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लोककल्याण ही सच्ची सफलता है: PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित

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लोककल्याण ही सच्ची सफलता है: PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को एक्स पर लिखा — 'सफलता वही सार्थक है, जिसमें लोककल्याण की भावना सर्वोपरि हो।' साथ में साझा किए गए संस्कृत श्लोक का संदेश है कि सच्चे परोपकारी समृद्धि में भी विनम्र रहते हैं। यह उनकी नियमित सुभाषित श्रृंखला का हिस्सा है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई 2026 को एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा किया — 'सफलता वही सार्थक है, जिसमें लोककल्याण की भावना सर्वोपरि हो।' साझा श्लोक का संदेश: फलदार वृक्ष और जल-भरे मेघ की तरह, सच्चे परोपकारी समृद्धि में भी विनम्र और समाज-समर्पित रहते हैं।
6 जुलाई को उन्होंने डॉ.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को श्रद्धांजलि देते हुए श्लोक साझा किया था।
3 जुलाई को श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर शिवभक्तों को शुभकामनाएँ और भगवान अमरनाथ पर श्लोक प्रस्तुत किया था।
प्रधानमंत्री की ओर से एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा करने की यह नियमित श्रृंखला जारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई 2026, मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा कि समृद्धि की सच्ची शोभा विनम्रता और परोपकार में है। उन्होंने लिखा, 'समृद्धि की शोभा विनम्रता और परोपकार में निहित है। सफलता वही सार्थक है, जिसमें लोककल्याण की भावना सर्वोपरि हो।'

साझा किया गया सुभाषित और उसका अर्थ

प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में संस्कृत श्लोक 'भवन्ति नम्रास्तरवः फलोद्गमैर्नवाम्बुभिर्दूरविलम्बिनो घनाः। अनुद्धताः सत्पुरुषाः समृद्धिभिः स्वभाव एवैष परोपकारिणाम्॥' भी संलग्न किया। इस श्लोक का भाव यह है कि जिस प्रकार फल लगने पर वृक्ष झुक जाते हैं और जल से भरे मेघ धरती के निकट आ जाते हैं, उसी प्रकार सच्चे परोपकारी महापुरुष सफलता और यश प्राप्त करने के बाद भी अहंकार नहीं करते, बल्कि स्वयं को समाज की उन्नति के लिए समर्पित कर देते हैं।

पिछले सुभाषित: डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि

6 जुलाई को प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा था कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का भारत की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए दिया गया बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा। उस पोस्ट में श्लोक 'जयन्ति ते सुकृतिनो रससिद्धाः कवीश्वराः। नास्ति येषां यशःकाये जरामरणजं भयम्॥' साझा किया गया था। इस श्लोक का अभिप्राय है कि जिन पुण्यात्माओं ने समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य किए या अपना बलिदान दिया, वे इतिहास में सदा के लिए अमर हो जाते हैं — उनके यशरूपी शरीर को न बुढ़ापे का भय होता है, न मृत्यु का।

अमरनाथ यात्रा पर शुभकामनाएँ

3 जुलाई को प्रधानमंत्री ने श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर समस्त शिवभक्तों को शुभकामनाएँ देते हुए लिखा था, 'बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन की यह यात्रा आप सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।' उन्होंने उस पोस्ट में श्लोक 'वाग्बुद्धिचित्तकरणैश्च तपोभिरुग्रैः, शक्यं समाकलयितुं न यदीयरूपम्। तं भक्तिभावसुलभं शरणं नतानां, नित्यं भजाम्यऽमरनाथमहं दयालुम्॥' भी साझा किया था, जिसका आशय है कि जिन भगवान के स्वरूप को वाणी, बुद्धि और कठोर तपस्या से भी नहीं जाना जा सकता, वे केवल भक्तिभाव से सहज प्राप्त होते हैं।

नियमित सुभाषित साझा करने की परंपरा

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी की ओर से एक्स पर संस्कृत सुभाषित और श्लोक साझा करने का यह क्रम नियमित रूप से जारी है। यह पहल भारतीय शास्त्रीय ज्ञान परंपरा को सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनमानस तक पहुँचाने का प्रयास मानी जाती है। इन पोस्टों में प्राचीन श्लोकों के साथ उनका समसामयिक भावार्थ भी प्रस्तुत किया जाता है, जिससे युवा पीढ़ी इन विचारों से जुड़ सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

सीधे नागरिकों के मूल्यबोध को छूता है। हालाँकि, आलोचक यह भी पूछते हैं कि क्या ये संदेश केवल प्रतीकात्मक हैं या नीतिगत आचरण में भी इनकी छाप दिखती है। जब 'लोककल्याण' की बात होती है, तो जनता की नज़र स्वाभाविक रूप से ज़मीनी परिणामों पर जाती है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 7 जुलाई को एक्स पर क्या साझा किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने 7 जुलाई 2026 को एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया जिसमें कहा गया कि 'सफलता वही सार्थक है, जिसमें लोककल्याण की भावना सर्वोपरि हो।' साथ में 'भवन्ति नम्रास्तरवः...' श्लोक भी प्रस्तुत किया गया।
इस संस्कृत श्लोक का क्या अर्थ है?
इस श्लोक का भाव है कि जैसे फल लगने पर वृक्ष झुक जाते हैं और बादल जल भरने पर नीचे आते हैं, वैसे ही सच्चे परोपकारी व्यक्ति समृद्धि मिलने पर भी अहंकारी नहीं होते और अपना जीवन समाज की उन्नति को समर्पित कर देते हैं।
PM मोदी ने 6 जुलाई को किसे श्रद्धांजलि दी थी?
6 जुलाई को प्रधानमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत की एकता और अखंडता के लिए उनका बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने 'जयन्ति ते सुकृतिनो...' श्लोक भी साझा किया था।
अमरनाथ यात्रा पर PM मोदी ने क्या कहा था?
3 जुलाई को प्रधानमंत्री ने श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर समस्त शिवभक्तों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन की यात्रा सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। उन्होंने भगवान अमरनाथ पर एक श्लोक भी साझा किया था।
PM मोदी की एक्स पर सुभाषित साझा करने की यह परंपरा क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी नियमित रूप से एक्स पर संस्कृत श्लोक और सुभाषित साझा करते हैं, जिनके साथ उनका हिंदी भावार्थ भी होता है। यह पहल भारतीय शास्त्रीय ज्ञान परंपरा को सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनमानस, विशेषकर युवा पीढ़ी, तक पहुँचाने का प्रयास मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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