विंबलडन 2026: जेवरेव ने रॉयर को सीधे सेटों में हराया, बेरेटिनी और फेरी भी तीसरे दौर में
सारांश
मुख्य बातें
अलेक्जेंडर जेवरेव ने 3 जुलाई 2026 को विंबलडन के दूसरे दौर में फ्रांस के वैलेंटिन रॉयर को 6-1, 6-3, 7-6(3) से हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया। नए फ्रेंच ओपन चैंपियन और दूसरी वरीयता प्राप्त इस जर्मन खिलाड़ी ने 2 घंटे 4 मिनट के मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा। उनके साथ इटली के माटेओ बेरेटिनी और ब्रिटेन के युवा वाइल्ड कार्ड आर्थर फेरी ने भी अगले दौर में जगह पक्की की।
जेवरेव का सधा हुआ प्रदर्शन
जेवरेव ने पहले दो सेट 6-1 और 6-3 से आसानी से जीते। तीसरे सेट में रॉयर ने कड़ी प्रतिस्पर्धा पेश की, लेकिन टाई-ब्रेक में जेवरेव ने 7-3 से बढ़त लेकर मैच अपने नाम किया। मैच के बाद जेवरेव ने कहा, 'लगभग ढाई सेट तक मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया। इसके बाद थोड़ा ध्यान भटका, जिसका प्रतिद्वंद्वी ने फायदा उठाया।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सीधे सेटों में जीत से न केवल ऊर्जा बचती है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
जेवरेव ने स्वीकार किया कि विंबलडन उनके पसंदीदा टूर्नामेंटों में से एक है, लेकिन यहाँ अब तक कोई बड़ा खिताब नहीं जीत पाए हैं। इस बार वह बेहतर नतीजे की उम्मीद के साथ मैदान में हैं।
बेरेटिनी की सेंटर कोर्ट पर वापसी
2021 के विंबलडन उपविजेता माटेओ बेरेटिनी ने सेंटर कोर्ट पर फ्रांस के आर्थर फिल्स को 6-4, 7-5, 3-6, 6-3 से हराया। मैच के दौरान उन्होंने कई शानदार एस लगाए और दर्शकों को अपने दमदार खेल से प्रभावित किया। तीसरा सेट गँवाने के बाद भी उन्होंने शानदार वापसी की और चौथा सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। यह जीत खास इसलिए भी है क्योंकि बेरेटिनी 2023 के बाद पहली बार विंबलडन के तीसरे दौर में पहुँचे हैं।
फेरी का ऐतिहासिक प्रदर्शन
दिन का सबसे चर्चित मुकाबला 23 वर्षीय ब्रिटिश वाइल्ड कार्ड आर्थर फेरी का रहा, जिन्होंने फिनलैंड के ओटो विर्टानेन को 5-7, 7-6(3), 6-3, 6-3 से हराकर करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। पहला सेट गँवाने के बाद फेरी ने लगातार तीन सेट जीते और तीसरे दौर में प्रवेश किया। वह वर्ष 2000 के बाद विंबलडन पुरुष एकल के तीसरे दौर में पहुँचने वाले केवल चौथे ब्रिटिश वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी बन गए हैं।
गौरतलब है कि फेरी ने पहले दौर में चौथी वरीयता प्राप्त बेन शेल्टन को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके अलावा वह हाल के हफ्तों में बर्मिंघम और नॉटिंघम के ग्रास कोर्ट टूर्नामेंट के फाइनल तक भी पहुँचे थे, जो उनकी मौजूदा फॉर्म को रेखांकित करता है।
प्रिंसेस ऑफ वेल्स की मौजूदगी और घरेलू समर्थन
फेरी के मैच को देखने के लिए प्रिंसेस ऑफ वेल्स भी कुछ समय के लिए स्टेडियम में उपस्थित रहीं। इसके बावजूद फेरी ने किसी तरह का दबाव महसूस नहीं किया। जीत के बाद उन्होंने कहा, 'जिस इलाके में मैं बड़ा हुआ, वहाँ से सिर्फ पाँच मिनट की दूरी पर विंबलडन में खेलना बेहद खास है। जब भी दर्शकों की ओर देखता हूँ, कोई न कोई जाना-पहचाना चेहरा दिखता है, जिससे उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं।' स्टेडियम में उनके परिवार और मित्रों की मौजूदगी ने उनके खेल को और ऊर्जावान बनाया।
आगे क्या होगा
तीनों खिलाड़ी अब विंबलडन 2026 के तीसरे दौर में अपनी चुनौती पेश करेंगे। जेवरेव के लिए यह टूर्नामेंट उनके ग्रैंड स्लैम कलेक्शन में विंबलडन खिताब जोड़ने का एक और अवसर है। फेरी की यह यात्रा ब्रिटिश टेनिस के लिए एक उत्साहजनक संकेत है।