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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित: 'विद्या से विवेक, कौशल से विकास, स्वास्थ्य से सिद्धि'

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PM मोदी ने एक्स पर साझा किया संस्कृत सुभाषित: 'विद्या से विवेक, कौशल से विकास, स्वास्थ्य से सिद्धि'

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को एक्स पर संस्कृत श्लोक साझा कर संदेश दिया — विद्या से विवेक, कौशल से विकास और उत्तम स्वास्थ्य से सिद्धि मिलती है। यह उनकी नियमित सुभाषित-श्रृंखला का हिस्सा है, जो शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य जैसी सरकारी प्राथमिकताओं से भी जुड़ती है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 15 जुलाई, बुधवार को एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा किया।
श्लोक का संदेश: कौशल श्रेष्ठ गुण, विद्या सर्वोच्च धन, स्वास्थ्य सबसे बड़ा लाभ और संतोष सर्वश्रेष्ठ सुख है।
मंगलवार को उन्होंने सूर्य और प्रकाश की परस्पर निर्भरता पर श्लोक साझा किया था।
सोमवार के सुभाषित में कन्याओं के हित, नई पीढ़ी के संरक्षण और राष्ट्र-सेवा को जनप्रतिनिधि का कर्तव्य बताया गया।
यह सुभाषित-श्रृंखला राष्ट्रीय शिक्षा नीति , कौशल भारत और आयुष्मान भारत जैसी नीतिगत प्राथमिकताओं से जुड़ती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 15 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक प्रेरक सुभाषित साझा करते हुए युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने लिखा कि विद्या से विवेक, कौशल से विकास और उत्तम स्वास्थ्य से हर संकल्प को सिद्धि मिलती है — और आज का युवा वर्ग इन्हीं गुणों को अपनाकर देश की पहचान को सशक्त बना रहा है।

संस्कृत श्लोक और उसका अर्थ

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में संस्कृत का यह श्लोक उद्धृत किया: 'धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं धनानामुत्तमं श्रुतम्। लाभानां श्रेय आरोग्यं सुखानां तुष्टिरुत्तमा।' इस श्लोक का भाव यह है कि समस्त श्रेष्ठ गुणों में कौशल सर्वोत्तम है, समस्त धनों में विद्या सबसे बड़ी संपत्ति है, समस्त लाभों में उत्तम स्वास्थ्य सर्वश्रेष्ठ है, और समस्त सुखों में संतोष सबसे बड़ा सुख है।

पिछले दिनों के सुभाषित

यह सुभाषित-श्रृंखला का हिस्सा है जो प्रधानमंत्री नियमित रूप से साझा करते हैं। मंगलवार को उन्होंने लिखा था: 'प्रभया हि विना यद्वद् भानुरेष न विद्यते। प्रभा च भानुना तेन सुतरां तदुपाश्रया॥' — जिसका भाव है कि जिस प्रकार सूर्य अपनी प्रभा के बिना दृष्टिगोचर नहीं होता, उसी प्रकार प्रकाश का अस्तित्व भी सूर्य के बिना संभव नहीं। दोनों एक-दूसरे पर पूर्णतः आश्रित हैं।

सोमवार को प्रधानमंत्री ने लिखा था कि जब चौतरफा विकास के साथ हर देशवासी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है, तब राष्ट्र की प्रगति को भी नई गति मिलती है। उन्होंने श्लोक 'कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्। राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे नित्यं विधानमिदमाचरेत्॥' भी साझा किया था, जिसका अर्थ है कि कन्याओं के हितों की समुचित व्यवस्था करना, नई पीढ़ी का संरक्षण और राष्ट्र की एकता, सुरक्षा व समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास करना — ये प्रत्येक जनप्रतिनिधि के नित्य कर्तव्य हैं।

संदेश का महत्व

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह सुभाषित-परंपरा केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि नीतिगत संदेशों का भी वाहक बनती है। विद्या, कौशल और स्वास्थ्य — ये तीनों केंद्र सरकार की प्रमुख नीतिगत प्राथमिकताएँ भी हैं, जो क्रमशः राष्ट्रीय शिक्षा नीति, कौशल भारत मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं में परिलक्षित होती हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा

प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देश में युवा रोज़गार और कौशल विकास की चर्चा तेज़ है। उनका यह कहना कि 'आज का युवा इन्हीं गुणों को आत्मसात कर देश की पहचान को सशक्त बना रहा है', युवा पीढ़ी को प्राचीन भारतीय ज्ञान-परंपरा से जोड़ने का प्रयास माना जा रहा है। आने वाले दिनों में भी इस श्रृंखला के अंतर्गत और सुभाषित साझा किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कौशल और स्वास्थ्य तीनों वही क्षेत्र हैं जहाँ सरकार की प्रमुख योजनाएँ केंद्रित हैं, परंतु इनके क्रियान्वयन पर आलोचक सवाल उठाते रहे हैं। श्लोक प्रेरक हैं, किंतु असली कसौटी यह है कि क्या नीतिगत परिणाम इन आदर्शों के अनुरूप हैं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने 15 जुलाई को एक्स पर क्या साझा किया?
PM मोदी ने 15 जुलाई को एक्स पर संस्कृत श्लोक 'धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं...' साझा किया, जिसमें कौशल, विद्या, स्वास्थ्य और संतोष को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बताया गया। साथ ही उन्होंने युवाओं को इन गुणों को अपनाने की प्रेरणा दी।
मोदी के सुभाषित में संस्कृत श्लोक का क्या अर्थ है?
श्लोक का अर्थ है — सभी गुणों में कौशल सर्वोत्तम है, सभी धनों में विद्या सबसे बड़ी है, सभी लाभों में उत्तम स्वास्थ्य सर्वश्रेष्ठ है और सभी सुखों में संतोष सबसे बड़ा सुख है। यह प्राचीन भारतीय ज्ञान-परंपरा का सार है।
PM मोदी कितनी बार सुभाषित साझा करते हैं?
प्रधानमंत्री मोदी नियमित रूप से — प्रायः प्रतिदिन — एक्स पर संस्कृत सुभाषित या प्रेरक विचार साझा करते हैं। इस सप्ताह सोमवार, मंगलवार और बुधवार तीनों दिन उन्होंने अलग-अलग श्लोक पोस्ट किए।
मोदी के इस संदेश का युवाओं से क्या संबंध है?
प्रधानमंत्री ने सीधे युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे विद्या, कौशल और स्वास्थ्य जैसे गुणों को अपनाकर देश की पहचान को सशक्त बना रहे हैं। यह संदेश कौशल भारत मिशन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसी सरकारी योजनाओं की दिशा से मेल खाता है।
सोमवार को PM मोदी ने कौन-सा श्लोक साझा किया था?
सोमवार को प्रधानमंत्री ने 'कन्यानां सम्प्रदानञ्च...' श्लोक साझा किया था, जिसका अर्थ है कि कन्याओं के हित, नई पीढ़ी का संरक्षण और राष्ट्र की एकता-समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास करना हर जनप्रतिनिधि का नित्य कर्तव्य है।
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