ट्रंप बोले — क्रिप्टो बड़ा उद्योग है, अमेरिका को चीन से पहले इस पर कब्जा करना होगा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 जुलाई 2026 को व्हाइट हाउस में आयोजित ट्रंप अकाउंट्स प्रोग्राम के लॉन्च कार्यक्रम में क्रिप्टोकरेंसी को अमेरिका के लिए एक अनिवार्य रणनीतिक उद्योग बताया और स्पष्ट किया कि डिजिटल एसेट्स की दौड़ में पिछड़ने का सीधा अर्थ होगा चीन की बढ़त। उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दोनों अमेरिका के आर्थिक और तकनीकी भविष्य के लिए अपरिहार्य हैं।
भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा ने बदला नजरिया
ट्रंप ने स्वीकार किया कि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर उनके विचार समय के साथ बदले हैं। उन्होंने कहा, "मैं इसका फैन हूं; शुरू में नहीं था, मुझे इसके बारे में ज्यादा पता नहीं था। अपने पहले कार्यकाल में मैं सच में नहीं था, लेकिन मैं देखता था और मैंने इसे बढ़ते देखा। यह एक बहुत बड़ा उद्योग है।" उन्होंने कहा कि चीन के साथ भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा ने इस क्षेत्र के प्रति उनके समर्थन को और मजबूत किया।
ट्रंप ने कहा, "मैं सिर्फ एक वजह से क्रिप्टो का बड़ा समर्थक हूं: अगर यह हमारे पास नहीं है, तो चीन के पास होगा और वे इसे पाना चाहेंगे। लेकिन अब वे इतनी कोशिश भी नहीं कर रहे हैं क्योंकि हमने क्रिप्टो पर कब्जा कर लिया है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में क्रिप्टो नियामक ढाँचे पर संसद में बहस जारी है।
बाइडेन प्रशासन पर सीधा हमला
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन की डिजिटल एसेट्स नीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, "बाइडेन इसके पूरी तरह खिलाफ थे लेकिन उन्हें नहीं पता कि क्रिप्टो क्या है। उन्हें कोई आइडिया नहीं था। वे इसके बहुत खिलाफ थे। वे लोगों को जेल में डाल रहे थे। वे क्रिप्टो के साथ जो कर रहे थे वह बहुत बुरा था।" गौरतलब है कि बाइडेन के कार्यकाल में अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) ने कई बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी।
AI और क्रिप्टो को एक रणनीति में जोड़ा
राष्ट्रपति ट्रंप ने क्रिप्टोकरेंसी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपनी व्यापक तकनीकी रणनीति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नेतृत्व बनाए रखने के लिए बिजली उत्पादन और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी विस्तार जरूरी होगा। ट्रंप ने कहा, "उस उद्योग को पावर देने के लिए आपको इसे दोगुना से ज्यादा करने की जरूरत है।" उन्होंने यह भी दावा किया, "हम AI में चीन से काफी आगे हैं।"
उनके प्रशासन ने कंपनियों को AI सुविधाओं के साथ-साथ विशेष पावर प्लांट बनाने की मंजूरी तेजी से देने की बात कही। ट्रंप ने परमाणु ऊर्जा को AI विकास के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक स्रोत के रूप में भी प्रमोट किया, यह कहते हुए कि रिएक्टर तकनीक में हालिया तरक्की ने इसे और व्यावहारिक बना दिया है।
क्या होगा आगे
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी कांग्रेस में क्रिप्टो नियमन से जुड़े कई विधेयक विचाराधीन हैं। विश्लेषकों के अनुसार, राष्ट्रपति का यह रुख संघीय नियामकों को क्रिप्टो उद्योग के प्रति अधिक उदार नीति अपनाने का स्पष्ट संकेत देता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ट्रंप प्रशासन क्रिप्टो और AI दोनों क्षेत्रों में चीन से आगे रहने के अपने दावे को नीतिगत ठोस कदमों में कैसे बदलता है।