10 अगस्त 2026
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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित: 'सामूहिक समर्पण और पुरुषार्थ से राष्ट्र की समृद्धि अक्षुण्ण रहती है'

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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित: 'सामूहिक समर्पण और पुरुषार्थ से राष्ट्र की समृद्धि अक्षुण्ण रहती है'

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने 24 जून को एक्स पर संस्कृत श्लोक 'यत्रोत्साहसमारम्भो…' साझा कर संदेश दिया कि सामूहिक समर्पण और पुरुषार्थ से ही राष्ट्र की समृद्धि अटल रहती है। यह उनकी हालिया सुभाषित-श्रृंखला की कड़ी है, जिसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि और योग दिवस संदेश भी शामिल हैं।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 24 जून 2026 को एक्स पर संस्कृत श्लोक 'यत्रोत्साहसमारम्भो यत्रालस्यविहीनता…' साझा किया।
पोस्ट में संदेश दिया कि सामूहिक समर्पण और पुरुषार्थ से राष्ट्र की समृद्धि सदा अक्षुण्ण रहती है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर त्याग और अमृतत्व विषयक श्लोक साझा किया गया था।
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता पर संस्कृत सुभाषित के साथ संदेश पोस्ट किया गया था।
यह पोस्ट प्रधानमंत्री की नियमित सुभाषित-श्रृंखला का हिस्सा है जो राष्ट्रीय पर्वों और महापुरुषों से जुड़ती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जून 2026 (बुधवार) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए राष्ट्र की समृद्धि और सामूहिक पुरुषार्थ पर विचार व्यक्त किए। यह पोस्ट उनकी हालिया सुभाषित-श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें वे नियमित रूप से प्राचीन भारतीय ज्ञान को समकालीन संदर्भ से जोड़ते आ रहे हैं।

साझा किया गया सुभाषित और उसका अर्थ

प्रधानमंत्री ने संस्कृत श्लोक 'यत्रोत्साहसमारम्भो यत्रालस्यविहीनता। नयविक्रमसंयोगस्तत्र श्रीरचला ध्रुवम्॥' पोस्ट किया। इसके साथ उन्होंने लिखा, 'सामूहिक समर्पण और पुरुषार्थ से राष्ट्र की समृद्धि अक्षुण्ण रहती है। यही भावना समाज को नई ऊर्जा देती है और विकास के संकल्पों को सिद्धि तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करती है।'

इस श्लोक का भाव है कि जहाँ परिश्रम राष्ट्रभक्ति के उत्साह से प्रेरित होता है, जहाँ आलस्य से रहित होकर निरंतर कर्तव्य का पालन होता है, और जहाँ विनम्रता साहस के साथ संतुलित होती है — वहाँ राष्ट्र की समृद्धि सदा अटल और चिरस्थायी बनी रहती है।

एक दिन पूर्व का सुभाषित: डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि

23 जून को प्रधानमंत्री ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक अन्य संस्कृत श्लोक साझा किया था। उन्होंने लिखा था, 'निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा में आजीवन समर्पित रहे देश की महान विभूति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उनके प्रखर विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।'

उस अवसर पर साझा किए गए श्लोक 'न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः…' का भाव था कि अमृतत्व केवल कर्म, धन या वंश से नहीं, बल्कि त्याग और उच्च आदर्शों के प्रति पूर्ण समर्पण से प्राप्त होता है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से जुड़ा संदेश

इससे पूर्व सोमवार को प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित के साथ लिखा था, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बड़ी सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग न केवल दुनियाभर में करोड़ों लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।' यह पोस्ट 21 जून को मनाए गए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संदर्भ में थी।

सुभाषित-श्रृंखला का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी हाल के हफ्तों में एक्स पर नियमित रूप से संस्कृत सुभाषित और उनके हिंदी भावार्थ साझा कर रहे हैं। यह श्रृंखला राष्ट्रीय पर्वों, महापुरुषों की जयंती-पुण्यतिथि और समसामयिक विषयों को प्राचीन भारतीय ज्ञान-परंपरा से जोड़ने की उनकी शैली को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के संदेश सांस्कृतिक-राष्ट्रवादी विमर्श को डिजिटल माध्यम से व्यापक जनमानस तक पहुँचाने का प्रयास है। आगे भी इस श्रृंखला के जारी रहने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 24 जून को एक्स पर क्या पोस्ट किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जून 2026 को एक्स पर संस्कृत श्लोक 'यत्रोत्साहसमारम्भो यत्रालस्यविहीनता। नयविक्रमसंयोगस्तत्र श्रीरचला ध्रुवम्॥' साझा किया। साथ में उन्होंने लिखा कि सामूहिक समर्पण और पुरुषार्थ से राष्ट्र की समृद्धि अक्षुण्ण रहती है।
इस संस्कृत श्लोक का हिंदी अर्थ क्या है?
इस श्लोक का भाव है कि जहाँ राष्ट्रभक्ति के उत्साह से प्रेरित होकर परिश्रम किया जाए, जहाँ आलस्य का कोई स्थान न हो और जहाँ विनम्रता साहस के साथ संतुलित हो — वहाँ त्याग, तप और समर्पण से राष्ट्र की समृद्धि सदा अटल और चिरस्थायी बनी रहती है।
PM मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि कब दी?
प्रधानमंत्री मोदी ने 23 जून को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर एक्स पर श्रद्धांजलि पोस्ट की। उन्होंने 'न कर्मणा न प्रजया धनेन…' श्लोक साझा करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी के आदर्श हर पीढ़ी को प्रेरित करते रहेंगे।
PM मोदी की सुभाषित-श्रृंखला का उद्देश्य क्या है?
प्रधानमंत्री हाल के हफ्तों में नियमित रूप से संस्कृत सुभाषित और उनके हिंदी भावार्थ एक्स पर पोस्ट कर रहे हैं। यह श्रृंखला राष्ट्रीय पर्वों, महापुरुषों की जयंती-पुण्यतिथि और समसामयिक विषयों को प्राचीन भारतीय ज्ञान-परंपरा से जोड़ती है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर PM मोदी ने क्या लिखा था?
सोमवार को प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित के साथ लिखा था कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग दुनियाभर में करोड़ों लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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