकृत अमर शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं कोटिशः नमन! राष्ट्र की आन, बान और शान की रक्षा हेतु प्रदर्शित उनका अद्वितीय पराक्रम तथा कर्तव्य के प्रति उनका अटूट समर्पण देशवासियों को सदैव राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के पथ पर प्रेरित करता रहेगा।'

हरियाणा और उत्तर प्रदेश के नेताओं का नमन

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, 'राष्ट्र की रक्षा के लिए उनका अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। मातृभूमि की रक्षा में उनका समर्पण और तिरंगे की आन-बान-शान के लिए दिया गया बलिदान सदैव देशवासियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की अलख जगाता रहेगा।'

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा जी का साहस, समर्पण और सदैव भारत माता की संतानों को प्रेरित करता रहेगा।'

कैप्टन विक्रम बत्रा: एक परिचय

कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में हुआ था। 1999 के कारगिल युद्ध में उन्होंने प्वाइंट 4875 सहित कई दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराया। 7 जुलाई 1999 को एक घायल साथी अधिकारी को बचाते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैनिक सम्मान परमवीर चक्र से नवाज़ा गया। 'शेरशाह' के नाम से मशहूर बत्रा ने कारगिल की पहाड़ियों पर कहा था — 'या तो तिरंगा लहराकर आऊँगा, या तिरंगे में लिपटकर आऊँगा, लेकिन आऊँगा ज़रूर।'

राष्ट्रीय स्मृति और प्रासंगिकता

गौरतलब है कि 26 जुलाई 2025 को कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। ऐसे में 7 जुलाई को कैप्टन बत्रा का बलिदान दिवस राष्ट्रीय स्मृति को और गहरा करता है। यह ऐसे समय में आया है जब देश अपनी सशस्त्र सेनाओं के प्रति कृतज्ञता के भाव को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास कर रहा है। कैप्टन बत्रा की जीवनगाथा पर बनी फिल्म 'शेरशाह' ने उनकी वीरता को करोड़ों युवाओं तक पहुँचाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह स्मृति केवल सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित रहती है या नीतिगत स्तर पर सैनिक कल्याण में भी परिलक्षित होती है। कारगिल विजय के 26 वर्ष बाद भी शहीद परिवारों के पुनर्वास और पूर्व सैनिकों की पेंशन विसंगतियाँ बहस का विषय बनी हुई हैं। 'शेरशाह' जैसी फिल्मों ने युवाओं में देशभक्ति की लहर ज़रूर जगाई, लेकिन सैन्य भर्ती और अग्निवीर योजना पर जारी विमर्श यह दर्शाता है कि शहादत का सम्मान और सैनिक नीति के बीच की खाई अभी पूरी तरह नहीं पटी है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन विक्रम बत्रा का बलिदान दिवस कब है?
कैप्टन विक्रम बत्रा का बलिदान दिवस 7 जुलाई को मनाया जाता है। 7 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान एक घायल साथी अधिकारी को बचाते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए थे।
कैप्टन विक्रम बत्रा को परमवीर चक्र क्यों मिला?
1999 के कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा ने प्वाइंट 4875 सहित कई दुर्गम चोटियों पर दुश्मन को परास्त कर तिरंगा फहराया। अपनी असाधारण वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैनिक सम्मान परमवीर चक्र से नवाज़ा गया।
7 जुलाई 2025 को किन नेताओं ने विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि दी?
7 जुलाई 2025 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर पोस्ट साझा कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कैप्टन विक्रम बत्रा 'शेरशाह' क्यों कहलाते थे?
कारगिल युद्ध के दौरान कैप्टन विक्रम बत्रा का कोड नेम 'शेरशाह' था, जो उनके अदम्य साहस और दुश्मन को ललकारने के अंदाज़ के कारण प्रसिद्ध हुआ। बाद में इसी नाम से उनकी जीवनगाथा पर एक बॉलीवुड फिल्म भी बनी।
कारगिल विजय दिवस कब मनाया जाता है?
कारगिल विजय दिवस प्रतिवर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के तहत कारगिल की सभी चोटियों पर पुनः कब्ज़ा कर पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ा था। 2025 में यह 26वीं वर्षगांठ होगी।
राष्ट्र प्रेस
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