23 जुलाई 2026
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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित: 'जो पिंड में है, वही ब्रह्मांड में है'

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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित: 'जो पिंड में है, वही ब्रह्मांड में है'

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने इस सप्ताह प्रतिदिन एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा किए — आत्मा और ब्रह्मांड की एकता से लेकर कर्तव्यनिष्ठा, एकाग्रता और संकट में धैर्य तक। यह शृंखला भारतीय दार्शनिक परंपरा को आधुनिक सार्वजनिक विमर्श में स्थापित करने के उनके सतत प्रयास की झलक है।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 23 जुलाई 2026 को एक्स पर संस्कृत श्लोक साझा किया — संदेश: जो आत्मा में है, वही ब्रह्मांड में है।
बुधवार को साझा श्लोक में कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा में पराक्रम को श्रेष्ठता का आधार बताया गया।
मंगलवार के सुभाषित में एकाग्रता और संकल्प को स्नायुतंत्र की भाँति विकसित करने योग्य बताया गया।
सोमवार को युवाओं को समर्पित संदेश में धैर्य और अथक परिश्रम को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत कहा गया।
सप्ताह भर की यह शृंखला भारतीय शास्त्रीय ज्ञान को जनमानस तक पहुँचाने के प्रधानमंत्री के सतत प्रयास का हिस्सा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें आत्मा और ब्रह्मांड की एकता का संदेश निहित है। उनकी पोस्ट में श्लोक 'यश्चायमस्मिन्नाकाशे तेजोमयोऽमृतमयः पुरुषः सर्वानुभूः। यश्चायमस्मिन्नात्मनि तेजोमयोऽमृतमयः पुरुषः सर्वानुभूः॥' प्रस्तुत किया गया, जिसका सार है — जो शक्तिमयी शाश्वत सत्ता विस्तृत आकाश में विद्यमान है, वही हमारी आत्मा में भी है; अर्थात जो पिंड या कण-कण में है, वही ब्रह्मांड में है।

सप्ताह भर का सुभाषित क्रम

यह पोस्ट प्रधानमंत्री की सप्ताह भर चली संस्कृत सुभाषित शृंखला की कड़ी है। बुधवार को उन्होंने श्लोक 'परकार्येषु युक्तात्मा स्वकार्ये क्षिप्रसाधनम्। सुहृत्कार्येषु निर्वृत्ती राजकार्येषु विक्रमः।' साझा किया था, जिसका अर्थ है — जो व्यक्ति दूसरों के कार्यों में पूरी निष्ठा से लगा रहता है, अपने कार्यों को शीघ्रता एवं कुशलता से पूरा करता है, मित्रों की सेवा निःस्वार्थ भाव से करता है और राष्ट्र के कर्तव्यों में पूर्ण पराक्रम दिखाता है, वही श्रेष्ठ है।

मंगलवार को साझा किए गए श्लोक 'एकाग्रताथ सङ्कल्पः स्नायुवद्‌ वर्द्धनक्षमौ। नित्याभ्यासप्रयोगाभ्यामधिकाधिकमृध्यतः॥' में एकाग्रता और संकल्प को मानव स्नायुतंत्र की भाँति बताया गया — जिन्हें नियमित अभ्यास और सही दिशा में प्रयत्न से निरंतर विकसित किया जा सकता है।

सोमवार का संदेश: युवाओं को प्रेरणा

सोमवार को प्रधानमंत्री ने सुभाषित के साथ लिखा था — 'आज हमारे युवा साथी धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ऐतिहासिक सफलता हासिल कर रहे हैं। यही विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है।' इसके साथ श्लोक 'प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः। दुःखं च काले सहते महात्मा धुरन्धरस्तस्य जिताः सपत्नाः॥' साझा किया गया, जिसका भाव है — जो व्यक्ति संकट में विचलित नहीं होता, धैर्य और सावधानी से आगे बढ़ता है और कठिनाइयों को सहजता से सहन करता है, वह अंततः विजयी होता है।

सुभाषित शृंखला का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी समय-समय पर संस्कृत श्लोकों और सुभाषितों को एक्स पर साझा करते रहे हैं। यह प्रवृत्ति उनके सार्वजनिक संवाद में भारतीय दार्शनिक परंपरा को केंद्र में रखने की कोशिश के रूप में देखी जाती है। इस सप्ताह की शृंखला में आत्मशक्ति, कर्तव्यनिष्ठा, एकाग्रता और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य — ये चार विषय प्रमुख रहे।

आगे क्या

यह सुभाषित शृंखला सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की जा रही है और विभिन्न सांस्कृतिक व शैक्षणिक संगठनों ने इसकी सराहना की है। प्रधानमंत्री की ओर से इस तरह के संस्कृत श्लोकों का नियमित प्रसार भारतीय शास्त्रीय ज्ञान को व्यापक जनमानस तक पहुँचाने के प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

धैर्य, एकाग्रता, राष्ट्रसेवा — सरकार के समसामयिक नीतिगत संदेशों से मेल खाते हैं। हालाँकि, इस तरह की शृंखलाओं का व्यापक सांस्कृतिक प्रभाव तब ही मापा जा सकेगा जब इन्हें शैक्षणिक पाठ्यक्रम या सामुदायिक पहलों से जोड़ा जाए — अभी तक यह मुख्यतः डिजिटल प्रसार तक सीमित है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 23 जुलाई को एक्स पर कौन सा सुभाषित साझा किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने 23 जुलाई को संस्कृत श्लोक 'यश्चायमस्मिन्नाकाशे तेजोमयोऽमृतमयः पुरुषः सर्वानुभूः॥' साझा किया, जिसका अर्थ है — जो शाश्वत सत्ता आकाश में है, वही हमारी आत्मा में भी है; अर्थात जो पिंड या कण-कण में है, वही ब्रह्मांड में है।
इस सप्ताह PM मोदी ने कितने सुभाषित साझा किए?
इस सप्ताह प्रधानमंत्री ने सोमवार से गुरुवार तक चार संस्कृत सुभाषित एक्स पर साझा किए। इनमें आत्मा-ब्रह्मांड की एकता, कर्तव्यनिष्ठा, एकाग्रता-संकल्प और संकट में धैर्य के विषय शामिल थे।
सोमवार को PM मोदी ने युवाओं के लिए क्या संदेश दिया?
सोमवार को प्रधानमंत्री ने लिखा कि 'हमारे युवा साथी धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ऐतिहासिक सफलता हासिल कर रहे हैं — यही विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है।' इसके साथ संकट में अडिग रहने वाले व्यक्ति की विजय पर एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया गया।
PM मोदी के सुभाषित साझा करने का क्या महत्व है?
प्रधानमंत्री मोदी समय-समय पर संस्कृत श्लोकों को एक्स पर साझा करते हैं, जो भारतीय शास्त्रीय ज्ञान को आधुनिक डिजिटल मंच पर लाने का प्रयास माना जाता है। यह शृंखला सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सरकार के 'विकसित भारत' के व्यापक संदेश से भी जुड़ती है।
बुधवार को साझा सुभाषित का क्या अर्थ था?
बुधवार के श्लोक 'परकार्येषु युक्तात्मा स्वकार्ये क्षिप्रसाधनम्॥' का अर्थ है — जो व्यक्ति दूसरों के कार्यों में निष्ठा से लगा रहता है, अपने कार्य कुशलता से पूरे करता है, मित्रों की निःस्वार्थ सेवा करता है और राष्ट्र के कर्तव्यों में पूर्ण पराक्रम दिखाता है, वही श्रेष्ठ है।
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