PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत श्लोक: 'निरंतर प्रयास और साधना से प्रतिभा निखरती है'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 4 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक सुभाषित साझा किया, जिसमें निरंतर प्रयास और साधना को प्रतिभा के विकास का आधार बताया। उन्होंने युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे इन्हीं गुणों को आत्मसात कर विश्वभर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
मुख्य संदेश और श्लोक
प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'निरंतर प्रयास और साधना से हमारी प्रतिभा और निखरती है। आज हमारे युवा इन्हीं गुणों को आत्मसात कर दुनियाभर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।' इसके साथ उन्होंने भगवद्गीता से लिया गया संस्कृत श्लोक भी साझा किया — 'न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते। तत्स्वयं योगसंसिद्ध: कालेनात्मनि विन्दति॥'
इस श्लोक का भाव है कि इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र करने वाला कुछ भी नहीं है। जो साधक कर्मयोग के माध्यम से अपने अंतःकरण को शुद्ध कर लेता है, वह समय आने पर उस परम ज्ञान को अपने भीतर स्वयं अनुभव करता है।
एक दिन पूर्व का सुभाषित
इससे एक दिन पहले सोमवार को भी मोदी ने एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा किया था — 'त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः। याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको वाञ्छति कर्म एव।' इस श्लोक का संदेश है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए — ठीक उस कुशल नाविक की तरह जो समुद्र में जहाज टूट जाने पर भी हार नहीं मानता और जीवित रहने का प्रयास जारी रखता है।
गुरु पूर्णिमा पर विशेष संदेश
इससे पहले 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा था कि गुरु न केवल ज्ञान देते हैं, बल्कि शिष्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उन्हें सुविचार और सुसंस्कारों से सुशिक्षित करते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि गुरुओं के आदर्शों को जीवन का संबल बनाया जाए।
इस अवसर पर साझा किए गए श्लोक — 'प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा। शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥' — में गुरु के छह स्वरूपों का वर्णन है: प्रेरणा देने वाला, सही दिशा का संकेत देने वाला, सत्य का उपदेश करने वाला, उचित मार्ग दिखाने वाला, शिक्षा प्रदान करने वाला और आत्मविकास का बोध कराने वाला।
सुभाषित-श्रृंखला का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री मोदी नियमित रूप से एक्स पर संस्कृत श्लोकों और सुभाषितों की एक अनौपचारिक श्रृंखला चला रहे हैं, जो प्रेरणा, धैर्य और ज्ञान जैसे मूल्यों पर केंद्रित है। गौरतलब है कि यह पहल युवाओं को भारतीय दर्शन और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के व्यापक प्रयास का हिस्सा प्रतीत होती है।