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पीएम मोदी ने एक्स पर शेयर किया संस्कृत सुभाषित: 'बुद्धि कर्म का अनुसरण करती है'

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पीएम मोदी ने एक्स पर शेयर किया संस्कृत सुभाषित: 'बुद्धि कर्म का अनुसरण करती है'

सारांश

पीएम मोदी ने 18 जून को एक्स पर संस्कृत श्लोक साझा किया जिसका भाव है — बुद्धि कर्म का, ज्ञान अभ्यास का, और यश परोपकार का अनुसरण करते हैं। यह उनकी उस श्रृंखला की कड़ी है जिसमें वे प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करते हैं।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जून को एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा किया — 'बुद्धिः कर्मानुसारिणी' ।
श्लोक का सार: धन सत्यनिष्ठा का, यश परोपकार का, ज्ञान अभ्यास का और बुद्धि कर्म का अनुसरण करती है।
बुधवार को साझा श्लोक में सम्मान और आत्मविश्वास के परस्पर संबंध पर प्रकाश डाला गया था।
16 जून के सुभाषित में विवेकपूर्ण कार्य को सफलता का आधार बताया गया था।
यह पोस्ट पीएम मोदी की नियमित संस्कृत सुभाषित श्रृंखला का हिस्सा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 18 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें सत्य, परोपकार, अभ्यास और कर्म को जीवन के मूल आधार बताया गया है। यह पोस्ट उनकी उस श्रृंखला का हिस्सा है जिसमें वे नियमित रूप से संस्कृत श्लोकों के माध्यम से प्रेरणादायक संदेश साझा करते हैं।

गुरुवार का सुभाषित: कर्म और बुद्धि का संबंध

पीएम मोदी ने 18 जून को यह संस्कृत श्लोक साझा किया — 'सत्यानुसारिणी लक्ष्मीः कीर्तिस्त्यागानुसारिणी। अभ्याससारिणी विद्या बुद्धिः कर्मानुसारिणी।।' इस श्लोक का भाव है कि धन सत्यनिष्ठा का अनुसरण करता है, यश परोपकार का, ज्ञान अभ्यास का, और बुद्धि कर्म का अनुसरण करती है।

यह श्लोक इस विचार को रेखांकित करता है कि सफलता और समृद्धि बाहर से नहीं, बल्कि व्यक्ति के आचरण और कर्म से स्वतः आकर्षित होती हैं।

बुधवार का संदेश: सम्मान और आत्मविश्वास

इससे एक दिन पहले, बुधवार को प्रधानमंत्री ने श्लोक 'त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌। प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।' साझा करते हुए लिखा कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है।

उन्होंने जोड़ा कि इससे जहाँ आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं एक नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है। इस श्लोक का आशय है कि श्रेष्ठ जनों द्वारा दिया गया आदर-सम्मान व्यक्ति के भीतर उसके अपने गुणों के प्रति विश्वास को दृढ़ करता है।

16 जून का सुभाषित: विवेक और दूरदर्शिता

16 जून को पीएम मोदी ने श्लोक 'सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्। वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥' साझा किया था।

इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविवेकपूर्ण आचरण बड़ी विपत्तियों का कारण बनता है। इसके विपरीत, जो व्यक्ति विचारपूर्वक कदम उठाता है, सफलता और समृद्धि स्वयं उसका वरण करती हैं। उन्होंने लिखा कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं।

नियमित सुभाषित श्रृंखला का महत्त्व

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले कुछ समय से एक्स पर संस्कृत सुभाषितों की एक अनौपचारिक श्रृंखला चला रहे हैं, जिसमें वे प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के श्लोकों को हिंदी अर्थ सहित प्रस्तुत करते हैं। यह पहल संस्कृत भाषा और भारतीय दर्शन को व्यापक जनमानस तक पहुँचाने के उद्देश्य से की जा रही प्रतीत होती है। आने वाले दिनों में भी इस श्रृंखला के जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक सुसंगत 'सांस्कृतिक राजनेता' की छवि को पुष्ट करती हैं। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इन श्लोकों का चयन और प्रस्तुति प्रायः सत्ता-पक्ष के अनुकूल मूल्यों — कर्म, धैर्य, अनुशासन — को रेखांकित करती है, जबकि न्याय या असहमति जैसे शास्त्रीय मूल्य कम दिखते हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने 18 जून को कौन-सा संस्कृत श्लोक साझा किया?
पीएम मोदी ने 18 जून को एक्स पर 'सत्यानुसारिणी लक्ष्मीः कीर्तिस्त्यागानुसारिणी। अभ्याससारिणी विद्या बुद्धिः कर्मानुसारिणी।।' श्लोक साझा किया। इसका भाव है कि धन सत्यनिष्ठा का, यश परोपकार का, ज्ञान अभ्यास का और बुद्धि कर्म का अनुसरण करती है।
पीएम मोदी ने बुधवार को कौन-सा सुभाषित शेयर किया था?
बुधवार को पीएम मोदी ने 'त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌' श्लोक साझा किया था, जिसका भाव है कि श्रेष्ठ जनों द्वारा दिया गया सम्मान व्यक्ति के भीतर उसके अपने गुणों के प्रति आत्मविश्वास को दृढ़ करता है।
16 जून को पीएम मोदी ने क्या संदेश दिया था?
16 जून को पीएम मोदी ने 'सहसा विदधीत न क्रियाम्' श्लोक साझा करते हुए कहा था कि बिना विचारे कोई कार्य नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
पीएम मोदी संस्कृत सुभाषित क्यों साझा करते हैं?
पीएम मोदी नियमित रूप से एक्स पर संस्कृत श्लोक साझा करते हैं, जो प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को व्यापक जनमानस तक पहुँचाने की उनकी पहल का हिस्सा प्रतीत होती है। इन पोस्ट में वे श्लोक के साथ हिंदी अर्थ भी देते हैं ताकि आम पाठक इसे समझ सकें।
इन संस्कृत श्लोकों का सामान्य विषय क्या है?
हाल की श्रृंखला में साझा किए गए श्लोक मुख्यतः कर्म, विवेक, सम्मान और सत्यनिष्ठा जैसे मूल्यों पर केंद्रित हैं। ये श्लोक भारतीय शास्त्रीय साहित्य से लिए गए हैं और व्यक्तिगत जीवन में नैतिक आचरण की प्रेरणा देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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