डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस: PM मोदी ने एक्स पर दी श्रद्धांजलि, संस्कृत श्लोक भी साझा किया
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जून 2026 को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया। मोदी ने डॉ. मुखर्जी को 'महान देशभक्त, विद्वान और राजनेता' बताते हुए उनके बलिदान को राष्ट्र की सामूहिक स्मृति का अभिन्न अंग कहा।
मोदी के एक्स पोस्ट में क्या लिखा
प्रधानमंत्री ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा में आजीवन समर्पित रहे देश की महान विभूति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उनके प्रखर विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, 'उनका अटूट संकल्प, सार्वजनिक जीवन में साहस और राष्ट्रीय हित के प्रति समर्पण पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।'
संस्कृत श्लोक और उसका अर्थ
मोदी ने श्रद्धांजलि के साथ एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया — 'न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः। परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥' इस श्लोक का भाव है कि अमृतत्व केवल कर्म, धन या वंश से नहीं, बल्कि त्याग और उच्च आदर्शों के प्रति पूर्ण समर्पण से प्राप्त होता है। जो जन राष्ट्र, समाज और सत्य के लिए स्वार्थों का त्याग करते हैं, उनका जीवन काल की सीमाओं से परे जाकर जनमानस में अमर हो जाता है।
डॉ. मुखर्जी के बलिदान का स्मरण
प्रधानमंत्री ने लिखा कि डॉ. मुखर्जी का बलिदान 'हमारी सामूहिक स्मृति में सदैव अंकित रहेगा' और उन्होंने उन मूल्यों से प्रेरित होकर 'एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता' दोहराई, जिन्हें डॉ. मुखर्जी ने अपने अंतिम क्षणों तक अपनाया। गौरतलब है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे और उनका निधन 23 जून 1953 को हिरासत में हुआ था, जिसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) हर वर्ष बलिदान दिवस के रूप में मनाती है।
एक दिन पहले योग दिवस पर भी किया था पोस्ट
इससे एक दिन पूर्व सोमवार को प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित पोस्ट करते हुए लिखा था कि 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बड़ी सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग न केवल दुनियाभर में करोड़ों लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।' इस प्रकार मोदी लगातार दो दिन सुभाषित और श्लोक के माध्यम से राष्ट्रीय विषयों पर अपनी भावनाएँ व्यक्त करते रहे।
बलिदान दिवस पर इस श्रद्धांजलि के साथ BJP और उसके सहयोगी संगठन देशभर में डॉ. मुखर्जी की स्मृति में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जो उनकी विरासत को जीवित रखने की परंपरा का हिस्सा है।