डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष और 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे' के उद्घोषक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर 23 जून 2025 को देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर उनकी स्मृति को नमन किया।
मुख्य श्रद्धांजलियाँ और नेताओं के वक्तव्य
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान, नहीं चलेंगे के उद्घोषक, प्रखर राष्ट्रवादी और जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। भारत की एकता और अखंडता के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक देशवासी के हृदय में सदैव राष्ट्रवाद की लौ प्रज्वलित करता रहेगा।'
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर कहा, 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे का उद्घोष कर राष्ट्र के लिए जीवन समर्पित करने वाले भारतीय जनसंघ के संस्थापक, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। राष्ट्र प्रथम के प्रति समर्पित प्रखर विचारधारा, देश की अखंडता के लिए दृढ़ संकल्प सदैव प्रेरणा देता रहेगा। देश आपका अनंतकाल तक ऋणी रहेगा।'
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर पोस्ट किया, 'महान राष्ट्रभक्त, प्रखर शिक्षाविद् एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए उनका अद्वितीय योगदान तथा उनका अटूट संकल्प आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।'
राजस्थान, उत्तराखंड और बिहार के मुख्यमंत्रियों का नमन
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, महान शिक्षाविद् एवं अखंड भारत के प्रबल समर्थक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन! राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनका त्याग एवं समर्पण भारतीय इतिहास में सदैव अमिट रहेगा।'
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर कहा, 'राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक चेतना के प्रखर पुरोधा, भारतीय जनसंघ के संस्थापक, महान शिक्षाविद् एवं करोड़ों कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर कोटिशः नमन।'
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'महान शिक्षाविद, राष्ट्रनिष्ठ विचारक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं स्वाभिमान के लिए आपका समर्पण, साहस और त्याग सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।'
उपमुख्यमंत्री का संदेश
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा कि डॉ. मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए संघर्ष किया और 'दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' नहीं चलेंगे के संकल्प के साथ राष्ट्रहित में सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि यह बलिदान भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।
डॉ. मुखर्जी की विरासत और ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रूप में विकसित हुई। जम्मू-कश्मीर में प्रवेश के लिए परमिट व्यवस्था के विरोध में वे 1953 में बिना परमिट के राज्य में प्रविष्ट हुए, जहाँ उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 23 जून 1953 को हिरासत में ही उनका निधन हो गया। उनकी यह पुण्यतिथि प्रतिवर्ष बलिदान दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद जम्मू-कश्मीर के एकीकरण को लेकर उनके योगदान की चर्चा राजनीतिक हलकों में और अधिक प्रासंगिक हो गई है।