विंबलडन 2025: आर्थर फेरी ने दिमित्रोव को 7-6 टाईब्रेक में हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई
सारांश
मुख्य बातें
आर्थर फेरी ने 7 जुलाई को विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर पूर्व विश्व नंबर-3 ग्रिगोर दिमित्रोव को रोमांचक पाँच सेटों के मुकाबले में 7-5, 3-6, 4-6, 6-4, 7-6 (10-7) से हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम क्वार्टरफाइनल सुनिश्चित किया। घरेलू दर्शकों के प्रिय 23 वर्षीय इस खिलाड़ी ने इससे पहले किसी भी ग्रैंड स्लैम में दूसरे दौर से आगे कदम नहीं रखा था।
मैच का रोमांचक घटनाक्रम
दिमित्रोव मैच में दो सेट से एक की बढ़त पर थे और चौथे सेट में 4-3, 15-0 की स्थिति में दो बार सर्विस ब्रेक की बढ़त भी बना चुके थे। परंतु इसके बाद उन्होंने लगातार 11 अंक गंवाए, जिसने मैच का रुख पलट दिया। फेरी ने इस अप्रत्याशित गिरावट का पूरा फायदा उठाया और मुकाबला चौथे सेट में बराबर कर लिया। निर्णायक टाईब्रेक में फेरी ने पहला ही मैच प्वाइंट भुनाया, जब दिमित्रोव का बैकहैंड नेट में जा फंसा।
ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
यह मुकाबला ग्रैंड स्लैम इतिहास में पहली बार था जब पुरुष एकल के प्री-क्वार्टरफाइनल या उससे आगे के दौर में दो वाइल्ड कार्ड खिलाड़ियों का आमना-सामना हुआ। फेरी ओपन युग में विंबलडन पुरुष एकल के क्वार्टरफाइनल में पहुँचने वाले छठे ब्रिटिश पुरुष खिलाड़ी बने — उनसे पहले यह उपलब्धि एंडी मरे, टिम हेनमैन, रोजर टेलर, ग्रेग रुसेडस्की और कैमरून नॉरी ने हासिल की थी। इसके अलावा, वह 2014 में निक किर्गियोस (तब विश्व नंबर 144) के बाद शीर्ष-100 से बाहर रहते हुए विंबलडन के इस चरण तक पहुँचने वाले पहले खिलाड़ी भी बने।
दिमित्रोव का दुर्भाग्यपूर्ण इतिहास
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी दिमित्रोव इसी दौर में बाहर हो गए थे, जब वह यानिक सिनर के खिलाफ दो सेट की बढ़त बनाए हुए थे लेकिन पेक्टोरल (सीने की मांसपेशी) में चोट के कारण मैच पूरा नहीं कर सके। 12 महीने बाद एक बार फिर वह इसी दौर में चूक गए। उल्लेखनीय है कि 2014 में दिमित्रोव ने ही एंडी मरे की विंबलडन खिताब रक्षा की उम्मीदें समाप्त की थीं।
फेरी का अगला मुकाबला
फेरी अब पुरुष एकल ड्रॉ में बचे एकमात्र ब्रिटिश खिलाड़ी हैं। क्वार्टरफाइनल में उनका सामना फ्रेंच ओपन (रोलाँ गैरो) के उपविजेता फ्लावियो कोबोली से होगा, जिन्होंने पाँचवीं वरीयता प्राप्त एलेक्स डी मिनॉर को 7-5, 7-6 (4), 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। फेरी की शीर्ष-100 में एंट्री पहले ही तय हो चुकी थी, और सेंटर कोर्ट पर उनके इस संयमित व परिपक्व प्रदर्शन ने संकेत दिया है कि 'क्रॉस-चैनल फेरी' की विश्व रैंकिंग आने वाले समय में और ऊँची जा सकती है।