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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित: 'नि:स्वार्थ कर्म करने वाला ही श्रेष्ठ है'

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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित: 'नि:स्वार्थ कर्म करने वाला ही श्रेष्ठ है'

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा किया — जो नि:स्वार्थ सेवा और राष्ट्र-कर्तव्य को श्रेष्ठता की पहचान बताता है। यह इस सप्ताह उनकी लगातार तीसरी सुभाषित पोस्ट है, जिसमें एकाग्रता, संकल्प और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य के संदेश भी शामिल हैं।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 22 जुलाई 2026, बुधवार को एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा किया।
बुधवार के श्लोक का संदेश: नि:स्वार्थ कर्म और राष्ट्र-सेवा में पराक्रम ही श्रेष्ठता की पहचान है।
मंगलवार को साझा श्लोक में एकाग्रता और संकल्प को स्नायुतंत्र की भाँति विकसित करने का संदेश था।
सोमवार के सुभाषित में धैर्य और विपरीत परिस्थितियों में अडिग रहने को विजय का मार्ग बताया गया।
प्रधानमंत्री ने सोमवार को युवाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 22 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें नि:स्वार्थ सेवा और राष्ट्र-कर्तव्य को श्रेष्ठता की कसौटी बताया गया है। यह श्लोक उनकी हालिया सुभाषित-श्रृंखला का हिस्सा है, जो उन्होंने इस सप्ताह लगातार तीन दिनों तक साझा की।

बुधवार का सुभाषित: नि:स्वार्थ कर्म की महिमा

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर संस्कृत श्लोक 'परकार्येषु युक्तात्मा स्वकार्ये क्षिप्रसाधनम्। सुहृत्कार्येषु निर्वृत्ती राजकार्येषु विक्रमः।।' पोस्ट किया। इस श्लोक का भाव यह है कि जो व्यक्ति दूसरों के कार्यों में पूरी निष्ठा से जुटता है, अपने निजी कार्यों को शीघ्रता व कुशलता से पूर्ण करता है, मित्रों के काम नि:स्वार्थ भाव से सँवारता है और राष्ट्र-कर्तव्य में अपना समग्र पराक्रम लगाता है — वही मनुष्य सच्चे अर्थों में श्रेष्ठ है।

मंगलवार का सुभाषित: एकाग्रता और संकल्प

इससे एक दिन पूर्व मंगलवार को भी प्रधानमंत्री ने एक्स पर संस्कृत श्लोक 'एकाग्रताथ सङ्कल्पः स्नायुवद्‌ वर्द्धनक्षमौ। नित्याभ्यासप्रयोगाभ्यामधिकाधिकमृध्यतः॥' साझा किया था। इस श्लोक का अर्थ है कि एकाग्रता और संकल्प हमारे स्नायुतंत्र के समान हैं — नियमित अभ्यास और सही दिशा में किए गए प्रयत्न से ये निरंतर सशक्त होते जाते हैं और समय के साथ अधिक दृढ़ व प्रभावशाली बनते हैं।

सोमवार का सुभाषित: धैर्य और विजय का संदेश

सोमवार को प्रधानमंत्री ने सुभाषित के साथ लिखा था, 'आज हमारे युवा साथी धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ऐतिहासिक सफलता हासिल कर रहे हैं। यही विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है।' उन्होंने संस्कृत श्लोक 'प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः। दुःखं च काले सहते महात्मा धुरन्धरस्तस्य जिताः सपत्नाः॥' भी साझा किया, जिसका भाव है कि जो व्यक्ति संकट में विचलित नहीं होता, धैर्यपूर्वक कठिनाइयों का सामना करता है और समय पर दुखों को सहजता से सहन करता है — वह अंततः विजयी होता है।

सुभाषित-श्रृंखला का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री मोदी नियमित रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय दार्शनिक और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि संस्कृत सुभाषितों का यह क्रम युवाओं में मानसिक दृढ़ता, सामूहिक सेवा-भाव और राष्ट्र-प्रतिबद्धता के मूल्यों को रेखांकित करता है। यह श्रृंखला आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एकाग्रता और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य जैसे विषयों का चुनाव संयोगवश नहीं लगता — ये 'विकसित भारत' के आख्यान के स्तंभ हैं। हालाँकि, इस तरह की श्रृंखलाओं का प्रभाव तब सार्थक होता है जब नीतिगत निर्णय भी इन्हीं मूल्यों की कसौटी पर खरे उतरें।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 22 जुलाई को एक्स पर कौन-सा सुभाषित साझा किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने 22 जुलाई को संस्कृत श्लोक 'परकार्येषु युक्तात्मा स्वकार्ये क्षिप्रसाधनम्...' साझा किया, जिसका भाव है कि नि:स्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने वाला और राष्ट्र-कर्तव्य में पूर्ण पराक्रम दिखाने वाला व्यक्ति ही श्रेष्ठ है।
इस सप्ताह मोदी ने कितने सुभाषित साझा किए?
प्रधानमंत्री मोदी ने इस सप्ताह सोमवार, मंगलवार और बुधवार — तीन लगातार दिनों में तीन अलग-अलग संस्कृत सुभाषित एक्स पर साझा किए। प्रत्येक श्लोक के साथ उन्होंने हिंदी में उसका भावार्थ भी प्रस्तुत किया।
मंगलवार को साझा किए गए श्लोक का क्या अर्थ था?
मंगलवार के श्लोक 'एकाग्रताथ सङ्कल्पः स्नायुवद्‌ वर्द्धनक्षमौ...' का अर्थ था कि एकाग्रता और संकल्प स्नायुतंत्र की भाँति हैं — नियमित अभ्यास से ये निरंतर मज़बूत होते हैं और समय के साथ अधिक प्रभावशाली बनते जाते हैं।
सोमवार के सुभाषित में PM मोदी ने युवाओं के बारे में क्या कहा?
सोमवार को प्रधानमंत्री ने लिखा कि भारत के युवा साथी धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ऐतिहासिक सफलता हासिल कर रहे हैं और यही विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है। साथ में उन्होंने संकट में अडिग रहने वाले की विजय पर एक श्लोक भी साझा किया।
PM मोदी नियमित रूप से संस्कृत सुभाषित क्यों साझा करते हैं?
प्रधानमंत्री मोदी नियमित रूप से एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा करते हैं, जिसका उद्देश्य भारतीय दार्शनिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाना और समकालीन जीवन-मूल्यों — जैसे सेवा, एकाग्रता, धैर्य — को प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करना है।
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