दक्षिण कोरिया में 800 मिमी बारिश से भूस्खलन, जियोजे में एक की मौत; स्तर-1 आपात सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के दक्षिण ग्योंगसांग प्रांत में सप्ताहांत से जारी मूसलाधार बारिश ने 17 अगस्त 2026 को भीषण तबाही का रूप ले लिया। जियोजे शहर में शनिवार से सोमवार सुबह तक 800 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिसके चलते हुए भूस्खलन में एक इमारत की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण कोरिया के गृह मंत्रालय ने केंद्रीय आपदा एवं सुरक्षा प्रतिकार मुख्यालय में स्तर-1 आपात प्रतिक्रिया सक्रिय कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार तड़के करीब 4:42 बजे जियोजे में भूस्खलन हुआ, जिसकी चपेट में एक इमारत आ गई। पुलिस और दमकलकर्मियों ने इमारत से तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें से एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में मिला, जिसे बाद में अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
एक अन्य इलाके में भी भूस्खलन से एक मकान प्रभावित हुआ, हालांकि वहाँ किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दमकल विभाग को रातभर जियोजे में बारिश से जुड़ी घटनाओं के संबंध में 20 से अधिक आपातकालीन कॉल प्राप्त हुईं।
वर्षा का व्यापक असर
जियोजे से करीब 300 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित टोंगयोंग में भी इसी अवधि में 671.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रांत के अन्य इलाकों में 240 से 340 मिलीमीटर तक वर्षा दर्ज हुई। सोमवार सुबह जियोजे और टोंगयोंग में बारिश की तीव्रता 100 मिलीमीटर प्रति घंटे तक पहुँच गई थी।
भारी बारिश के कारण जियोजे और टोंगयोंग में 12 स्कूल और किंडरगार्टन जलमग्न हो गए। जियोजे में कई नदियाँ और जलधाराएँ उफान पर आ गईं, जिससे सड़कें पानी में डूब गईं।
सरकार की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री यून हो-जुंग ने अधिकारियों को लोगों की जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री हान सियोंग-सुक ने भी पुलिस, दमकलकर्मियों और संबंधित एजेंसियों को भारी बारिश के कारण फँसे लोगों तथा जोखिम में पड़े नागरिकों को बचाने के लिए पूरी ताकत से अभियान चलाने का आदेश दिया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने दक्षिण ग्योंगसांग प्रांत के कुछ हिस्सों में सोमवार को 150 मिलीमीटर तक अतिरिक्त वर्षा होने का अनुमान जताया है। पाँच इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी लागू रही, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में एडवाइजरी जारी की गई।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया में मानसून के मौसम में इस तरह की अत्यधिक वर्षा की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक मौसमी घटनाओं की आवृत्ति पर चिंता बढ़ रही है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।